पटना, समदिया
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत सं आयल उत्पाद पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगेबाक घोषणा कएल अछि, जे 7 अगस्त सं लागू हएत। ट्रंप टैरिफक असरि बिहार सन राज्य पर सेहो पड़ए बला अछि, जतए सं पैघ स्तर पर खाद्य सामग्री अमेरिकी बाजार मे पठाओल जाइत अछि। निर्यातक वस्तु मे मखान आ बासमती चाउरक संग कतेको अन्य खाद्य पदार्थ शामिल अछि। नव टैरिफक घोषणा सं मखान किसान आ कारोबारी मे चिंता देखल जा रहल अछि।
बिहार लेल अमेरिका प्रमुख बाजार
बिहारक अर्थव्यवस्था मुख्य रूप सं कृषि आधारित अछि। एहि ठाम उत्पादित खाद्य सामग्रीक मांग अमेरिका आ यूरोपक देश मे बेसी अछि, विशेषतः मखान आ बासमती-कतरनी चाउर। मिथिला आ पूर्ण बिहार सं ढेर मात्रा मे मखान, चाउर, घी, गुलाबजामुन, रेशम, सूती कपड़ा, जूट उत्पाद आ मधुबनी पेंटिंगक हस्तशिल्प अमेरिका पठाओल जाइत अछि।
निर्यात मे मखान अग्रणी
अमेरिकी बाजार मे मिथिला सं सभ सं बेसी निर्यात मखानक होइत अछि, दोसर स्थान पर बासमती आ कतरनी चाउर अछि। एहि सं अलग रेशम, सूती कपड़ा, आम, लीची आ हरदि सेहो पठाओल जाइत अछि। ट्रंपक 25 प्रतिशत टैरिफक घोषणा सं किसान आ निर्यातक दुनू चिन्तित अछि।
उत्पादन आ आय
मिथिला मे सालाना 35,000 टन मखान उत्पादन होइत अछि, जे देशक 90 प्रतिशत अछि। एहि मे सं 15,000 सं 20,000 टन मखान विदेश पठाओल जाइत अछि। अमेरिका लेल सभ साल 500 सं 700 टन मखान निर्यात होइत अछि, जाहि सं किसान आ निर्यातक कें 420 करोड़ सं बेसी आय होइत अछि।
निर्यात वृद्धि आ प्रमुख बाजार
2024-25 मे बिहारक निर्यात 17,283 करोड़ टका रहल, जे 2023-24 केर 16,645 करोड़ टका सं बेसी अछि। मखान निर्यात मे 25 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका लेल होइत अछि, नेपाल लेल 14 प्रतिशत, आ यूएई लेल 8 प्रतिशत। मिथिलाक कोसी क्षेत्र – दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, खगड़िया, सहरसा, सुपौल, पूर्णियां, कटिहार, अररिया, किशनगंज – मे पैघ स्तर पर मखानक खेती होइत अछि, जाहि मे 25,000 सं बेसी किसान संलग्न अछि।
संरचना आ चुनौती
उत्पादन मे अग्रणी होइतहुं, बिहार निर्यात मे पंजाब आ असम सं पछुआ रहल अछि, कारण एतए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग आ निर्यातक बुनियादी ढांचा कमजोर अछि। कार्गो सुविधाक अभाव सं मखानक बीज अन्य राज्य मे बिक्री होइत अछि।
अमेरिका मे कीमत वृद्धि
एहि समय अमेरिका मे एक किलो मखाना 92.88 डॉलर (करीब 8000 टका) मे बिकाइत अछि। टैरिफ लगला पर ई 114.14 डॉलर (करीब 10,000 टका) भए जायत, जाहि सं मांग घटि सकैत अछि आ निर्यात पर असरि पड़ि सकैत अछि।
विशेषज्ञ आ निर्यातकक राय
अर्थशास्त्री विद्यार्थी विकासक मत अनुसार, अतिरिक्त टैरिफ सं अमेरिकी बाजार मे वस्तु महंग भए जायत, डिमांड घटत आ नव बाजारक खोज जरूरी भए जायत। दोसर दिस, पटनाक मखाना निर्यातक सत्यजीत सिंह आ दरभंगाक भुवन सरावगीक मानब अछि जे मखाना अंडर-सप्लाई उत्पाद अछि, मांग स्थिर अछि, तें उद्योग पर खास असरि नहि पड़त।



