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Thursday, January 15, 2026

परीक्षा समाप्त होइते एक मास मे रिजल्ट होय जारी : राज्यपाल

रांची।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार सोमदिन राजभवन मे झारखंडक विभिन्न विश्वविद्यालयक कुलपतिसभक संग उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कएलाह। एहि बैठक मे राज्यक उच्च शिक्षा प्रणाली कें सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण आ राष्ट्रीय मानक अनुरूप बनेबाक दिशा मे कतेको महत्वपूर्ण निर्देश देल गेल।

नामांकनक वृद्धि लेल ठोस प्रयासक निर्देश

राज्यपाल कहलाह जे राज्य मे सकल नामांकन अनुपात राष्ट्रीय औसत सं लगभग 10 प्रतिशत कम अछि। विशेष रूपे ग्रामीण आ दूरदराज क्षेत्र मे नामांकन बढ़ेबाक दिशा मे ठोस प्रयास आवश्यक अछि। कुलपति केवल प्रशासक नहि, बल्कि शैक्षणिक नेतृत्वकर्ता छथि, जिनकर दृष्टिकोण आ सक्रियता उच्च शिक्षा केँ नव दिशा दए सकैत अछि। ओ पीएचडी शोधकार्यक गुणवत्ता, मौलिकता आ नवाचार पर विशेष ध्यान देबाक आग्रह केलाह।

शिक्षक द्वारा नियमित कक्षा नहि लेब गम्भीर चिंताक विषय

राज्यपाल कहलाह जे किछु शिक्षक नियमित रूपे कक्षा नहि लैत छथि, जे गम्भीर चिन्ताक विषय अछि। समस्त शिक्षक कें कक्षा लए आवश्यक रूपे पढ़ाई मे योगदान देबाक निर्देश देल गेल। कुलपति स्वयं कक्षा लए प्रेरणास्त्रोत बनथि। विश्वविद्यालयक रैंकिंग सुधार लेल ठोस प्रयास करबाक बात सेहो कहल गेल। अब समस्या पर नहि, समाधान पर चर्चा हो—ई अपील कएल गेल। झारखंड कें उच्च शिक्षा मे देशक अग्रणी राज्य बनेबाक लक्ष्य राखल गेल।

वित्तीय अनुशासन आ पारदर्शिता पर विशेष बल

सभ विश्वविद्यालय कें समय पर वित्तीय अंकेक्षण करबाक निर्देश देल गेल आ ओकर प्रतिलिपि राजभवन कें सौंपल जाए—ई आदेश देल गेल। क्रय-विक्रय आ प्रशासनिक प्रक्रिया मे पूर्ण पारदर्शिता आ भ्रष्टाचार प्रति जीरो टॉलरेंस केर नीति अपनाएबाक बात कहल गेल।

राज्यपाल निर्देश देलन्हि जे प्लेसमेंट सेल केवल औपचारिक बनिकय नहि रहय, बल्कि प्रभावी ढंग सं कार्य करय। छात्रावास, पुस्तकालय, प्रयोगशालाक सुदृढ़ीकरण संग सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा गार्ड आ एंटी-रैगिंग सेल केर सक्रियता सुनिश्चित करबाक आदेश देल गेल। जे सीसीटीवी खराब अछि, ओकरा बदलल जाए आ सुचारू संचालन लेल एएमसी कराओल जाए।

स्किल डेवलपमेंट आ इंटर्नशिप पर जोर

राज्यपाल स्किल डेवलपमेंट, गुणवत्तापूर्ण इंटर्नशिप आ उद्योग सं साझेदारी बढ़ेबाक आवश्यकता पर बल देलन्हि। ओ ऑनलाइन फीडबैक प्रणाली लागू करि विद्यार्थी सभक नियमित प्रतिक्रिया लेबाक सुझाव देलन्हि। रिक्त शिक्षक आ शिक्षकेत्तर पद पर शीघ्र नियुक्ति लेल राज्य सरकार सं आग्रह कएल गेल। आवश्यकता आधारित शिक्षक केँ स्थानांतरण नहि हो—ई नीति स्पष्ट रूपेँ घोषित कएल गेल।

नामांकन लेल कुलपति स्वयं जाथि, जनप्रतिनिधि कें लिअ सहयोग मे

राज्यपाल कहलाह जे नामांकन मे उदासीनता स्वीकार्य नहि, कुलपति स्वयं क्षेत्र मे जाए आ जनप्रतिनिधि सभक सहयोग लैत माहौल तैयार करथि। मुख्यमंत्री फेलोशिप योजनाक प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देल गेल, जाहिसं पात्र विद्यार्थीकें पूर्ण लाभ भेटय। यदि सेल्फ फाइनांस पाठ्यक्रम मे विद्यार्थीक रुचि नहि अछि, तं ओहि पाठ्यक्रम कें बंद करबाक निर्देश देल गेल।

राज्यपाल स्पष्ट केलन्हि जे विश्वविद्यालय मे ‘एक व्यक्ति – एक पद’ केर सिद्धांत लागू हो। सेवानिवृत्त शिक्षक आ कर्मी केँ प्रत्येक मासक पाँच तारीख धरि पेंशन अनिवार्य रूप सं देल जाए।

राज्यपाल अपेक्षा केलन्हि जे प्रत्येक विश्वविद्यालय लग स्पष्ट विजन डाक्यूमेंट आ मास्टरप्लान हो। निर्माणाधीन भवनक अनुश्रवण हेतु समिति गठित कएल जाए। जर्जर भवनक उपयोग टालल जाए आ ओकर पुनर्निर्माण लेल उच्च शिक्षा विभाग केँ सूचित कएल जाए।

राज्यपाल कहलन्हि जे उच्च शिक्षा केँ राष्ट्रीय मानक सं मेल खेबाक चाही। तीन मास उपरांत पुनः समीक्षा बैठक आयोजित होएत, जाहिमे समस्त निर्देश केर प्रगतिक मूल्यांकन कएल जाएत। ओ स्वयं उच्च शिक्षा सुधार लेल पूर्ण प्रतिबद्धता सं कार्य कऽ रहल छथि आ कुलपतिगण केँ आग्रह केलन्हि जे कोनो आवश्यकताक स्थिति मे निःसंकोच राजभवन सं संपर्क करथि।

राज्यपाल समस्त विश्वविद्यालय केँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समयबद्ध परीक्षा आयोजन, परीक्षा उपरांत एक मासक भीतर परिणाम प्रकाशन आ शैक्षणिक कैलेंडर केर कठोर अनुपालन सुनिश्चित करबाक निर्देश देलन्हि। संगहि प्रत्येक विश्वविद्यालय केँ समय पर दीक्षांत समारोह आयोजित करबाक आदेश देल गेल।

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