पटना, समदिया
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हालहि मे सीतामढ़ीक पुनौराधाम हेतु 882.87 करोड़ रुपैयाक समग्र विकास योजनाक उद्घोषणा करैत मिथिला क्षेत्रक धार्मिक-सांस्कृतिक पुनर्जागरणक नव अध्याय खोलल गेल अछि। जानकी जन्मभूमि रूप मे प्रसिद्ध पुनौराधामक ई मास्टर प्लान ने केवल एकटा विशाल मंदिर निर्माणक संकल्प लए कए आयल अछि, बल्कि समग्र तीर्थ क्षेत्रक आध्यात्मिक, पर्यावरणीय आ सांस्कृतिक विकासक रोडमैप सेहो प्रस्तुत करैत अछि।
जानकी जनमस्थली मंदिर बनत भव्यताक प्रतीक
राममंदिर अयोध्याक तर्ज पर जानकी जन्मस्थान पर 151 फुट ऊंच भव्य मंदिर निर्माणक रूपरेखा तय भए चुकल अछि। ई मंदिर भारतीय शिल्पकला आ धार्मिक वास्तुकलाक उत्तम संगम होयत। प्राचीन मंदिरक जीर्णोद्धार लेल 137 करोड़ टाका आवंटित कयल गेल अछि, जखनकि शेष राशि तीर्थ पथ, सुविधा सभ आ आसपासक सौंदर्यीकरण पर खर्च होयत।
नव रूप मे भेटत तीर्थयात्राक अनुभव
मास्टर प्लानक अनुसार, मंदिर परिक्रमा लेल सुसज्जित सीता वाटिका, लव–कुश वाटिका, कियोस्क, विश्रामगृह, बाल–बगीचा आ कैफेटेरिया आदिक निर्माण होयत। श्रद्धालु लोकनिक सुगमता आ आध्यात्मिक भावनाकें ध्यान मे राखि परिक्रमाक मार्ग चौड़ा आ सौंदर्ययुक्त बनाओल जायत।
हरियाली सं सजल रहत तीर्थ परिसर
जानकी-कुंड, जे परंपरासं प्रजनन आ सौभाग्यक प्रतीक मानल जाइछ, ओकर संरक्षण विशेष रूप सं कयल जाएत। संगहि विस्तारित हरियाली आ स्वच्छ उद्यान, धार्मिक वातावरण कें आर अधिक पावन बनायत।
डिज़ाइन आ वास्तुकला मे भेटत अयोध्या सन अनुभव
अयोध्याक राममंदिरक डिज़ाइन कएनिहार डिजाइन एसोसिएट आइएनसी, नोएडा कें एहि परियोजनाक वास्तुकला सलाहकार बनाओल गेल अछि। मुख्यमंत्री स्वयं डिज़ाइन प्रस्तुतिकाल सार्वजनिक मंच पर योजना कें साझा कए, एकर भव्यता आ मिथिलाक भावना सं जोड़बाक दृष्टिकोण स्पष्ट केने छथि।
ट्रस्ट व्यवस्था सं होयत पारदर्शी संचालन
परियोजनाक संचालन हेतु श्री जानकी जन्मभूमि पुनौराधाम मंदिर न्यास समितिक गठन कैल गेल अछि। ट्रस्टमे राज्यक मुख्य सचिव अध्यक्ष, विकास आयुक्त उपाध्यक्ष बनाओल गेल छथि। सदस्य रूप मे जिला प्रशासन, धार्मिक प्रतिनिधि आ विभागीय अधिकारीसभ समाविष्ट छथि। ट्रस्ट द्वारा परियोजना कार्यान्वयन, वित्तीय प्रबंधन आ निर्माणक निगरानी सुनिश्चित कैल जाएत।
संपर्क व्यवस्था होयत अत्याधुनिक
राम–जानकी मार्गक निर्माण प्रस्तावित अछि, जाहि सं देशक अन्य भाग सं तीर्थयात्रा सीधा आ सुगम बनत। वंदे भारत ट्रेन आ राष्ट्रीय राजमार्ग संग जोड़बाक पहल सेहो एहि मे समाहित अछि। पुनौराधाम जानकी माताक जन्मस्थली होएबाक कारणें मिथिलावासीक आस्था सं जुड़ल अछि। मास्टर प्लानमे धार्मिक पर्यटन संग-संग तीर्थ–उद्योग आ स्थानीय स्वरोजगारक अवसर निर्माणक विशेष ध्यान राखल गेल अछि।
मिथिला कें भेटत नव पहिचान
पुनौराधामक मास्टर प्लान एकटा सर्वसमावेशी प्रयास अछि, जाहि मे भव्य मंदिर, तीर्थपथ, हरियाली, पारंपरिक जल-स्रोत, प्रोफेशनल वास्तुकला, ट्रस्ट आधारित संचालन आ आधुनिक यातायात सुविधा सहित सब पक्षकें समुचित समावेश कैल गेल अछि। ई परियोजना भारतक सांस्कृतिक मानचित्र पर मिथिलाकें नव पहिचान देबाक दिशा मे नीतीश सरकारक दूरदर्शिता आ प्रतिबद्धता कें दर्शबैत अछि।



