रांची। झारखंड विधानसभा बजट सत्रक आइ छठम दिन रहल। सदनक कार्यवाही शुरू होइतहि निरसा विधायक अरुप चटर्जी नगरपालिक सेवा मे नियुक्तिक मामला उठौलनि। ओ सरकार सं पूछलनि जे जेपीएससी सं नियुक्त कर्मचारी सरकारक कर्मी छथि अथवा नगरपालिकाक। ओ नगरपालिक नियुक्ति नियमावलीक मुद्दा सेहो उठौलनि। एकर जवाबमे मंत्री सुदिव्य सोनू बतौलनि जे राज्य सरकार नियुक्ति नियमावली बना रहल अछि आ स्पष्ट कएलनि जे नियुक्त कर्मचारी नगरपालिक सेवा कैडरक कर्मचारी छथि।
सदनमे सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो मोटरयान निरीक्षक नियुक्तिक संबंधमे प्रश्न उठौलनि। एकर जवाबमे परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ बतौलनि जे सरकार 2023 मे 46 पदक अधियाचना कएल गेल छल। अधियाचना बाद 40 मोटरयान निरीक्षकक नियुक्ति कएल गेल, जाहिमे तीन पहिनेसं कार्यरत छलाह आ छह आउटसोर्स सं आनल गेल छलाह। एखन 21 नव पद सृजित कएल गेल अछि, जाहि पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू कएल जाएत।
विधानसभामे लोक निर्माण विभागक लंबित निविदाक मुद्दा गरमायल रहल। विधायक हेमलाल मुर्मू आ मथुरा महतो आरोप लगौलनि जे नियम अनुसार 180 दिनक भीतर निविदाक निष्पादन होनाय चाही, मुदा कतेको मामिलामे एक साल सं बेसी समय बीत गेल अछि, जाहि सं विकास काज प्रभावित भ रहल अछि। जवाबमे मंत्री स्वीकार कएलनि जे प्रक्रिया मे देरी भेल अछि। ओ बतौलनि जे वित्तीय वर्ष 2024-25क सभ लंबित निविदाके शीघ्र निष्पादन लेल विभागीय अधिकारी सभकें निर्देश देल गेल अछि। मंत्री स्पष्ट कएलनि जे 30 दिनक भीतर यदि कोनो निविदा पर निर्णय नहि लेल गेल, चाहे ओकरा पूरा कएल जाए अथवा रद्द, त संबंधित अधिकारी सभक विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कएल जाएत।
सदनमे सड़क आ पुल निर्माण लेल निर्धारित 10 करोड़ रुपयाक सीमा पर सेहो प्रश्न उठल। विधायक अमित कुमार कहलनि जे एहि सीमा कारण पैघ आ जरूरी पुल निर्माण अटकल अछि। हुनकर तर्क रहल जे लागत बढ़ला बावजूद विभागीय प्रावधानमे बदलाव नहि होयबाक कारण विकास काज बाधित भ रहल अछि। एहि पर विधानसभा अध्यक्ष सुझाव देलनि जे यदि ग्रामीण विकास विभाग लग 10 करोड़ सं बेसी लागत वाला पुल निर्माणक प्रावधान नहि अछि, त एहन योजना सभके पीडब्ल्यूडीके हस्तांतरित कएल जाए। एहि सं तकनीकी आ वित्तीय अड़चन दूर होयत आ निर्माण काजमे तेजी आएत।



