पटना, समदिया
बिहार सरकार राज्य कें स्वच्छ ऊर्जा हब बनेबाक दिशा मे महत्वपूर्ण डेग उठबैत आगामी पांच वर्ष, अर्थात् वित्तीय वर्ष 2029–30 धरि 23,968 मेगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादनक लक्ष्य निर्धारित केने अछि। संगहि 6,100 मेगावाट घंटा ऊर्जा भंडारण क्षमताक सेहो लक्ष्य राखल गेल अछि। एहि सं देशक 2070 धरि शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य मे राज्य द्वारा योगदान देब सुनिश्चित होयत।
एहि संदर्भ मे विगत सप्ताह पटना मे बिहार नव आ अक्षय ऊर्जा स्रोत प्रोत्साहन नीति 2025 तथा बिहार पंप्ड स्टोरेज परियोजना प्रोत्साहन नीति 2025 केर सफल क्रियान्वयन हेतु विशेष समझौता ज्ञापन (एनओयू) पर हस्ताक्षर भेल।
सौर, वायु आ जैविक स्रोत सं बनत ऊर्जा
राज्यक ऊर्जा उत्पादन मे प्रमुख योगदान सौर परियोजनासभ सं होयत। जमीन पर स्थापित सौर परियोजनासभ सं 18,448 मेगावाट, सौर पार्क सं 900 मेगावाट (20 मेगावाट सं पैघ), हेलैत सौर संयंत्र सं 495 मेगावाट आ पोखरिक ऊपर उन्नत सौर संयंत्र सं 400 मेगावाट विद्युत उत्पादन होयत। एहि सं अतिरिक्त खेतीक संग-संग ऊर्जा उत्पादन हेतु एग्री-वोल्टिक, वायु ऊर्जा, कचड़ा आधारित बिजली आ बायोमास परियोजनासभ सेहो योजना मे सम्मिलित अछि।
आन ग्रिड अक्षय ऊर्जा सं 1,975 मेगावाट, ऑफ ग्रिड प्रणाली सं 340 मेगावाट, छत पर स्थापित सौर पैनल सं 500 मेगावाट आ लघु जलविद्युत संयंत्र सं 250 मेगावाट विद्युत उत्पन्न होयत। ऊर्जा भंडारण हेतु 6,100 मेगावाट घंटा मे सं 1,600 मेगावाट पंप्ड स्टोरेज आ 4,500 मेगावाट बैटरी भंडारण शामिल अछि।
चारि प्रमुख कम्पनी सं 5,337 करोड़ टकाक निवेश
एहि दीर्घकालीन लक्ष्यक पूर्ति हेतु राज्य सरकार चारि प्रमुख कम्पनी – एलएण्डटी, एनटीपीसी, अवाडा समूह आ सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया संग कुल 2,357 मेगावाट उत्पादन लेल 5,337 करोड़ टकाक निवेश लेल समझौता केने अछि।
बिहार अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी कें जलविद्युत आ पंप्ड स्टोरेज छोड़िकय समस्त परियोजनासभक क्रियान्वयनक दायित्व देल गेल अछि।
निवेशकक लेल विशेष प्रोत्साहन
ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव कहलनि जे हालक वर्षसभ मे बिहार अक्षय ऊर्जा क्षेत्र मे ठोस प्रगति केने अछि। नवीन नीति राज्य कें अग्रणी बनाबय संगहि रोजगार आ निवेशक नव अवसर खोलत। विभागक सचिव मनोज कुमार सिंह कहलनि जे एहि योजना मे निवेश करयवाला सभक लेल विशेष छूट देल जा रहल अछि।
एहि छूट सभ मे औद्योगिक भूमि पर 100 प्रतिशत स्टांप शुल्क आ पंजीयन शुल्क मे छूट, भूमि उपयोग परिवर्तन शुल्क माफी, ट्रांसमिशन आ व्हीलिंग शुल्क मे राहति, विद्युत शुल्क सं छूट, सिंगल विंडो स्वीकृति, ऊर्जा बैंकिंग, फीड-इन टैरिफ, ग्रीन टैरिफ, रूफटॉप सोलर पर विशेष रियायत आ कार्बन क्रेडिट लाभ शामिल अछि।



