पटना, समदिया
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्र सरकारक ‘उड़ान योजना’ अंतर्गत बिहारक प्रमुख नगर सभ कें आपसी हवाई संपर्क सं जोड़बाक दिशा मे आर एकटा महत्वपूर्ण डेग उठेलनि अछि। ओ राज्यक छोट-छोट हवाई अड्डा सभक पुनर्विकास करबाक निर्णय लेलक छथि। मंगलदिन मुख्यमंत्रीक अध्यक्षता मे आयोजित मंत्रिपरिषद् बैठक मे एहि प्रस्ताव कें स्वीकृति देल गेल। एहि निर्णयक अंतर्गत मधुबनी, वीरपुर, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, मुजफ्फरपुर आ सहरसा स्थित हवाई अड्डा सभ कें उड़ान योजना अंतर्गत विकसित करबाक मंजूरी देल गेल अछि। एहि लेल भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) आ बिहार सरकारक बीच समझौता-पत्र कें स्वीकृति प्रदान कयल गेल अछि।
वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारी आ अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ कहलनि जे एहि हवाई अड्डा सभक विकास सं छोट नगर आ पिछड़ल इलाका सभ कें हवाई संपर्कक जाल मे समेटबाक दिशा मे उल्लेखनीय मदति भेटत। ओ कहलनि जे एहि सं ने केवल आम नागरिकक यात्रा सरल आ सुगम बनत, बल्कि पर्यटन, पूंजी निवेश आ क्षेत्रीय आर्थिक गतिकर्म सेहो तीव्र होयत। बिहार सरकारक एहि प्रयास कें राज्यक संतुलित क्षेत्रीय विकास आ यातायात संपर्क नीक बनेबाक नीति सं जोड़िकय देखल जा रहल अछि। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूर्व मे सेहो बारम्बार एहि बात कें स्पष्ट कए चुकल छथि जे विकास तखने सार्थक बनैत अछि, जखन ओ राज्यक प्रत्येक कोना धरि पहुंचैत अछि।
पर्यटन आ औद्योगिक विकास कें भेटत गति
अपर मुख्य सचिव कहलनि जे मधुबनी आ वाल्मीकिनगर मे पर्यटनक असीम संभावना अछि। मधुबनी विश्वविख्यात चित्रकलाक केंद्र थिक, जखन कि वाल्मीकिनगर प्रकृति प्रेमी पर्यटक सभक लेल आकर्षणक स्थल अछि। ओ कहलनि जे मुंगेर आ मुजफ्फरपुर औद्योगिक आ शैक्षणिक दृष्टि सं अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र अछि। सहरसा आ वीरपुर कें जोड़ल जेबा सं कोसी आ सीमांचल क्षेत्र कें नव गति आ ऊर्जा भेटत। सरकारक एहि निर्णय कें बिहारक आधारभूत ढांचा आ क्षेत्रीय संतुलनक दृष्टि सं मीलक पाथर मानल जा रहल अछि।
उड़ान योजना की अछि?
अपर मुख्य सचिव उड़ान योजनाक विषय मे जानकारी दैत कहलनि जे उड़ान केंद्र सरकारक एकटा प्रमुख योजना अछि, जकर उद्देश्य देशक छोट आ मध्यम श्रेणीवाला शहर सभ कें हवाई सेवा सं जोड़ब अछि। एहि योजनाक मूल लक्ष्य हवाई यात्रा कें सुलभ, सस्ता आ आम नागरिकक पहुंच मे आनब अछि।
एहि प्रकारें बिहार सरकारक एहि निर्णय सं राज्यक गाम-शहर, पिछड़ा-आगां सब क्षेत्र मे विकासक समरसता बनत, पर्यटन आ व्यवसाय कें नव दिशा भेटत आ नीतीश कुमारक ‘हर कोना धरि विकास’ केर संकल्प एक पायदान आर आगां बढ़त।
शिक्षा विभाग मे क्लर्क आ लाइब्रेरियनक नियुक्ति होयत
मुख्यमंत्री नीतीश कुमारक नेतृत्व मे राज्य मंत्रिपरिषद् शिक्षा विभागक विभिन्न प्रस्ताव सभ कें स्वीकृति प्रदान केने अछि। एहि निर्णय अंतर्गत उच्च विद्यालय सभ मे लिपिक (क्लर्क) केर नियुक्तिक लेल नव प्रस्ताव कें मंजूरी देल गेल अछि, जाहि सं विद्यालयक प्रशासनिक कार्यक्षमता मे सुधार हेतैक। संगहि, पुस्तकालयाध्यक्ष (लाइब्रेरियन) केर बहाली आ स्थानांतरण (ट्रांसफर) संबंधी नियमावली मे सेहो आवश्यक संशोधन कें स्वीकृत कयल गेल अछि।
एहि सं ई स्पष्ट होइत अछि जे राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था कें मजबूत बनेबाक दिशा मे ठोस प्रयास कए रहल अछि। शिक्षा विभागक समुचित संचालन, निगरानी आ नीतिगत सलाहक लेल तीन टा सलाहकार केर नियुक्ति संविदा आधार पर करबाक निर्णय सेहो लेलक गेल अछि, जाहि पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपन स्वीकृति प्रदान कए देलनि। ओहि सं ई स्पष्ट अछि जे शिक्षा विभाग मे पारदर्शिता, कार्यकुशलता आ जवाबदेही बढ़ेबाक उद्देश्य सं ई निर्णय लेल गेल अछि।
दोसर दिश, पथ निर्माण विभागक अंतर्गत मशीन संबंधी काज सभ कें आर बेसी प्रभावी ढंग सं संपादित करबाक लेल विभागक पुनर्गठन कें सेहो मंत्रिपरिषद् स्वीकृति दय देलक अछि। एहि सं पथ निर्माण आ अनुरक्षण संबंधी कार्य मे गति आ गुणवत्ता दुनू बढ़त।
ताहि सं अलावा, राजस्व विभागक कार्य संचालन मे नीति निर्माण, प्रारूप तय करब आ प्रशासनिक मार्गदर्शनक उद्देश्य सं ‘राजस्व परामर्शदात्री समिति’ केर गठन सेहो स्वीकृत कयल गेल अछि। ई समिति राजस्व संबंधी मामला सभ पर सरकार कें सुझाव देत, जकर आधार पर नीतिगत निर्णय लेल जायत। एहि समस्त निर्णय सभ सं स्पष्ट होइत अछि जे नीतीश सरकार राज्यक प्रशासनिक, शैक्षणिक आ बुनियादी ढांचा संबंधी व्यवस्थाक सुदृढ़ीकरण लेल गंभीर प्रयास मे लागल अछि।



