– गृह मंत्रालयक रिपोर्ट सं भेल खुलासा, 25 कें गृहमंत्री अमित शाह करता समीक्षा
पटना, समदिया
बांग्लादेशी आ रोहिंग्या घुसपैठक प्रश्न पर केंद्रीय गृह मंत्रालय कड़ा रुख अपनौने अछि। मंत्रालय बिहारक सात सीमावर्ती जिला सं विस्तृत कार्ययोजना (एक्शन प्लान) प्रस्तुत करबाक निर्देश देल गेल अछि। एहि सातो जिला द्वारा विदेशी घुसपैठ विरुद्ध संयुक्त रणनीति तैयार कयल जायत। रणनीति तैयार भए गेलाक उपरांत गृह मंत्रालय ओकर समीक्षा करत। विदेश मंत्रालयक निर्देश प्राप्त होइतहि सभ जिला एक संग एहि योजना पर अमल करत। जिलास्तर पर तैयार होइत रणनीतिक योजना मे गुप्तचर विभाग आ विदेश प्रभाग सेहो सक्रिय सहयोग देत। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाहक आगामी सप्ताह प्रस्तावित बिहार यात्रा मे एहि योजना पर विशेष समीक्षा कयल जायत।
बिहारक सात सीमावर्ती जिला—पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया आ किशनगंज – मे विदेशी घुसपैठक घटना निरंतर प्रकाश मे अबैत रहल अछि। प्रशासनिक आ सुरक्षा सूत्रक अनुसार एहि कारणें किछु क्षेत्र मे जनसांख्यिकीय परिवर्तन देखल जा रहल अछि, जे कानून-व्यवस्था लेल गंभीर चुनौती मानल जा रहल अछि। घुसपैठ रोकबाक उद्देश्य सं समन्वित कार्ययोजना बनेबा लेल सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), प्रदेशक मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, आसूचना ब्यूरो (आईबी), राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए), विदेश प्रभाग, अप्रवासन ब्यूरो आ लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एलपीएआई) कें एक मंच पर संगठित भए कए कार्य करबाक निर्देश देल गेल अछि।
गृहमंत्री अमित शाहक बिहार यात्रा काल मे सीमावर्ती जिला मे बांग्लादेशी आ रोहिंग्या घुसपैठ विषय पर एसएसबी, आईबी आ अन्य उच्चस्तरीय अधिकारी सभक संग व्यापक मंथन होयत। संबंधित जिला सभक पुलिस अधीक्षक घुसपैठ, सीमा-चिन्हांकन आ सुरक्षा प्रबंध सं संबंधित विस्तृत विवरण प्रस्तुत करताह। एहि तथ्यात्मक प्रतिवेदन कें सीमावर्ती जिला सभक कार्ययोजना मे समाहित कयल जायत।
एकर अतिरिक्त, सीमावर्ती जिला सभक उच्चाधिकारी मुजफ्फरपुर मे आयोजित होबय जा रहल वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम मे सेहो सहभागिता करताह। एहि कार्यक्रम मे सीमांत क्षेत्रक समग्र विकासक संभावना पर विचार कयल जायत आ आधारभूत संरचना, रोजगार, शिक्षा आ सुरक्षाक दृष्टि सं दीर्घकालिक विकास रूपरेखा तैयार कयल जायत। सरकारक मान्यता अछि जे सीमांत क्षेत्रक सुदृढ़ विकास घुसपैठ सन समस्या पर दीर्घकालिक नियंत्रण मे सहायक सिद्ध होयत।
चुनौती रूप मे उभरल किछु प्रमुख घटनाक्रम
– पटना जिलाक फुलवारीशरीफ क्षेत्र मे प्रतिबंधित संगठन पीएफआई विरुद्ध अनेक आपराधिक प्रकरण दर्ज कयल गेल अछि। एहि संगठन सं संबंधित अजहर परवेज, मो. जलालुद्दीन आ अरमान मल्लिक कें गिरफ्तार कयल जा चुकल अछि।
– गया मे वर्ष 2013 मे महाबोधि मंदिर परिसर मे इंडियन मुजाहिदीन द्वारा विस्फोट कयल गेल छल। एकर बाद ओहि वर्ष पटनाक गांधी मैदान मे सिलसिलेवार बम विस्फोटक घटना घटल, जाहि सं राज्यक सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न उठल।
– ‘गजवा-ए-हिंद’ नामक सोशल मीडिया समूहक संचालन प्रकरण मे बिहारक करीब एक दर्जन संदिग्ध कारागार मे बंद छथि, जहनकि किछु फरार बतायल जा रहल छथि। एहि संदर्भ मे मो. नासीर खान, मो. इमरान मलिक, मो. कफील आ हाजी सलीम अहमद कें उत्तर प्रदेश सं गिरफ्तार कयल गेल छल।
– वर्ष 2022 मे अमृतसर रेलवे स्टेशनक बाहर मधुबनी जिलाक मो. शमशाद आतंकी गतिविधि मे संलिप्तता आरोप मे पकड़ल गेल।
– मुजफ्फरपुर जिलाक बरुराज थाना क्षेत्र मे पीएफआई सं संबंधित झंडा, चित्र आ तलवार बरामद कयल गेल। एहि प्रकरण मे मो. बेलाल उर्फ इरशाद, याकूब खान उर्फ सुल्तान, मो. रियाज मारूफ उर्फ बब्लू आ मो. अफरोज सहित आधा दर्जन संदिग्ध गिरफ्तार कयल गेल। सूचना अनुसार ई संगठन पूर्वी चंपारण क्षेत्र मे प्रशिक्षण शिविर सेहो संचालित करैत छल।
उपर्युक्त घटनाक्रम सभ राज्य आ केंद्र सरकार लेल चेतावनी स्वरूप मानल जा रहल अछि। प्रशासनिक तंत्रक मतानुसार सीमांत क्षेत्र मे सघन निगरानी, सुदृढ़ खुफिया तंत्र, वित्तीय अनियमितता पर नियंत्रण आ सीमा प्रबंधन मे पारदर्शिता आवश्यक अछि। एहि दिशा मे समेकित रणनीति बनाबय आ बहु-एजेंसी समन्वय स्थापित करबाक प्रयास प्रारंभ कयल जा चुकल अछि।
केंद्रीय गृह मंत्रालयक ई पहल सुरक्षा सुदृढ़ीकरण आ सीमावर्ती जिला सभ मे स्थायित्व स्थापित करबाक दृष्टि सं महत्वपूर्ण डेग मानल जा रहल अछि। आब देखबाक विषय रहत जे प्रस्तुत कार्ययोजनाक क्रियान्वयन कतबा प्रभावकारी ढंग सं भए पबैत अछि आ सीमांत क्षेत्र मे सुरक्षा आ विकासक संतुलन कतेक सुदृढ़ बनैत अछि।



