बेनीपुर, गणपति मिश्र
कहैत सुनल जाइछ जे नदी इतिहास बनबैत अछि आ पलक झपकैत वर्तमान कें सेहो मेटा दैत अछि। ठीक एहिने सन घटना बाढ़िक समयमे किछु दिन पहिने दरभंगा जिलाक किरतपुर प्रखंडक भूगोल गाम मे भेल, जे गाम वर्तमान मे नक्शा सं गायब भए गेल अछि। कारण बनल उफनैत कोसी नदीक विकराल भयावह रूप। करीब 100 साल पुरान एहि गाम मे 29 सितंबरक रातिक ठीक 12.45 धरि करीब दो हजार लोक रहैत छलाह। डेढ़ सय सं बेसी पक्का आ करकट (एडवेस्टस) केर घर छल। पूरा मोहल्ला बसल छल। बान्ह टूटल आ सभ तबाह भए गेल। ओतय आब सिर्फ कोसीक पानि, बालू, माटि आ बड़का-बड़का नव बनल खदहाइड़ सभ बांचल अछि। ध्वस्त भऽ चुकल कंक्रिटक दू-चारि घर देखाइतो अछि तं ओकरा नींवक नीचा सं पानि बहि रहल अछि।
सरकारी आंकड़ाक अनुसारे गामक एगो बुजुर्ग दंपत्तिक मौत मात्र भेलन्हि अछि। एमहर भूगोल गाम कें फेर सं बसेबाक लेल नव जमीन ताकल जा रहल अछि। कोसी केर धारमे तबाह भेल भूगोल गामक बांचल लोक सभ गामक लगक बान्ह पर सड़कक कातेकात पॉलिथीन सीट सं बनाओल छतक नीचा राति बितेबा लेल मजबूर छथि। बान्हवला सड़कक दुनु कात करीब 1 किलोमीटर सं बेसी दूरी धरि पॉलीथिन सीट सं बनल हुनका लोकनिक अस्थाई ठेकान देखाइत अछि।

सब किछु तबाह भए गेल…
ग्रामीण कुर्बान रहमानी आ पवन पासवान कहैत छथि जे भूगोल गाम नरकटिया भंडारिया पंचायतमे पड़ैत छल। एहि गाम मे करीब 1200 वोटर छल। रामकिशन शाह कहैत छथि जे हमर माता-पिता एहि बाढ़िमे बहि गेलाह। हालांकि बादमे दुनू गोटेक लहास भेटि गेल मुदा परिवार तबाह भए गेल। ग्रामीण सबहक कहब छन्हि जे हुनका लोकनिक बाप दादा आ ओ सभ जे किछु कमेने छलाह से सभ किछु भूगोल गामक संग नदीमे समा गेल। भूगोल गामक अस्तित्व बांचल रहय ताहि लेल 1957 मे एतय कोसी पर बान्ह बनाओल गेल छल।
गाम कें बसेबा लेल ताकल जा रहल अछि नव जगह
ग्रामीण सभ बताबैत छथि जे हुनका लोकनिक बाप दादा बान्ह बान्हय मे मजदूरी कयने छलाह। ओहि बान्ह बनलाक 10 साल बाद 1967 मे भीषण बाढ़ि आयल छल मुदा ई गाम बांचि गेल छल। 57 साल बाद नेपाल एतेक ने पानि छोड़लक जे कोसी एहि बेर भूगोल गाम कें नक्शा सं मेटा देलक। किरतपुर अंचलक अंचलाधिकारी आशुतोष कहलनि जे भूगोल गाम मे 497 परिवार रहैत छल। प्रत्येक परिवार कें हम 4.25 केर हिसाब सं गुणा करैत छी तं ओहि गाम मे 1118 लोग रहि रहल छलाह। प्रशासन एतुका कच्चा आ पक्का घर सबहक सर्वे करय मे जुटल अछि। सीओ कहलन्हि जे भूभोल गाम कें फेर सं बसेबाक लेल प्रशासन नव जगह जमीन देखि रहल अछि।



