11.7 C
London
Sunday, March 1, 2026

ललित बाबू समस्तीपुर मे कहने छलथि – “हम रही वा नहि, मिथिलाक विकास अवश्य होयत

विद्यापति भवन मे चेतना समिति मनौलक ललित बाबूक जयंती

पटना, समदिया


राष्ट्र निर्माणक अग्रदूत, मिथिला विभूति आ भारतक पूर्व रेल मंत्री पंडित ललित नारायण मिश्रक जयंती चेतना समिति दिस सं मनायल गेल। मौका पर ललित नारायण मिश्र मिथिला विश्वविद्यालयक पूर्व इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. रत्नेश्वर मिश्र कहलनि जे ललित बाबू समस्तीपुर मे कहने छलथि – “हम रही वा नहि, मिथिलाक विकास अवश्य होयत।” ओ कहलनि जे मिथिलाक विकास लेल जे प्रयास ललित बाबू शुरू कयलन्हि, ताहि केर साकार रूप आइ देखल जा सकैत अछि।

डॉ. मिश्र ललित बाबू पर हत्याक साजिशक एखनधरि खुलासा नहि भेलाक कारण चिन्ता व्यक्त केलनि आ कहलनि जे हुनकर संगे जे दुर्घटना भेल, ओकर सही ढंग सं जांच नहि भेल, जाहि कारणे हुनकर मृत्युक गुत्थी एखन धरि नहि सुलझि सकल अछि। सीबीआई अपन रिपोर्ट मे तत्कालीन रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रक मृत्यु लेल आनंदमार्गी कें जिम्मेदार ठहरौने अछि, मुदा मिथिलावासी सभकें ई रिपोर्ट सहज रूप सं स्वीकार नहि भए रहल अछि। ओ कहलनि जे अगर आनंदमार्गीक लोक अपन मांग मनबय चाहैत, तं ओ सत्ता केर शीर्ष कें लक्ष्य बनबैत।

पूर्व इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. रत्नेश्वर मिश्र कहलनि जे समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर जखन हुनका ऊपर बमसं हमला भेल, तं ओहि घटनामे ललित बाबू संग कतेको आन लोक सेहो घायल भेलाह। घायल सभ कें इलाज लेल दरभंगा पठाओल गेल, जे सभ बचि गेलाह, मुदा ललित बाबू कें दानापुर रेलवे अस्पताल लय गेल, जतय अगिला दिन हुनकर निधन भए गेल। डॉ. मिश्र ललित बाबू कें इलाज लेल दरभंगा नहि लय, दानापुर अस्पताल लय जाए पर सेहो सवाल उठेलनि।

मुख्य अतिथि केर रूप मे डॉ. रत्नेश्वर मिश्र कहलनि जे मिथिला क्षेत्र मे रेलवे लाइन केर विस्तार सं लए कए आन क्षेत्रमे सेहो विकासक नींव ललित बाबू रखलन्हि। ओ कहलनि जे जखन ललित बाबू मिथिला क्षेत्रक विकासक प्रस्ताव उच्च स्तर पर राखैत छलाह, तखन अक्सर ओकर विरोध होइत छल। कहल जाइत छल जे ओ क्षेत्र आमदनी नहि दैत अछि, ताहि पर खर्च किएक करब? एहि पर ललित बाबू कहैत छलाह – “जखन क्षेत्रक विकास होयत, तखन आमदनी सेहो बढ़त।”

जखन ललित बाबू रत्नेश्वर मिश्र कें गला लगौलनि

डॉ. रत्नेश्वर मिश्रक पिताजी ललित बाबूक मित्र छलाह। दुनू संगहि पढ़ल-लिखल छलाह। डॉ. मिश्रक पिताजी डॉ. मदनेश्वर मिश्र ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालयक प्रथम कुलपति छलाह। डॉ. मिश्र बतौलनि जे जखन ओ दुमका मे कॉलेज मे लेक्चरर छलाह, तखने ललित बाबू दुमका एलाह। हुनकर आगमन सँ पूर्व कॉलेजक दिस सं बासुकीनाथक तत्कालीन विधायक श्रीकांत झा सं अनुरोध कयल गेल जे ललित बाबू कें कॉलेज मे होमयवला पारितोषिक वितरण कार्यक्रम मे आमंत्रित कैल जाए। विधायक श्रीकांत झा कॉलेजक प्रबंधन केँ कार्यक्रमक तैयारी करबाक निर्देश देलनि, मुदा ओ ललित बाबूसं एहि विषय मे नहि कहलक।

जखन ललित बाबूक हेलिकॉप्टर दुमका मे उतरल, तखने श्रीकांत झा असमंजस मे छलाह जे ललित बाबूक ई जानकारी कतय सं देल जाए। एहि पर जिम्मेदारी डॉ. रत्नेश्वर झा केँ देल गेल। डॉ. रत्नेश्वर हवाईअड्डा पर पहुंचि ललित बाबूक अपन परिचय देलनि। ओ कहलनि जे ओ मदनेश्वर झा केर पुत्र छथि। ई बात सुनिते ललित बाबू हुनका गले लगौलनि आ कॉलेजक कार्यक्रम मे जाय लेल सहर्ष तैयार भए गेलाह।

ललित बाबू पहिने कॉलेजक कार्यक्रम मे गेलाह, तत्पश्चात कांग्रेसक दुमका स्थित पार्टी कार्यालय गेलाह। डॉ. झा कहलनि जे ललित बाबू केवल अपन परिचित लोक कें नहि, बल्कि सभकें समान रूप सँ गले लगाबय मे विश्वास रखैत छलाह। ओ एकटा आरो किस्सा सुनौलनि – जखन ललित बाबू केंद्र सरकार मे मंत्री बनलाह, तखन ओ अपन बहिन सं भेट करबाक लेल गाम गेलाह। ओहि गाम मे हुनकर संग पढ़निहार मित्र कामत भेटला, तखन ललित बाबू हुनका सेहो गला लगौलनि।

मिथिला पेंटिंगक विकास मे योगदान

मिथिला पेंटिंगक विकास मे सेहो ललित बाबूक महत्वपूर्ण योगदान रहल। डॉ. रत्नेश्वर झा बतौलनि जे दिल्ली सँ समस्तीपुर लेल जयंती-जयंता रेलगाड़ी ललित बाबू, रेलमंत्रीक रूप मे, शुरू केलन्हि। एहि ट्रेनक पुरा भीतर मिथिला पेंटिंग उकेरल गेल छल। ओ कला समीक्षिका पुपुल जयकर केँ मिथिला पेंटिंगक समीक्षा करबाक लेल कहलन्हि। संगहि, साहित्यकार मुल्कराज आनंद केँ सेहो एहि पेंटिंग पर लिखबाक लेल कहल गेल। 1934 केर भूकंपक बाद जखन दुनियाभरक लोक मिथिला क्षेत्रक त्रासदी देखबाक लेल एलाह, तखन ओहि क्षेत्रक टूटल भित्ति पर उकेरल चित्रकारी पर पहिल बेर बाहरी लोकक नजर पड़ल। तत्काल सँ आज धरि मिथिला पेंटिंगक विकासक कथा लोकक समक्ष अछि। एहि पेंटिंगक विकास मे ललित बाबूक योगदान केँ नहि भुलायल जा सकैत अछि।

- Advertisement -spot_imgspot_img
Latest news
- Advertisement -spot_img
Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here