पटना, समदिया
अलीनगर विधानसभा केर विधायक मैथिली ठाकुर विधानसभा मे शून्यकालक दौरान सदनमे सरकारक ध्यान अपन क्षेत्रमे लगातार बढ़ैत आगिजनीक घटना दिस आकर्षित करौलनि । ओ तारडीह, घनश्यामपुर आ अलीनगरक तीनू प्रखंडमे फायर स्टेशनक व्यवस्था सुनिश्चित करबाक मांग केलनि। ओ कहलनि जे समय पर अग्निशमन सुविधा उपलब्ध नहि होएबाक कारण प्रत्येक साल जान-मालक भारी नुकसान भए रहल अछि, जे रोकल अत्यंत जरूरी अछि।
विधायक मैथिली ठाकुरक ई मांग क्षेत्रक आपदा-प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करबाक दिशा मे एकटा महत्वपूर्ण पहल मानल जा रहल अछि। एखन धरि ओ नदियामी हाई स्कूल कें मॉडल हाई स्कूलमे तब्दील करेनाइ, कुरसो-नदियामी स्थित जर्जर अस्पतालक जीर्णोद्धार आ अंदौली क्षेत्रमे सड़क योजना के गति देनाय जेकां विकासात्मक मुद्दा प्रभावी ढंगसं उठबैत रहल छथि। एहि सब प्रयासक बाद अग्निशमन सुविधा पर उठाओल गेल सवाल हुनकर दूरदर्शी सोचके प्रमाण दैत अछि। मैथिली ठाकुर जँ आत्मविश्वास आ स्पष्ट संकल्प संग अलीनगर विधानसभा केर गाम-गाम घूमि जनता केर समस्या बुझैत छथि आ ओहि समस्या के सदन धरि पहुंचबैत छथि, तं’ ओ हुनका एकटा सक्रिय आ ज़मीनी विधायकक रूपमे स्थापित करैत अछि। ओ एक दिस जनता बीच रहि हुनकर पीड़ा सुनैत छथि, त’ दोसर दिस पटना केर सदन सं लए कए उच्चस्तरीय योजनागत बैठक धरि अलीनगरक हित मजबूती सं रखैत छथि।
विधायक पर लागैत अपरिपक्वता वा अनुभवहीनताक आरोप पर ओ प्रतिक्रिया देनाय सं बेसी अपन काज सं जवाब दैत नजर अबैत छथि। पार्टीक भीतर आ बाहर सं होइत आलोचना केर बावजूद ओ अपन विकासक एजेंडा सं कोनो समझौता नहि केने छथि। अलीनगर विधानसभा मे बहुत दिन सं चलि रहल गुटबाजी, दिखावटी विकास आ स्वार्थ आधारित राजनीति सं अलग हटि मैथिली ठाकुर एकटा अलग कार्यशैली प्रस्तुत केने छथि। ओ ओहि कथित नेता सभ के हाशिये पर रखलनि अछि, जिनकर राजनीति फोटो, प्रचार आ सोशल मीडिया धरिये सीमित रहल अछि। एकर परिणाम स्वरूप हुनकर लोकप्रियता न केवल क्षेत्रमे बल्कि व्यापक स्तर परो बढ़ल अछि। एहि पूरा प्रयासमे विधायक केर पिता रमेश ठाकुरक सक्रिय भूमिका सेहो देखल जा रहल अछि। एक तरह सं पूरा परिवार अलीनगरक सेवा मे समर्पित नजर अबैत अछि। जं ई रफ्तार बनल रहल, तं’ क्षेत्रमे वर्षो सं सक्रिय दिखावटी आ अवसरवादी राजनीति केर पकड़ कमजोर पड़नाय तय अछि। विधायक मैथिली ठाकुरक आगू आओर योजनासभ अछि। हुनकर कार्यशैली ई संकेत दैत अछि जे ओ बाजय सं बेसी काज करय मे विश्वास रखैत छथि, आ इएह बात हुनका अलग पहचान दैत अछि।



