जनजातीय अस्मिता आ विरासत संरक्षण पर देलनि जोर
गुमला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलदिन झारखंडक गुमला जिला अंतर्गत रायडीह प्रखंड मे आयोजित अंतरराज्यीय जन-सांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा’ मे मुख्य अतिथि रूपे शामिल भेलीह। एहि अवसर पर ओ जनजातीय समाजक अस्मिता आ सांस्कृतिक विरासत केँ संरक्षित रखबाक आवश्यकता पर विशेष जोर देलनि। राष्ट्रपति युवावर्ग सं आह्वान कएलनि जे ओ अपन सांस्कृतिक जड़ि सं जुड़ल रहैत आधुनिक शिक्षा, विज्ञान आ तकनीक केर माध्यम सं आगू बढ़थि।
राष्ट्रपति कहलनि जे शिक्षा विकासक सब सं पैघ पूंजी अछि आ एकर विस्तार-संवर्द्धन सं ही समाज आ राज्यक समग्र विकास संभव अछि। गुमला निवासी महान जनजातीय नायक पंखराज साहेब कार्तिक उरांवक स्मृति केँ नमन करैत राष्ट्रपति कहलनि जे ओ सभ लेल प्रेरणास्रोत छलाह। विदेश सं शिक्षा प्राप्त करबाक बावजूद ओ अपन सोच केँ अपन माटी आ अपन लोक लेल समर्पित रखने छलाह आ शिक्षा केँ समाज परिवर्तनक सब सं सशक्त माध्यम मानने छलाह। राष्ट्रपति कहलनि जे आइ ओहि भावना केँ ‘कार्तिक जतरा’ माध्यम सं लोक स्मरण कए रहल छथि, जे एकटा सार्थक पहल अछि।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कहलनि जे गुमला जिला मे विश्वविद्यालयक स्थापना पंखराज उरांवक सपना छल, जे शीघ्र साकार कएल जाएत। ओ कहलनि जे झारखंड, छत्तीसगढ़ आ ओडिशा केँ जोड़निहार ई क्षेत्र नदी, पहाड़, पठार आ जंगल सं समृद्ध अछि आ देशक प्राचीनतम परंपरा सभक साक्षी रहल अछि। भगवान बिरसा मुंडाक जन्मभूमि आ कर्मभूमि झारखंड मे आबि कए हुनका तीर्थ यात्रा जेकाँ अनुभव होइत अछि। राष्ट्रपति कहलनि जे बिरसा मुंडा आइ पूरे देश मे सामाजिक न्याय आ जनजातीय गौरवक महान प्रतीक रूपे सम्मानित छथि।
गुमला जिलाक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालैत राष्ट्रपति कहलनि जे महान समाज सुधारक आ स्वतंत्रता सेनानी जतरा टाना भगतक जन्म सेहो एहि धरती पर भेल छल। ओ महात्मा गांधीक आदर्श अनुसार ब्रिटिश शासनक विरुद्ध अहिंसक आंदोलनक नेतृत्व कएलनि। राष्ट्रपति 1971 केर भारत–पाक युद्ध मे अद्वितीय वीरता देखाबए बला परमवीर चक्र विजेता शहीद एल्बर्ट एक्का केँ सेहो श्रद्धापूर्वक स्मरण कएलनि, जिनकर जन्मस्थली गुमला जिला अछि।
अपन संबोधन मे राष्ट्रपति जनजातीय समुदायक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत केर खुलिकए सराहना कएलनि। ओ कहलनि जे आदिवासी समाजक संगीत, नाटक, नृत्य आ कला परंपरा अत्यंत समृद्ध अछि, एहि कारण देश भर सं 100 सं अधिक आदिवासी कलाकार सभ केँ पद्मश्री सम्मान सं नवाजल गेल अछि।
कार्यक्रमक दौरान देशक विभिन्न राज्य सं आएल आदिवासी पारंपरिक नृत्य मंडली सभ अपन लोककला आ संस्कृति केर आकर्षक आ रंगारंग प्रस्तुति देलक। एहि अवसर पर बड़ी संख्या मे लोक उपस्थित रहल आ पूरा क्षेत्र उत्सवमय वातावरण सं भरल रहल।
पंखराज साहेब कार्तिक उरांव चौक बैरियर बगीचा, मांझाटोली मे आयोजित एहि कार्यक्रम मे राष्ट्रपति संग झारखंडक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, छत्तीसगढ़क मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, ओडिशाक मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव, एसटी–एससी विषयक संसदीय समिति केर अध्यक्ष फगन सिंह कुलस्ते आ झारखंडक राज्यपाल संतोष गंगवार सेहो उपस्थित छलाह।



