उपस्थित सभ लोक हुनकर आदर्श पर चलबाक आ मिथिला आ देशक विकास लेल निरंतर काज करबाक संकल्प लेलनि
पटना, समदिया
चेतना समिति, पटनाक तत्वावधान मे मिथिलाक महान सुपुत्र स्वर्गीय ललित नारायण मिश्र जीक 103म जयंती श्रद्धा, सम्मान आ प्रेरणासं भरल वातावरण में मनाओल गेल। एहि कार्यक्रमक उद्देश्य हुनकर राष्ट्रनिर्माण, मिथिलाक सर्वांगीण विकास आ भारतीय राजनीति में देल गेल अतुलनीय योगदान के स्मरण करब रहल।
कार्यक्रमक शुरुआत स्व. ललित नारायण मिश्र जीक तैलचित्र पर माल्यार्पण आ पुष्पांजलि अर्पित कए कएल गेल। विनोद नारायण झा कहलनि जे 02 फरवरी, 1923 केे बिहारक सुपौल जिला अंतर्गत बसुपट्टी (बलुआ) गांव में जन्म लेल स्व. ललित नारायण मिश्र अपन संपूर्ण जीवन पिछड़ल मिथिला क्षेत्रक राष्ट्रीय मुख्यधारा सं जोड़बाक लेल समर्पित कए देलनि। हुनकर प्रयासक बराबरी आज धरि केओ नहि कए सकल अछि।
कार्यक्रमक अध्यक्षता चेतना समितिक अध्यक्ष विवेकानंद झा कएलनि। मुख्य अतिथि रूपे शिक्षाविद् डॉ. रत्नेश्वर मिश्र उपस्थित रहलाह। विशिष्ट अतिथि रूपे बिहार सरकारक पूर्व मंत्री आ वर्तमान विधायक विनोद नारायण झा कार्यक्रमक शोभा बढ़ौलनि। प्रमुख वक्ता रूपे बिबेकानन्द ठाकुर आ डॉ. प्रेम लता मिश्र ‘प्रेम’ अपन-अपन विचार प्रस्तुत कएलनि।
वक्तासभ हुनकर छात्र जीवन आ राजनीतिक यात्रा पर प्रकाश दैत कहलनि जे हुनका पटना विश्वविद्यालय सं अर्थशास्त्र में एमएक शिक्षा प्राप्त भेल छल। वर्ष 1950 में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति क सदस्य बनेलाक बाद हुनका राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान प्राप्त भेल। 1972 में ओ सर्वसम्मति सं कांग्रेस कार्यसमितिक सदस्य चुनल गेलाह।
अपन राजनीतिक जीवन में स्व. ललित नारायण मिश्र संसदीय सचिव, योजना, श्रम आ रोजगार मंत्रालय (1957–1960) सहित अनेक महत्वपूर्ण दायित्वक सफल निर्वहन कएलनि। वर्ष 1973 सं1975 धरि भारतक रेल मंत्री रहैत ओ मिथिलांचलक विकास लेल ऐतिहासिक काज कएलनि। रेल मंत्री रूपे मिथिलांचलक 36 रेल परियोजनाक सर्वेक्षण कें स्वीकृति देलनि, जाहिमे झंझारपुर–लौकहा आ भपटियाही–फारबिसगंज रेल लाइन जेकां महत्वपूर्ण योजनासभ शामिल रहल। ‘वैशाली एक्सप्रेस’ आ ‘ जयंती जनता एक्सप्रेस’ जेकां ट्रेनसभ मिथिला कें राष्ट्रीय मानचित्र पर गौरव प्रदान कएलक।
विदेश व्यापार मंत्री रूपे हुनका नेपाल–भारतक बीच बाढ़ नियंत्रण आ कोशी परियोजनाक अंतर्गत पश्चिमी नहर निर्माण लेल महत्वपूर्ण समझौता सम्पन्न कराबैत रहलनि। संगहि मिथिला चित्रकलाक (मधुबनी पेंटिंग) देश-विदेश में पहचान देबामे हुनकर योगदान अविस्मरणीय रहल। वक्तासभ ईहो उल्लेख कएलनि जे मातृभाषा मैथिली प्रति हुनकर गहन प्रेम आ सतत प्रयासक परिणामस्वरूप वर्ष 1963–64 में मैथिली भाषाक साहित्य अकादमी द्वारा मान्यता प्राप्त भारतीय भाषाक सूची में सम्मिलित कएल गेल।
चेतना समितिक पदाधिकारीसभ कहलनि जे स्व. ललित नारायण मिश्र जीक जीवन आजुक पीढ़ी लेल राष्ट्रसेवा, ईमानदारी, दूरदृष्टि आ विकासात्मक सोचक जीवंत उदाहरण अछि। 03 जनवरी, 1975 केँ समस्तीपुर बम विस्फोट कांड में हुनकर असामयिक निधन राष्ट्र लेल अपूरणीय क्षति रहल, तथापि हुनकर विचार आ काज आजो समाज कें प्रेरणा दैत अछि।
मुख्य अतिथि डॉ. रत्नेश्वर मिश्र अपन संबोधन में कहलनि जे स्व. ललित नारायण मिश्र मिथिला मात्र नहि, बल्कि समूचा राष्ट्र लेल विकास, ईमानदारी आ दूरदृष्टिक प्रतीक रहलाह। विशिष्ट अतिथि विनोद नारायण झा कहलनि जे रेल मंत्री रूपे स्व. ललित नारायण मिश्र द्वारा स्वीकृत योजनासभ मिथिलांचलक विकासक रीढ़ अछि।
चेतना समितिक सचिव जयदेव मिश्र सभागार में उपस्थित लोकसभक स्वागत करैत पंडित ललित नारायण मिश्र कें नमन कएलनि आ हुनका “मिथिलाक लाल” कहलनि—जे अपन अंतिम समय धरि लोककल्याण लेल काज करैत रहलाह। वक्ता बिबेकानन्द ठाकुर हुनका मिथिलाक आवाज़ कें दिल्ली धरि पहुंचाबए वाला सशक्त नेता बतौलनि, जखनकि डॉ. प्रेम लता मिश्र ‘प्रेम’ हुनकर व्यक्तित्व कें भाषा, संस्कृति आ जनकल्याण प्रति समर्पित बतबैत कहलनि जे हुनकर जीवन आजुक पीढ़ी लेल प्रेरणास्रोत अछि।

बिनोदानंद मिश्र (वरीय अधिवक्ता), समितिक उपाध्यक्ष, विप्रेन्द्र झा माधव, अध्यक्षीय भाषण विवेकानंद झा द्वारा देल गेल आ धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष मंजू झा द्वारा कएल गेल। कार्यक्रमक अंत में उपस्थित सभ लोक हुनकर आदर्श पर चलबाक आ मिथिला आ देशक विकास लेल निरंतर काज करबाक संकल्प लेलनि। कार्यक्रम में समितिक उपाध्यक्ष मंजू झा, विप्रेन्द्र झा माधव, संयुक्त सचिव सतीश चंद्र झा, दिनेश चंद्र झा, मनोज कुमार झा, श्रीनारायण झा, सुश्री प्रियंका मिश्र, पूजा कुमारी झा, जयनारायण ठाकुर, किशोर कुमार चौधरी, शिशिर चन्द्र मिश्र, प्रशान्त मिश्र सहित काफी संख्या में लोक उपस्थित रहलाह।



