– चुनाव मे पैसा लए कए टिकट लगेबाक लागल आरोप तं भड़कि उठल मामला
– झंडा मे लागल डंडा बनि गेल हथियार, कतेको लोक भेलाह घायल
फोटो : एमबीआइ
मधुबनी, प्रो. अरुण कुमार
मधुबनी जिला कांग्रेस कार्यालय ललित भवन मंगल कें संघर्षक स्थल बनि गेल। देखिते-देखिते कार्यकर्त्ता सभ दू गुट मे विभाजित भए एक-दोसरा पर डंडा चलाबय लागल। कार्यकर्त्ताक बैसार युद्धक मैदान बनि गेल। बीचबचावक बाद मामला शांत जरूर भेल, मुदा मधुबनी जिला कांग्रेसक अंतर्गत विवाद खुलि कए सामने आबि गेल, आ ई तखन भए रहल छल जहन बिहार प्रदेश कांग्रेसक अध्यक्ष राजेश राम आ वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान उपस्थित छलाह।
मंगल कें मधुबनी जिला कांग्रेस कार्यालय मे तय कार्यक्रमक अनुसार जिलाक विभिन्न स्थान सं कार्यकर्त्ता सभ पहुंचल छलाह। कार्यालय मे चुनावक बाद पहिल बेर भारी चहल-पहल देखल गेल। तय समयक अनुसार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम आ वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान कार्यक्रम मे पहुंचलाह। बैठक प्रारंभ भेल।
मुख्य बिंदु छल केंद्रक मनरेगा योजना सं पूज्य बाबूक नाम हटाकए जी रामजी करब आ बजट मे केंद्रांश घटाकए 80 प्रतिशत सं 40 प्रतिशत करबाक चर्चा आ विरोधक स्वरूप पर विचार करब। एहि बीच किछु कार्यकर्त्ता बीतल विधानसभा चुनाव मे टिकट बंटबाराक विषय छेड़ि देलनि। ओ सभ कांग्रेसक वरिष्ठ नेता आ बैठक मे अतिथि रूप मे आएल शकील अहमद खान पर आरोप लगौलनि जे ओ लोकनि पैसाक बदला खास उम्मीदवार कें टिकट दिएबाक पैरवी कएने छथि। एहि पर हंगामा भए गेल।
किछु लोग बुझेबाक प्रयास कएलक, मुदा बात आगू बढ़ि गेल। शकील अहमद खानक समर्थक कार्यकर्त्ता सभ कें ई बात नीक नहि लागल, आ ओ सभ मैदान सम्हारि लेलनि। झंडा मे लागल डंडा अस्त्र बनि गेल आ कार्यालय युद्धक मैदान बनि गेल। कतेको कार्यकर्त्ता घायल भए गेलाह। फलतः आजुक सभ कार्यक्रम स्थगित कए देल गेल।
पटना सं आएल प्रदेश अध्यक्ष सहित सभ आगंतुक बिना कार्यक्रम पूरा कएने वापस लौटि गेलाह। आब देखबाक अछि जे प्रदेश नेतृत्व एहि माइरपीटक घटना कें कोन दृष्टिकोण सं देखैत अछि आ अनुशासनात्मक कार्रवाई करत अथवा नहि।
कांग्रेसक वरिष्ठ कार्यकर्त्ता आ मधुबनी नगर निगमक उपमहापौर कहलनि जे आइ कांग्रेस कार्यालय मे जे भेल, ओ दुखद अछि। एहि सं जिलाक बदनामी भेल अछि। हालांकि, दुनू पक्षक लोक अपनहि छथि। मिथिलाक संस्कृति अछि जे आगंतुकक सम्मान करब आवश्यक अछि। यदि कोनो शिकायत छल, तं ओकरा उचित मंच पर उठेबाक चाही। तथापि आजुक विषय चुनावी समीक्षा नहि छल।



