पटना, समदिया
बेगूसराय सं दिल्ली जा रहल चलैत स्लीपर एसी बस मे बृहस्पतिक भोर आगि लागि गेल। घटनास्थल लखनऊ छल। एहि बेगूसरायक बिहारक 5 लोक जरि कए मरि गेल। मृतक सभमे कियो माय-बेटी तं कियो पिता-बेटी छल। बस मे लगभग 80 यात्री सवार छलाह। एंबुलेंस चालक कहलनि जे बच्चाक शव सीट पर भेटल, मुदा महिला आ पुरुष सीटक नीचां सं भेटल। मृतकक पहिचान समस्तीपुर जिलाक हसनपुर निवासी लख्खी देवी (55) आ सोनी (26), सीतामढ़ीक देवराज (4), साक्षी (2) आ बेगूसरायक मधुसूदनक रूप मे भेल अछि।
ई दुर्घटना भोर 5 बजे लखनऊक आउटर रिंग रोड (किसान पथ) पर मोहनलालगंज लग भेल। ओहि समय अधिकांश यात्री सूतल छलाह। यात्री सभ बतौलनि जे बस मे अचानक धुआं भरय लागल। लोक सभ किछु बूझि नहि सकल। किछुए मिनट मे तेज धधरा उठय लागल। बसक भीतर भगदड़ मचि गेल। ड्राइवर आ कंडक्टर आगि लागल बस छोड़िकय भागि गेल। ड्राइवरक सीट लग एकटा अतिरिक्त सीट लागल छल। एहिसं यात्री कें नीचा उतरबा मे परेशानी भेल। बहुत रास यात्री फंसिकय खसि पड़लाह।
आसपासक लोक सभ पुलिस आ फायर ब्रिगेड कें सूचना देलक। जाबत धरि दमकलक गाड़ी पहुंचल, ताबत धरि बस पूरा तरहें जरि चुकल छल। दमकल लगभग 30 मिनट मे आगि पर काबू पौलक। जखन भीतर पहुंचल तं 5 जरल शव भेटल।
बसक इमरजेंसी गेट नहि खुजल
पुलिसक प्रारंभिक जांच मे ई बात सामने आयल अछि जे बसक इमरजेंसी गेट नहि खुजल। एहि कारणें पाछां बैसल यात्री फंसि गेलाह। बस मे पांच-पांच किलोक सात गैस सिलिंडर छल, मुदा कोनो सिलिंडर फूटल नहि। बस (यूपीआइ 7 एटी 6372) बुध दिन 12:30 बजे बेगूसराय सं दिल्लीक लेल निकलल छल। राति 12 बजे गोरखपुर मे यात्री सवार भेलाह। भोर 4:40 बजे लखनऊ आउटर रिंग रोडक कटे भीट गामक लग बस मे आगि लागि गेल।
बस सवार अनुज सिंह कहलनि जे बसक इंजन मे स्पार्किंग भेला सं आगि लागि गेल। घटनाक समय अधिकांश यात्री सूतल छलाह। आगि लागलाक बाद बस मे चीख-पुकार मचि गेल। ड्राइवर आ कंडक्टर ई देखिकय कूदि कए भागि गेलाह। बस मे पर्दा लागल छल, जाहि कारण सं आगि तेजी सं पसरि गेल। बसक आगां बैसल लोक तं कोनो तरहें बांचि गेलाह, मुदा पाछां बैसल लोक फंसि गेलाह। इमरजेंसी गेट खोलबाक प्रयास भेल, मुदा ओ नहि खुजल। तखन यात्री खिड़की तोड़िकय कूदय लागलाह। हमर संगे पत्नी छलीह। हम तुरंत हुनका जगेलहुं। हम दुनू बस सं उतरय लगलहुं, तं ड्राइवरक लग अतिरिक्त सीट मे फंसिकय हम खसि पड़लहुं।
कोनो तरहें प्राण बांचल
हमर ऊपर सं एकटा लोक चढ़िकय निकलि गेल। कोनो तरहें हमर प्राण बांचल। बहुत रास लोक हमरे जेकां बस सं निकलबा मे फंसिकय खसि पड़लाह। जे खसल ओ फेर उठि नहि सकल। लोक सभ हुनका कुचलैत बाहर निकलि गेल। अधिकांश लोकक सामान बस मे जरिकय छाउर भए गेल। प्रत्यक्षदर्शी लोकनिक कहब अछि जे बसक गैलरी मे यात्री सभक सामान राखल छल। आगि लगला पर यात्री पहिने अपन सामान निकालय लगलाह। एहि भगदड़ मे बहुत लोक ओत्तहि फंसिकय खसि पड़लाह।



