पटना, समदिया
मैथिली भाषा आ मिथिला संस्कृतिक संरक्षण, संवर्धन आ विकासक लेल समर्पित अग्रणी संस्था चेतना समिति, पटनाक त्रैवार्षिक चुनाव 20 जुलाई कें सफलता पूर्वक संपन्न भेल। ऐतिहासिक संस्था चेतना समिति, जे 1954 मे वैद्यनाथ मिश्र ‘यात्री’ द्वारा स्थापित भेल छल, विगत सात दशक सं निरंतर मिथिला मे सामाजिक, सांस्कृतिक आ साहित्यिक चेतनाक दीप प्रज्वलित कए रहल अछि। एहि संस्थाक नव नेतृत्वक लेल चुनाव उत्साहपूर्ण वातावरण मे संपन्न भेल।
मतदान लेडी स्टीफेंस हॉल, पटना मे 20 जुलाई कें संपन्न भेल, जकरा बाद विद्यापति भवन मे राति एक बजे धरि मतगणना चलल। बता दी जे संस्था मे आजीवन सदस्यक कुल संख्या लगभग 3000 अछि, जाहि मे 1437 सदस्य मतदान केलनि।
अध्यक्ष पद पर विवेकानन्द झा 733 मत प्राप्त कए अपन प्रतिद्वन्द्वी ऋषि मिश्र कें 128 मतक अंतर सं पराजित करैत विजयी घोषित भेलाह। ई परिणाम मैथिली भाषाक प्रति लोकक जागरूकता आ चेतना समिति मे लोक विश्वासक प्रतिबिंब रूप मे देखल जा रहल अछि।
सचिव पद लेल जयदेव मिश्र 742 मत सं भारी जीत प्राप्त केलनि, जखनकि हुनकर निकटतम प्रतिद्वन्द्वी विवेकानन्द ठाकुर कें मात्र 575 मत भेटल। कोषाध्यक्ष पद पर श्रीनारायण झा 162 मतक अंतर सं विजयी रहलाह। संगठन सचिव पद पर प्रियंका मिश्र प्रशांत कुमार मिश्र कें 12 मतक अल्प अंतर सं हराकय जीत दर्ज केलनि, जाहि मे कड़गर मुकाबला देखल गेल।
प्रचार सचिव पद पर पूजा कुमारी झा 777 मतक संग सर्वाधिक मत प्राप्त करयवाली उम्मीदवार बनलीह, जे जनसंपर्क आ प्रचार क्षेत्र मे हुनकर जनाधार कें देखबैत अछि।
तीन उपाध्यक्ष पद क्रमशः उमेश मिश्र (794), मंजू झा (768) और विपेंद्र झा ‘माधव’ (659) कें भेटल, जे एकटा संतुलित आ अनुभव संपन्न नेतृत्वक रूप मे देखल जा रहल अछि। संयुक्त सचिव पद पर मनोज कुमार झा (719), दिनेश चन्द्र झा (669) आ सतीश चन्द्र झा (667) अपन-अपन प्रतिद्वन्दी कें हराकय निर्वाचित भेलाह।
नव निर्वाचित अध्यक्ष विवेकानन्द झा स्पष्ट केलनि जे संस्था मिथिला आ मैथिलीक संरक्षण आ संवर्धन लेल काज करत। हिनकर प्राथमिकता मे महिला सशक्तिकरण, विद्यापतिक रचना समेत आन महत्वपूर्ण रचनाक अंग्रेजी अनुवाद, छात्र-छात्राक लेल सांस्कृतिक प्रतियोगिता, मैथिली नाट्योत्सव, लोकगीत-संगीत केर संरक्षण, डिजिटल पुस्तकालय, साहित्यिक गोष्ठी आ ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान प्रमुख रूप सं शामिल अछि।
ओ कहलनि जे हमर लक्ष्य अछि जे यात्री चेतना पुरस्कार कें साहित्य अकादमी स्तर सन प्रतिष्ठित बनायब। चेतना समितिक मंच मैथिली-मिथिलाक नव जागरण लेल प्रेरणा स्रोत बनत।



