पटना, समदिया
सुप्रीम कोर्ट बिहार मे मतदाता सूचीक मसौदा (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) केर प्रकाशन पर कोनो रोक नहि लगौलक अछि। तथापि, अदालत चुनाव आयोग कें निर्देश देलक अछि जे ओ एहि प्रक्रिया मे आधार कार्ड आ मतदाता फोटो पहचान पत्र अर्थात वोटर आईडी कें सम्मिलित करए। विशेष गहन पुनरीक्षण पर सुनवाईक अगिला तारीख आब मंगलदिन निर्धारित कएल गेल अछि। पीठ चुनाव आयोग कें ई सेहो कहलक जे ई संपूर्ण प्रक्रिया नाम हटेबाक बदला नाम जोड़बाक दिशा मे होयबाक चाही।
अदालत याचिकाकर्ता सभक अधिवक्ता सभ सं पुछलक जे बहसक लेल के कतबा समय लेब। पिछला सुनवाई मे सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग कें सुझाव देने छल जे ओ दस्तावेजक सूची मे आधार कार्ड, वोटर कार्ड आ राशन कार्ड कें शामिल करबा पर विचार करय। मुदा, चुनाव आयोग अपन लिखित उत्तर मे कहलक जे ई तीनू दस्तावेज पूर्णतः विश्वसनीय नहि अछि, कारण ई फर्जी रूप सं बनाओल जा सकैत अछि। एहि पर जस्टिस सूर्यकांत सुनवाईक क्रम मे कहलनि जे दुनियां मे कोनो कागज जाली बनि सकैत अछि।
कोर्ट आयोग कें कहलक जे अहांक लिस्ट मे जे कागजात छथि, से सेहो अंतिम रूप सं निर्णायक नहि मानल जा सकैत अछि। संगहि कोर्ट आयोग सं पुछलक जे की ओ आधार कार्ड आ वोटर आईडी स्वीकार करत? आयोग कहलक जे हुनका राशन कार्ड स्वीकार करबा मे कठिनाई होइत अछि। मुदा वोटर आईडी तं फॉर्म पर पूर्व सं मुद्रित रहैत अछि, आ मतदाता द्वारा फॉर्म मे आधार संख्या भरबाक प्रावधान अछि। आयोग एहि बातक स्मरण करेलक जे पूर्व आदेश अनुसार आधार कार्ड नागरिकताक प्रमाणपत्र नहि मानल जाएत।
एहि प्रकरण मे संसद परिसर मे विपक्षी सांसदसभ विशेष गहन पुनरीक्षण रोकबाक मांग पर प्रदर्शन केलनि, जाहि मे प्रियंका गांधी सेहो सहभागी भेल छलीह। विपक्ष निरंतर ई आरोप लगा रहल अछि जे चुनाव आयोग वोटर लिस्ट सं नाम हटेबाक प्रक्रिया भाजपाक निर्देश पर कए रहल अछि। एहि मुद्दा पर महागठबंधन बिहार मे बंदक आयोजन सेहो केने छल, जाहि मे राहुल गांधी सेहो सहभागिता देने छलाह। चुनाव आयोग विपक्षी नेता सभक ट्वीट आ वक्तव्य पर स्पष्ट रूप सं खंडन करैत आबि रहल अछि।
चुनाव आयोग रविदिन जानकारी देने छल जे बिहारक कुल 7.89 करोड़ मतदाता मे सं 7.24 करोड़ वोटर गणना फॉर्म भरि कए जमा कए चुकल छथि, जे कुल मतदाताक 91.69 प्रतिशत होइत अछि। एहि प्रक्रिया मे 22 लाख मृत मतदाता पाओल गेलाह, जे 2.83 प्रतिशत ठरल। 36 लाख मतदाता दोसर राज्य मे बैसि चुकल छथि, जे 4.59 प्रतिशत अछि। 7 लाख लोक एहन भेटलाह जे एक सं बेसी मतदान केंद्र पर पंजीकृत छलाह, जे 0.89 प्रतिशत छल। ई समूचा आंकड़ा कुल मिलाकए 7.89 करोड़ अर्थात 100 प्रतिशतक पूर्ति करैत अछि। आयोग एहि समस्त प्रक्रिया कें सफलतम अभियान घोषित केने अछि।
एक अगस्त कें आयोग ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित करत, जाहिपर लोक आपत्ति आ दावा दायर कए सकैत छथि। निर्धारित प्रपत्र भरि कए छूटल नाम जोड़ाए सकैत अछि आ गलत नाम हटाओल जा सकैत अछि।
राशन कार्ड पर आयोगक आपत्तिक पश्चात अदालत मौखिक रूप सं कहलनि जे आधार कार्ड आ वोटर पहचान पत्र कें प्रक्रिया मे स्वीकार कएल जाए, कारण ई दुनू वैधानिक दस्तावेज छथि। न्यायाधीश कहलनि जे धरती पर कोनो दस्तावेज पूर्णतः फर्जीकरण सं मुक्त नहि अछि, ताहि हेतु गड़बड़ीक स्थिति मे प्रत्येक प्रकरण कें व्यक्तिगत रूप सं देखल जाए।



