झंझारपुर/घोघरडीहा, समदिया
सगर राति दीप जरय कथा गोष्ठी मे राति भरि कथा-सागर मे श्रोता गोता लगबैत रहलाह। बीतल शनिदिन झंझारपुर अनुमंडल सं सटल घोघरडीहा प्रखंड स्थित केवटना मध्य विद्यालय परिसर मे विद्यालयक प्रधानाध्यापक नारायण प्रसाद सिंहक संयोजन मे संध्या सं लए कए भोर धरि चलनिहार मैथिली साहित्यक प्रसिद्ध कथा गोष्ठीक भव्य आयोजन सम्पन्न भेल। गोष्ठीक उद्घाटन विशिष्ट अध्यक्ष मंडल मे उपस्थित प्रो. रामसेवक सिंह, रामविलास साह, सुभेष चन्द्र झा, झौली पासवान, अरविंद प्रसाद एवं संचालन कर्ता डॉ. संजीव शमाक उपस्थिति मे डॉ. जयानंद मिश्र, प्रसिद्ध कथाकार जगदीश प्रसाद मंडल, डॉ. नारायण यादव, मुखिया मंजू देवी आदिक द्वारा दीप प्रज्वलन सं कएल गेल। आयोजन मंडल द्वारा समस्त अतिथिकें पुष्पमाल सं सम्मानित कएल गेल।
विद्यालयक छात्र-छात्रा प्रीति, कृष्णा राज आ रागिनी शिक्षक अशोक रामक नेतृत्व मे स्वागत गीत प्रस्तुत केलनि। गोष्ठीक सफल संचालन मे डॉ. संजीव शमा, डॉ. उमेश मंडल, दुर्गानंद मंडल एवं नंदविलास राय सक्रिय रहलाह। स्वागत समिति मे भुवनेश्वर मंडल, श्याम सुंदर बिहारी, आशा देवी, रेणु कुमारी, भुवनेश्वर ठाकुर, नीलम राय, लालेंद्र प्रसाद राय सहित क्षेत्रक कतेको गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित छलाह।
एहि अवसर पर कथा-संग्रह समाजक गति एवं झारखंड दर्शन (रचयिता जगदीश प्रसाद मंडल), रामचंद्र राय लिखित सपना साकार (पुनर्मुद्रण), डॉ. राम आशीष सिंहक एनाटॉमी ऑफ लाइफ, नारायण प्रसाद सिंह द्वारा संकलित सरोकार, प्रदीप पुष्पक एखन बजबाक समय अछि एवं मोनक देहरि पर तथा मौलाएल गाछक फूल (अष्टम संस्करण, रचयिता जगदीश प्रसाद मंडल) केर लोकार्पण सेहो संपन्न भेल।
गोष्ठी मे डॉ. राजकुमार भारती, डॉ. उमेश मंडल, रामविलास साहू, डॉ. नारायण यादव, बेचन ठाकुर, रामचंद्र राय, पल्लवी मंडल, मानव अनीश मंडल, जगदीश प्रसाद मंडल, अजय कुमार दास, शशि प्रभा, नंदविलास राय, हृदय नारायण कामत, अरविंद प्रसाद, दुर्गानंद मंडल, गगन कुमार, डॉ. जयानंद मिश्र, रेवती रमण झा, रामेश्वर प्रसाद मंडल, झौली पासवान, सुभेष चंद्र झा, राधाकांत रमण, कल्प कवि आ शिव कुमार मिश्र अपन-अपन कथा-पाठ सं श्रोता लोकनि कें राति भरि भावविभोर करैत रहलाह।
पठित कथा सभ पर समीक्षकक रूप मे डॉ. शिव कुमार प्रसाद, डॉ. संजीव शमा, राम आशीष सिंह, सुभेष चन्द्र झा, अरविंद प्रसाद, डॉ. जयानंद मिश्र आ डॉ. नारायण यादव द्वारा त्वरित आ रोचक समीक्षा प्रस्तुत कएल गेल। समूचा आयोजन मैथिली कथा साहित्यक उज्जवल पक्षक जीवंत प्रस्तुति बनिकय साहित्य प्रेमी लोकनि लेल अविस्मरणीय अनुभव साबित भेल।



