दरभंगा, समदिया
मिथिला चित्रकला कें प्रोत्साहन आ वैश्विक आयाम देबाक उद्देश्य सँ मधुबनीमे स्थापित मिथिला चित्रकला संस्थान आइ किछु लोकक मुट्ठीक फांसमे आबि धांधली आ भ्रष्टाचारक अड्डा बनि गेल अछि। प्राप्त जानकारी अनुसार मिथिला चित्रकला संस्थान मिथिला चित्रकलामे दू तरहक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चलबैत अछि, जाहिमे सरकारी अनुदान पर प्रशिक्षण देल जाइत अछि। पहिल, छ: महीनाक सर्टिफिकेट कोर्स आ दोसर, तीन वर्षक डिग्री कोर्स, जे कि आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना (एकेयू) सँ मान्यता प्राप्त अछि।
विदित हो जे तीन वर्षक स्नातक पाठ्यक्रम लेल प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित होइत अछि। जकर शुल्क टाका 1500/- प्रति अभ्यार्थी लेल जाइत अछि, जे कि देश भरिमे कोनो स्नातक प्रवेश परीक्षा लेल संभवत: सबसँ बेसी अछि। दोसर तथ्य ई सामने आयल अछि जे अपन संस्थानक चुनिन्दा छात्र कें 10 नंबर ग्रेस दऽ मेधा सूची बना नामांकनमे धांधली कयल जाइत अछि।
जे छात्र आकि छात्रा एहि संस्थान सँ छ: मासक सर्टिफिकेट कोर्स करैत छथि मात्र हुनके स्नातकमे 10 नंबर ग्रेस देल जाइत अछि। जखन कि प्रवेश परीक्षा लेल निर्धारित नियमावली केर अनुसार कोनो मान्यता प्राप्त संस्थान सँ छः महीनाक सर्टिफिकेट कोर्स केनिहार छात्र-छात्रा कें 10 नंबर ग्रेस देबाक प्रावधान कयल गेल अछि। मैथिली आंदोलनी मणिभूषण राजू बतेलनि जे ग्रेस नंबर केर नाम पर धांधली कऽ ई संस्थान अनेक प्रतिभावान प्रतिभागी कें एहि संस्थानमे नामांकन सँ वंचित कऽ रहल अछि। ओ कहलनि जे संस्थानक नजरिमे बिहार सरकारक उद्योग विभाग केर इकाई उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान, पटना आकि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा सँ सर्टिफिकेट कोर्स केनिहार प्रतिभागी केर कोनो अहमियत नहि अछि। जे सर्वथा नियम केर विरुद्ध आ नैतिक रूप सँ गलत अछि। एहिना कोनो समस्या केर निदान लेल छात्र-छात्रा कें सीधे एकेयू जा शिकायत करबाक सलाह देल जाइत अछि। करीब 200 किलोमीटर केर दूरी पर स्थित एकेयू जा कतेक छात्र अपन खर्च पर आ कते दिन भागमभाग करताह, ई सोचि अधिकांश प्रतिभागी चुप रहि जा रहल छथि। आइ केर समयमे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग जतय प्रत्येक 50 किलोमीटर पर विश्वविद्यालय स्थापित करबाक वकालत करैत अछि, ओतहि अपन कब्जा बनौने रखबाक लेल विश्वविद्यालय सँ 200 किलोमीटर दूर कालेज संबद्ध कऽ भ्रष्टाचार कें पोषित कऽ रहल अछि।



