नई दिल्ली। सरकार मंगलदिन जानकारी देलक जे एलपीजी सं भरल दू जहाज— पाइन गैस आ जग वसंत— सुरक्षित रूप सं होर्मुज जलडमरूमध्य पार कए भारत दिस आबि रहल अछि। पत्तन, पोत परिवहन आ जलमार्ग मंत्रालयक विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा बतौलनि जे पाइन गैस जहाज 27 मार्च कें न्यू मैंगलोर पोर्ट पहुंचत, जाहि मे 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी अछि। ओही संग जग वसंत जहाज 26 मार्च कें कांडला पोर्ट पहुंचत, जाहि मे 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी लोड अछि। एकरा अतिरिक्त 20 भारतीय जहाज एखन धरि होर्मुज जलडमरूमध्यक पश्चिम भाग मे मौजूद अछि।एहि सं पहिने जहाज ट्रैकिंग डेटा मे देखाओल गेल छल जे सुरक्षित रास्ताक मंजूरी भेटला के बाद दुनू जहाज एहि महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग सं गुजरि रहल छल। रिपोर्ट अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य पार करबा मे सामान्य रूप सं करीब 14 घंटाक समय लगैत अछि।ई घटनाक्रम एहन समय मे भेल अछि जखन फरवरीक अंत मे अमेरिका आ इजरायल द्वारा कएल गेल हमला के बाद एहि क्षेत्र मे तनाव बढ़ि गेल अछि, जाहि सं ई महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग प्रभावित भेल अछि।जग वसंत कुवैत सं एलपीजी लोड कएने छल, जखनकि पाइन गैस यूएईक रुवैस सं अपन कार्गो लोड कएने छल। तनावक कारण ई जहाज पहिने फंसल छल, मुदा आब आगू बढ़बाक अनुमति भेटि गेल अछि। एहि मासक शुरुआत मे दू अन्य भारतीय जहाज सेहो एहि मार्ग सं सफलतापूर्वक गुजरि चुकल अछि।एहि बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहलनि जे सरकार वैश्विक तेल संकट सं देशवासीक रक्षा लेल कतेको कदम उठा रहल अछि आ ऊर्जा आपूर्तिक अंतरराष्ट्रीय मार्ग सुचारु बनौने रखबाक प्रयास कए रहल अछि। राज्यसभा मे पश्चिम एशिया संकट पर बोलैत ओ हर क्षेत्र मे आत्मनिर्भर बनबाक आवश्यकता पर जोर देलनि, खास कए ईंधन परिवहन आ समुद्री मार्ग मे।ओ कहलनि जे देश आ देशवासी कें वैश्विक झटका सं बचाबयक एकमात्र उपाय आत्मनिर्भरता अछि। वर्तमान मे भारतक करीब 90 प्रतिशत व्यापार विदेशी जहाज सभ सं होइत अछि, जाहि सं हम दोसर पर निर्भर छी। एहन स्थिति मे ककरो वैश्विक संकट वा युद्धक समय स्थिति आरो गंभीर भ सकैत अछि।प्रधानमंत्री बतौलनि जे सरकार ‘मेक इन इंडिया’ अंतर्गत करीब 70,000 करोड़ रुपयाक लागत सं भारतीय जहाज सभ कें बढ़ावा देबाक दिशा मे काज कए रहल अछि।
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