पटना, समदिया
सरकारक अनुसार बिहार मे करीब 7 अरब 33 करोड़क चाउर गायब भए गेल अछि। 31 जुलाई राज्य वित्त निगम (एसएफसी) कें चावलक आपूर्तिक अंतिम तारीख छल। एहि क्रम मे पैक्स सं कीनल गेल धान कें मिल मे कूटा कए एसएफसी कें सप्लाई करय पड़ैत अछि। 7 अरब 33 करोड़क चावल निर्धारित तिथि सं दू दिन पहिने धरि एसएफसी मे नहि पहुंच सकल अछि। सहकारी विभाग एहि मामलाक जांच करबाक आदेश देलक अछि। एसएफसी कें निर्धारित तिथि मे चावलक आपूर्ति करबाक चेतावनी देल गेल अछि। निर्धारित समय मे जाहि परिस्थिति मे चावलक आपूर्ति नहि भेल ओकर जांच कयल जाएत। गड़बड़ीक पता चलला पर प्रखंड सहकारी अधिकारी आ पैक्सक अध्यक्ष आ प्रबंधकक विरुद्ध कार्रवाई करबाक आदेश देल गेल अछि।
अखन धरि दू लाख एमटी सं बेसी चाउरक नहि भेल आपूर्ति
राज्य भरि सं कुल 20 लाख 94 हजार 029 मिट्रिक टन चाउरक आपूर्ति एसएफसी कें करय पड़त। सोमदिन 29 जुलाइकक रिपोर्ट क अनुसार एसएफसी कें मात्र 18 लाख 75 हजार 395 मेट्रिक टन चावलक आपूर्ति कैल गेल अछि। कुल 2 लाख 18 हजार 633 मिट्रिक टन चावलक आपूर्ति एखन धरि नहि भेल। एहि रिपोर्टक अनुसार एसएफसी कें 11 प्रतिशत चाउरक आपूर्ति नहि भेल। एक क्विंटल चाउरक दाम 3355 रुपैया अछि। एकर अनुसार 7 अरब 33 करोड़ 29 लाख 50 हजार 820 टकाक चाउर एसएफसी धरि नहि पहुंचल अछि।
पिछला साल सेहो पैघ मात्रा मे एसएफसी कें नहि भेटल छल चाउर
वर्ष 2022-23 मे सेहो पैक आ मिलिंग सं कीनलाक बाद एसएफसी कें चावलक आपूर्ति पैघ मात्रा मे नहि भए सकल छल। जानकारी दैत विभागीय अधिकारी कहलनि जे एहि क्रम मे एसएफसी कें एखन धरि करीब 40 करोड़क चाउरक आपूर्ति नहि भए सकल अछि। एहि मामला मे जांच चलि रहल अछि। जखन कि पहिने धान कीनबा सं लए कए मिलिंग धरि सब गोलमाल रहल रहल अछि। किछु ठाम धान कीनि कए मिलिंग केर बाद बाजार मे बेचबाक मामला सामने अबैत रहैत अछि। राज्य भरि मे एहन मामला सामने आयल अछि।
16 जिला मे सब सं बेसी बांकी अछि चाउर
पूर्वी चंपारण, पटना, औरंगाबाद, रोहतास कैमूर आ पश्चिम चंपारण मे सब सं बेसी मात्रा मे वाउरक आपूर्ति एसएफसी कें नहि भेल अछि। मधेपुरा, कटिहार, अररिया, अरवल, नालंदा, गया, भोजपुर, नवादा आ लखीसराय मे सेहो भारी मात्रा मे चाउरक आपूर्ति एसएफसी कें नहि भेल अछि।
एहि संबंध मे संयुक्त निबंधक सहयोग समिति शंभू कुमार सेन बतौलनि जे 30 जुलाई धरि 10 प्रतिशत चाउरक आपूर्ति शेष रहि गेल अछि। 31 जुलाई अंतिम तिथि छल। बीच मे चुनाव आबि गेल। उसना आ अरवा खउरक मिलिंग कें लए कए कतेको जिला मे समस्या अछि। जतय गड़बड़ी पायल जायत, ओतय नियमक अनुसार कार्रवाइ होयत।



