दरभंगा,समदिया
पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय, पचाढ़ी (दरभंगा)क विशाल स्टेडियम परिसर एखन उपेक्षा आ लापरवाहीक उदाहरण बनि गेल अछि। खेल-कूद आ शारीरिक गतिविधि के बढ़ावा देबाक उद्देश्य सं बनाओल गेल ई मैदान एखन घास-फूस सं भरल अछि आ चारू कात सन्नाटा पसैरल अछि। एतेक पैघ आ सुरक्षित परिसर होइतहुं एतय नियमित खेल गतिविधिक अभाव कई गंभीर सवाल खड़ा करैत अछि।
स्टेडियमक सुरक्षा व्यवस्था सेहो चिंताजनक स्थिति मे अछि। मुख्य गेट मे ताला लागल अछि, मुदा लगभग 100 मीटर दूर कोन पर लागल ग्रील गेट खुल्ला छोड़ल गेल अछि। एहि रास्ता सं माल-मवेशी प्रवेश करैत अछि आ चरवाहा लोकनि भैंस-बकरी चरबैत छथि। ई स्थिति न केवल लापरवाही दर्शाबैत अछि, बल्कि सुरक्षा मे सीधा सेंध सेहो अछि। खुल्ला गेटक कारण कखनो असामाजिक तत्वक प्रवेश संभव अछि, जाहि सं विद्यालयक संपत्ति पर खतरा बनल अछि।
स्टेडियम परिसरक भवनक शौचालय, पानि व्यवस्था आ बिजली बोर्ड सेहो पूरी तरह खराब पड़ल अछि। स्थानीय लोकनि आ विद्यार्थी सभक कहब अछि जे यदि एहि स्टेडियमक समुचित उपयोग शुरू कएल जाए, त ई पूरा क्षेत्र लेल खेल प्रतिभा के केंद्र बनि सकैत अछि। एतय क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स सहित कई खेलक अभ्यास आ प्रतियोगिता आयोजित कएल जा सकैत अछि।
ग्रामीण क्षेत्रक प्रतिभाशाली खिलाड़ी सभकें इंटर-स्कूल टूर्नामेट, जिला स्तरीय प्रतियोगिता आ नियमित प्रशिक्षण शिविरक माध्यम सं आगू बढ़बाक मौका भेटि सकैत अछि। संगहि, एहन सुविधा के सही उपयोग युवासभकें अनुशासन, स्वास्थ्य आ बेहतर भविष्यक दिशा मे प्रेरित करत।
सब सं पैघ सवाल ई अछि जे लाखों रुपया खर्च कए बनाओल गेल एहन महत्वपूर्ण स्टेडियमक उपयोग आखिर किएक नहि भए रहल अछि? यदि विद्यालय प्रबंधन आ प्रशासन मिलि कए मैदानक सफाई, नियमित खेल गतिविधिक शुरुआत, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करब आ स्थानीय खिलाड़ी सभक भागीदारी सुनिश्चित करैत अछि, त ई वीरान स्टेडियम जल्दी खेलक केंद्र बनि सकैत अछि।
एहि संबंध मे प्रभारी प्राचार्य डॉ. चंद्रसेन कहलनि जे ओ एखन नव पदस्थापित भेल छथि। विद्यालयक पीटी शिक्षक व्यक्तिगत कारण सं बाहर छथि। ओ कहलनि जे विमर्श कए जल्दे किछु ठोस निर्णय लेल जायत आ टूटल गेट के शीघ्र ठीक कराओल जायत।



