जंतर-मंतर नहि पहुंचल प्रदर्शनकारी, नेता हिरासत मे: 38 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात, 10 फीट ऊंच बैरिकेडिंग
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिसक सख्ती आ भारी सुरक्षा व्यवस्थाक कारण 10 अक्टूबरक सीजेपीक प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर धरि नहि पहुंचि सकलाह। पुलिस भोरे एयरपोर्ट पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी)क नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास आ आशुतोष रांका के हिरासत मे लए लेलक। पार्टी भोरे 10 बजे प्रदर्शनक आह्वान कएने छल। समर्थक सभ जंतर-मंतर पहुंचबाक प्रयास कयलनि, मुदा कतेको ठाम 3 सं 5 स्तरक बैरिकेडिंग कए हुनका सभके रोकि देल गेल। रिपोर्ट अनुसार, करीब 3,500 लोकके हिरासत मे लेल गेल। ममता बनर्जी आ अरविंद केजरीवाल सेहो हिरासत मे लेल गेलाह।
सीजेपी मतदाता सूची मे कथित गड़बड़ी आ विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)क विरोध मे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमारक इस्तीफाक मांग कएने छल। प्रदर्शनक दौरान किछु ठाम पुलिस आ प्रदर्शनकारीक बीच झड़प भेल। प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़लनि आ आकाशवाणी भवन लग पाथर फेकलनि, जाहि मे दू गोट पुलिसकर्मी घायल भेला।
दिल्ली मे सुरक्षा सख्त, मेट्रो स्टेशन बंद
8 सं 12 अक्टूबर धरि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलक 221 कंपनी, अर्थात करीब 23 हजार जवान, तैनात कएल गेल। एकर अतिरिक्त दिल्ली पुलिसक करीब 15 हजार कर्मी तैनात करबाक योजना छल। जंतर-मंतर आ चुनाव आयोगक मुख्यालय दिस जाएबला रास्ता पर बैरिकेडिंग कएल गेल आ भारी संख्या मे सुरक्षाकर्मी तैनात कएल गेलाह।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम सुरक्षा कारण सं 45 मेट्रो स्टेशन 10 अक्टूबरक राति 10 बजे धरि बंद रखबाक सूचना देने छल। सराय काले खां आ न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशन सेहो बंद रहल, हालांकि आनंद विहार सं मोदीनगरक बीच ट्रेन सेवा निर्धारित समय पर चलैत रहल।
कनॉट प्लेसक इंदिरा चौक पर भोरे पुलिस प्रदर्शनकारी सभके हटा देलक। किछु छात्र सार्वजनिक शौचालय मे नुकाएल छलाह। ओतय सं करीब 50 छात्रके गाड़ी मे बैसा कए लए जायल गेल। छात्र सभ आरोप लगौलनि जे गाड़ी मे दम घुटबाक कारण एकटा छात्र बेहोश भ’ गेल। ओतय 100 सं बेसी लोकके हिरासत मे लेल गेल। चिल्ला बॉर्डर, महरौली आ एमजी रोड पर सेहो सघन जांच कएल गेल।
विपक्षी दलक सरकार पर निशाना
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा आरोप लगौलनि जे पुलिस वकील, पत्रकार आ अन्य लोक सभके निशाना बना रहल अछि। ओ एहि स्थितिक तुलना आपातकाल सं कयलनि। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा कहलनि जे पुलिसक कार्रवाई सं देशभरि मे तानाशाहीक माहौल बनि रहल अछि।
अरविंद केजरीवाल सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर लिखलनि जे वर्तमान स्थिति आपातकाल सं बेसी खराब अछि। ओ आरोप लगौलनि जे सरकार चुनाव जीतबाक लेल वोट चोरी क’ रहल अछि आ लोकतंत्रके दबा रहल अछि। राहुल गांधी वीडियो जारी कए प्रदर्शनकारी सभके आंदोलन जारी रखबाक अपील कयलनि।
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद एहि आरोपक जवाब दैत कहलनि जे इंदिरा गांधीक शासनकाल मे आपातकाल लगाओल गेल छल आ विपक्षी नेता सभके जेल मे राखल गेल छल। हुनकर कहब छलनि जे राहुल गांधीके आपातकालक इतिहास नहि बिसरबाक चाही।
वकील सभक हिरासत पर सुप्रीम कोर्टक हस्तक्षेप
प्रदर्शनक दौरान हिरासत मे लेल गेल वकील सभक मामला मे मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत हस्तक्षेप कयलनि। हुनका कहलनि जे बातचीतक बाद वकील सभके छोड़ि देल गेल अछि। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन आरोप लगौने छल जे शांतिपूर्ण प्रदर्शनक दौरान महिला अधिवक्ता समेत कतेको वकीलके हिरासत मे लेल गेल आ पुलिस जरूरत सं बेसी बल प्रयोग कयलक।
सुप्रीम कोर्ट शुक्रदिन सरकारके चेतौने छल जे प्रदर्शन रोकबाक लेल ओतबे कार्रवाई होयबाक चाही, जतेक जरूरी हो। मुख्य न्यायाधीश कहलनि जे मक्खी मारबाक लेल हथौड़ा नहि चलाओल जाए। कोर्ट ई सेहो स्पष्ट कयलक जे दिल्ली मेट्रो आ ट्रेन सेवा पूरी तरह बंद नहि कएल जा सकैत अछि।
अभिजीत दीपकेक दादीक निधन
हिरासत मे लेल गेल सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपकेक दादी सावित्रीबाई शंकर दीपकेक 85 वर्षक उम्र मे निधन भ’ गेलनि। ओ महाराष्ट्रक हिंगोली जिलाक अपन पैतृक गाम संतुक पिंपरी मे अंतिम सांस लेलनि। दिल्ली पुलिस हुनका निधनक सूचना देलक। आब दीपकेके तय करबाक छलनि जे ओ हिरासत मे रहि आंदोलन जारी रखताह वा अंतिम संस्कार मे शामिल होयबाक लेल महाराष्ट्र लौटताह।
दीपकेक मां अनीता दीपके कहलनि जे हुनकर बेटा देशक लेल नीक काज क’ रहल छथि आ सरकार हुनका संग गलत क’ रहल अछि। सीजेपी हुनकर हिरासतके सत्तावादी कदम बतौलक। संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे लोक सभके जंतर-मंतर दिस मार्च करबाक अपील कयलनि आ कहलनि जे पुलिस जतय रोकत, ओतहि प्रदर्शन स्थल बना देल जाएत।
सोनम वांगचुक कहलनि जे हुनका उम्मीद नहि छलनि जे दुनिया के सबस पैघ लोकतंत्र मे प्रदर्शन करबाक अनुमति नहि देल जाएत। अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज आरोप लगौलनि जे जरूरत सं बेसी सुरक्षा बल तैनात कए सरकार लोक सभके प्रदर्शन मे शामिल होयबा सं रोकि रहल अछि।
‘द इंडियन एक्सप्रेस’क रिपोर्टक अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू आ विवेक जोशी पछिला 10 महीना मे एसआईआर सं जुड़ल फैसला आ आदेश पर कम-सं-कम 14 बेर आपत्ति जता चुकल छथि। दुनू आयुक्त मतदाता सूची मे नाम जोड़बाक, हटेबाक आ बहाल करबाक प्रक्रिया तथा चुनावी आंकड़ा आ सॉफ्टवेयर तक पहुंच पर सवाल उठौने छलाह।