मखान अनुसंधान केंद्र में हिंदी कार्यशाला, साहित्य सं संवेदना आ विज्ञान सं समाधान पर जोर
दरभंगा, समदिया
राष्ट्रीय मखान अनुसंधान केंद्र, दरभंगा मे बृहस्पति कें त्रैमासिक हिंदी कार्यशालाक आयोजन कएल गेल। संस्थानक राजभाषा प्रभारी आ वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार मुख्य वक्ता महात्मा गांधी महाविद्यालयक सहायक प्राध्यापक डॉ. लाल कुमार सहित सभ प्रतिभागीक स्वागत कएलनि। डॉ. मनोज कुमार कहलनि जे कार्यशालाक उद्देश्य राजभाषा हिंदीक प्रभावी प्रसारक संग साहित्यक माध्यम सं सामाजिक संवेदना, नागरिक दायित्व-बोध आ मानवीय मूल्य मे मजबूती आनब अछि। साहित्य संवेदना कें दिशा दैत अछि, जखन कि विज्ञान सामाजिक समस्याक समाधानक बाट देखबैत अछि।
मुख्य वक्ता डॉ. लाल कुमार स्वाधीनता आंदोलन मे हिंदीक भूमिका आ प्रेमचंद साहित्य मे ग्रामीण आ कृषक जीवन विषयपर विस्तार सं व्याख्यान देलनि। ओ कहलनि जे प्रेमचंदक साहित्य मे ग्रामीण आ कृषक जीवनक सजीव चित्रण भेटैत अछि। हुनकर रचना मे किसान आ ग्रामीण समाजक समस्या, संघर्ष आ संवेदना कें प्रभावी ढंग सं प्रस्तुत कएल गेल अछि। डॉ. लाल कुमार कहलनि जे विज्ञान आ साहित्य दुनू अपन-अपन माध्यम सं सामाजिक समस्या कें बुझबा आ ओकर समाधानक दिशा तय करबा मे महत्वपूर्ण भूमिका निभबैत अछि। एहि अवसरपर वैज्ञानिक डॉ. धर्मेंद्र अपन स्वरचित कविताक पाठ कएलनि। कृधा नंदिनी गांधी जयंतीक पूर्व संध्यापर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कें समर्पित कविता प्रस्तुत कएलनि। कार्यक्रम मे संस्थानक वैज्ञानिक, तकनीकी आ सहायक कर्मी सभ सहभागी भेलाह। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. धर्मेंद्र कएलनि।