पप्पू यादव बाढ़ि कें लए केंद्र सरकार पर साधलनि निशाना, कहलनि-चुनाव मे देखाइत अछि हेलीकॉप्टर, संकट मे नेता गायब
पटना। पूर्णिया सं निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव सोमदिन बिहार मे बाढ़िक स्थिति कें लए केंद्र आ प्रदेशक एनडीए सरकार पर जोरदार हमला कएलनि। पटना मे आयोजित पत्रकार वार्ता मे ओ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित सत्तापक्षक नेता सभ पर बाढ़ि प्रभावित लोकक अनदेखी करबाक आरोप लगौलनि।
पप्पू यादव कहलनि जे बिहारक 19 सं 22 जिला बाढ़ि सं प्रभावित अछि आ करीब 1.46 लाख हेक्टेयर भूमि जलमग्न अछि। हुनकर अनुसार करीब 56 लाख लोक बाढ़ि सं प्रभावित छथि। कतेको क्षेत्र मे लोक कें भोजन, पिबय योग्य पानि, दवाइ, प्लास्टिक शीट आ पशुचारा धरि समस्या भए’ रहल अछि। हुनकर दावा अछि जे कतेको गाम मे लोक कतेको दिन सं दूषित पानि पिबय लेल मजबूर छथि आ सांपक काटि लेलाक संग करंट लगला सं सेहो लोकक मृत्यु भए’ रहल अछि।
ओ कहलनि जे 2008 मे सीमांचल मे आएल बाढ़िक दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी प्रभावित क्षेत्र मे पहुंचल छलाह तथा बाढ़ि कें राष्ट्रीय आपदा घोषित कएल गेल छल।
ओ सवाल उठौलनि जे वर्तमान सरकार बिहारक बाढ़ि कें लए एखन धरि की कदम उठौलक अछि। सांसद कहलनि जे चुनावक समय बिहार मे नेता सभ लेल सैकड़ो हेलीकॉप्टर देखाइत अछि, मुदा जखन लाखो लोक बाढ़ि सं परेशान छथि तखन जनप्रतिनिधि आ पैघ नेता प्रभावित क्षेत्र मे नजरि नहि अबैत छथि।
ओ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाहक पुरान बाढ़िमुक्त बिहारक वादाक उल्लेख करैत सवाल कएलनि जे एखन धरि एहि दिशा मे स्थायी समाधान किएक नहि निकलल। पप्पू यादव बाढ़िक समस्याक लेल सरकार, अधिकारी आ ठेकेदार कें जिम्मेदार ठहरबैत एकरा ‘मानव निर्मित आ नेता निर्मित आपदा’ बतौलनि।
ओ दावा कएलनि जे फ्लड फाइटिंग आ एंटी-इरोशन काजक नाम पर वर्षो सं पैघ स्तर पर राशि खर्च कएल गेल, मुदा समस्याक स्थायी समाधान नहि भेल। ओ कैग रिपोर्टक हवाला दैत एहि काज मे कथित अनियमितताक जांचक मांग कएलनि। हुनकर कहब छल जे नदी मे गाद, तटबंधक स्थिति आ शहर मे जलनिकासक समस्या पर दीर्घकालिक योजना बनेबाक जरूरत अछि।
हुनकर आरोप छल जे राहति काज मे सेहो अनियमितता भए’ रहल अछि आ कतेको राहति शिविर मे लोक कें पर्याप्त भोजन, दूध आ स्वच्छ पानि नहि भेटि रहल अछि।
ओ कहलनि जे मनिहारी, रूपौली, नौगछिया आ बिहपुर सहित कतेको क्षेत्र मे लोक पिबय योग्य पानिक लेल परेशान छथि तथा पैघ संख्या मे चापाकल बाढ़िक पानि मे डूबल अछि। सांसद बाढ़ि राहतिक नाम पर खर्च होय बला राशि मे कथित गड़बड़ीक आरोप लगबैत कहलनि जे छोट स्तरक राहति काजक बिल मे सेहो वास्तविक खर्च सं बेसी राशि देखाओल जाएबाक शिकायत सामने अबैत अछि।
ओ कहलनि जे बाढ़िक स्थायी समाधानक लेल मात्र राहति आ बचाव काज पर्याप्त नहि अछि, बल्कि नदीक गाद, तटबंध आ बैराजक स्थिति पर सेहो गंभीरता सं काज करय पड़त।
पप्पू यादव मुख्यमंत्री सम्राट चौधरीक बाढ़ि प्रभावित क्षेत्रक दौराक पर सेहो सवाल उठौलनि। हुनकर आरोप छल जे मुख्यमंत्री किछु ठाम किछु समय रुकि कए वापस लौटि गेलाह आ प्रभावित परिवार सभ सं पर्याप्त संवाद नहि कएलनि। ओ कहलनि जे बाढ़ि प्रभावित लोक कें मात्र निरीक्षण आ फोटो सेशन नहि, बल्कि तत्काल राहति आ स्थायी समाधान चाही।
ओ मांग कएलनि जे 1990क बाद फ्लड फाइटिंग आ एंटी-इरोशन काज मे भेल कथित अनियमितताक ईडी आ सीबीआई सं जांच कराओल जाय।
ओ कहलनि जे कैगक रिपोर्टक आधार पर ओ सुप्रीम कोर्टक रुख करताह आ जिम्मेदार लोकक विरुद्ध कारबाइक मांग करताह। पप्पू यादव केंद्र आ राज्य सरकार सं अपील कएलनि जे बाढ़ि कें राजनीतिक चश्मा सं नहि, बल्कि मानवीय संकटक रूप मे देखल जाय। ओ कहलनि जे बिहारक जनता कें प्रत्येक वर्ष बाढ़िक त्रासदी झेलबाक लेल मजबूर नहि कएल जा सकैत अछि।
सांसद मुख्यमंत्री सं एक महीनाक लेल आपदा प्रबंधनक जिम्मेदारी हुनका सौंपबाक प्रस्ताव दैत कहलनि जे ओ बाढ़ि पीड़ित परिवार धरि आर्थिक सहायता, किसानक लेल राहति, मकान आ पशुधनक नोकसानक मुआवजा पहुंचयबाक प्रयास करताह। ओ कहलनि जे हुनका कोनो पद अथवा लाभक इच्छा नहि अछि, बल्कि बाढ़ि प्रभावित लोक धरि राहति पहुंचेनाइ हुनकर उद्देश्य अछि।