मिथिला मे दुर्गोत्सवक धूम, सप्तमी पर खुजल पट, दर्शन लेल उमड़ल भीड़

- मिथिला मे महासप्तमीक अवसर पर धर्म, लोकपरंपरा आ सामुदायिक सहभागिताक मनोरम दृश्य देखल
पटना, समदिया
शारदीय नवरात्रिक महासप्तमी पर मिथिलाक विभिन्न जिला मे दुर्गापूजाक उत्साह चरम पर पहुंचि गेल। पूजा-पंडाल सभक पट खुलिते भगवती दुर्गाक दर्शन-पूजन लेल श्रद्धालु सभक भीड़ उमड़ि पड़ल। मंदिर आ पंडाल सभ मे वैदिक मंत्र, शंखध्वनि, आरती आ भगवतीक जयकारा सं वातावरण भक्तिमय बनल रहल। मिथिलाक विभिन्न भाग मे पूजा समितिक तैयारी, प्रतिमाक साज-सज्जा आ आकर्षक पंडाल लोकक ध्यान आकृष्ट कए रहल अछि। सहरसा, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, मधुबनी, दरभंगा, पूर्णिया, सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर आ बेगूसराय सहित विभिन्न जिला मे दुर्गोत्सवक रौनक देखल जा रहल अछि।
कोसी क्षेत्र मे आस्थाक उमंग
सहरसा आ सुपौल मे नवरात्रिक अवसर पर मंदिर आ पूजा-स्थल सभ मे श्रद्धालु सभक आवागमन बढ़ि गेल अछि। सहरसाक बनगांव स्थित भगवती मंदिर अपन विशिष्ट धार्मिक परंपराक लेल चर्चित अछि। एतय नवरात्रिक नौ दिन धरि अखंड पाठक परंपरा श्रद्धालु सभक विशेष आकर्षण बनल रहैत अछि। सुपौल मे सेहो पूजा-अर्चना, आरती आ सांस्कृतिक कार्यक्रमक आयोजन कयल जा रहल अछि। महासप्तमी पर नवपत्रिका प्रवेश आ प्राण-प्रतिष्ठाक धार्मिक विधि संपन्न होयबाक कार्यक्रम निर्धारित छल।
मधेपुरा मे दुर्गापूजाक अवसर पर प्रशासन द्वारा विधि-व्यवस्था बनौने रखबाक लेल संयुक्त आदेश जारी कयल गेल अछि। एहि सं स्पष्ट अछि जे पर्वक दौरान श्रद्धालु सभक सुरक्षा आ भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देल जा रहल अछि।
पूर्णिया आ सीमावर्ती जिला मे सजल पूजा-पंडाल
पूर्णिया मे भट्ठा दुर्गाबाड़ी सहित प्रमुख पूजा-स्थल सभ मे आकर्षक सजावट कयल गेल अछि। भट्ठा दुर्गाबाड़ी मे बांसक कलात्मक कृति सभ सं सजाओल गेल पंडाल श्रद्धालु सभक आकर्षण बनल। वैदिक मंत्र, पूजा-विधि आ संध्याकालीन आरतीक बीच भगवतीक पट खोलल गेल आ दर्शनार्थी सभक आवाजाही बढ़ल। अररिया मे सेहो नगर आ ग्रामीण क्षेत्रक पूजा समितिक माध्यम सं दुर्गोत्सवक तैयारी कयल गेल अछि। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र होयबाक कारण एहि इलाका मे धार्मिक पर्वक अपन सामाजिक आ सांस्कृतिक महत्त्व अछि। श्रद्धालु सभ भगवतीक आराधना कए परिवारक सुख-समृद्धि आ मंगलकामनाक प्रार्थना करैत छथि।
मधुबनी आ दरभंगा मे परंपरा आ श्रद्धाक संगम
मधुबनी जिलाक विभिन्न गाम आ नगर मे दुर्गापूजाक आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजक संग कयल जा रहल अछि। मधुबनी, झंझारपुर, बेनीपट्टी, जयनगर सहित विभिन्न स्थान पर आकर्षक पंडाल बनाओल गेल अछि। स्थानीय श्रद्धालु सभ पूजा-अर्चना आ भगवतीक दर्शन लेल पहुंचि रहल छथि। दरभंगा जिलाक बेनीपुर स्थित सिद्धपीठ मां हैयहट्ट देवी मंदिर सेहो नवरात्रिक अवसर पर श्रद्धालु सभक आस्थाक केंद्र बनल अछि। एहि मंदिरक विशेषता अछि जे एतय भगवतीक प्रतिमाक बदला हुनकर पवित्र सिंहासनक पूजा होइत अछि। नेपालो सं श्रद्धालु दर्शन लेल पहुंचैत छथि।
सीतामढ़ी आ शिवहर मे भक्तिमय वातावरण
सीतामढ़ी मे दुर्गापूजाक तैयारी आकर्षक पंडाल आ भव्य प्रतिमा सभक कारण चर्चा मे अछि। नगरक शंकर चौक पर 65 फीट ऊंच गुंबदाकार पंडाल बनाओल गेल अछि। रजतद्वार क्षेत्र मे सेहो भव्य पंडालक निर्माण कयल गेल अछि। पूजा समितिक कार्यक्रम मे कलश यात्रा, अखंड पाठ आ महाआरती सन धार्मिक आयोजन शामिल अछि। शिवहर जिला मे सेहो नवरात्रिक अवसर पर मंदिर आ पूजा-स्थल सभ मे पारंपरिक श्रद्धा आ भक्तिभावक संग आराधना कयल जा रहल अछि। स्थानीय पूजा समितिक लेल एहि अवसर पर श्रद्धालु सभक सुविधा, स्वच्छता आ शांतिपूर्ण आयोजन महत्त्वपूर्ण विषय अछि।
समस्तीपुर आ बेगूसराय मे विशेष आकर्षण
समस्तीपुर जिलाक विद्यापतिनगर प्रखंडक हरपुर बोचहा दुर्गास्थानक पूजा-परंपरा विशेष उल्लेखनीय अछि। एतय करीब 200 वर्ष पुरान परंपराक अनुसार नवरात्रिक पहिल दिन कलश स्थापनाक संग भगवतीक पट खोलि देल जाइत अछि। एहि कारण श्रद्धालु सभ कें सप्तमी धरि प्रतीक्षा नहि करय पड़ैत अछि। नौ दिन धरि पूजा-अर्चना आ आरतीक क्रम चलैत रहैत अछि। बेगूसराय जिला मे सेहो दुर्गापूजाक आयोजन लेल पूजा समिति सभ कार्यक्रम निर्धारित कयने अछि। नगर आ ग्रामीण क्षेत्रक पूजा-स्थल सभ मे धार्मिक आयोजनक संग मेला आ विसर्जनक व्यवस्था पर ध्यान देल जा रहल अछि।
सुरक्षा आ व्यवस्था पर विशेष ध्यान
दुर्गोत्सवक दौरान बढ़ैत भीड़ कें देखैत विभिन्न जिला मे प्रशासन आ पूजा समिति सभ सुरक्षा, यातायात नियंत्रण आ शांति-व्यवस्था बनौने रखबाक तैयारी कयने अछि। दरभंगा, मधुबनी आ समस्तीपुर मे सेहो पर्वक दौरान विशेष सतर्कता बरतबाक निर्देश देल गेल अछि।
समग्र रूपें मिथिला मे महासप्तमीक अवसर पर धर्म, लोकपरंपरा आ सामुदायिक सहभागिताक मनोरम दृश्य देखल जा रहल अछि। भगवतीक दर्शन लेल श्रद्धालु सभक उत्साह, पंडाल सभक सजावट आ पारंपरिक पूजा-विधि दुर्गोत्सवक रौनक बढ़ा रहल अछि। आब श्रद्धालु सभक नजरि महाअष्टमी, महानवमी आ विजयादशमीक आयोजन पर टिकल अछि।