बाढ़िक पानि मे स्नान करबाक दौरान फल विक्रेताक डूबि कए मृत्यु
गोताखोर सभ शव कें बाहर निकाललनि, घर मे मचल कोहराम
विद्यापतिनगर, समदिया
बाया नदी मे आयल बाढ़ि आब जानलेवा साबित होमय लागल अछि। बुधदिन भोर थाना क्षेत्रक बढ़ौना घाट पर तखन चीख-पुकार मचि गेल, जखन स्नान करबाक लेल गेल 60 वर्षीय महेंद्र महतो अनचोके गहीर पानि मे चलि गेलाह आ डूबि गेलाह। बहुत तलाशक बाद स्थानीय गोताखोर सभ हुनकर शव नदी सं बाहर निकाललनि। घटना खबरि भेटिते परिवार मे कोहराम मचि गेल। स्वजनक कानि-कानि कए खराब हाल अछि। मृतकक पहचान बढ़ौना गामक वार्ड संख्या-7 निवासी महेंद्र महतोक रूप मे भेल अछि। ओ बढ़ौना घाट पर वर्षो सं फल दोकान चलबैत छलाह। स्थानीय लोकक अनुसार, बुधदिन भोर करीब आठ बजे ओ स्नान करबाक लेल बाया नदीक घाट पर पहुंचल छलाह। नदी मे बाढ़िक पानि रहबाक कारण सामान्य दिनक अपेक्षा जलस्तर बहुत बेसी छल। स्नान करबाक दौरान ओ पानिक गहीर हिस्सा मे चलि गेलाह आ डूबि गेलाह।
महेंद्र महतोक डूबबाक जानकारी भेटिते घाट पर मौजूद लोक सभ शोर मचाबय लगलाह। किछुए देर मे आसपासक ग्रामीण घटनास्थल पर जुटि गेलाह। बाढ़िक पानिक गहिराइ आ तेज बहावक कारण तत्काल हुनकर कोनो पता नहि चलि सकल। तकर बाद स्थानीय गोताखोर सभ कें बजाओल गेल। गोताखोर सभ नदी मे उतरि बहुत देर धरि तलाश कएलनि। बहुत मशक्कतक बाद हुनकर शव नदी सं बाहर निकालल गेल। शव घाट पर पहुंचैत स्वजनक चीख-पुकार सं माहौल गमगीन भए गेल। ग्रामीण सभ बतौलनि जे महेंद्र महतो लंबा समय सं बढ़ौना घाट पर फल दोकान चलबैत छलाह। एहि दोकानक आमदनी सं परिवारक भरण-पोषण होइत छल। रोजक तरह बुधदिन भोर मे सेहो ओ घर सं निकलल छलाह। परिवार कें की पता छल जे किछुए देर बाद हुनकर मृत्यु केर खबरि घर पहुंचत।
महेंद्रक मृत्यु केर खबरि भेटिते हुनकर घर पर ग्रामीणक भीड़ जुटि गेल। पत्नी आ अन्य स्वजनक रो-रो कए बुरा हाल अछि। परिवारक सदस्यक चीत्कार सं पूरा गामक माहौल गमगीन भए गेल। घटनाक सूचना भेटिते विद्यापतिनगर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंचली। पुलिस बरामद शवक संबंध मे आवश्यक प्रक्रिया पूरा कए पोस्टमार्टम लेल सदर अस्पताल, समस्तीपुर पठा देलक। थानाध्यक्ष सूरज कुमार कहलनि जे बाया नदी मे स्नान करबाक दौरान गहीर पानि मे चलि जेबाक कारण महेंद्र महतोक डूबि कए मृत्यु भेल अछि। पुलिस शव कें पोस्टमार्टम लेल पठा आवश्यक कारबाइ शुरू कए देलक अछि। ग्रामीण सभक कहब अछि जे बाढ़िक बीच नदी आ घाट सभ पर पानिक गहिराइ आ बहाव बढ़ि गेल अछि। एहि कारण दुर्घटनाक खतरो बढ़ि गेल अछि।