चारू कात मलबाक ढेर… लापता लोकक खोज मे सुखि गेल आंखिक नोर, फेर सं बाढ़िक आशंका सं दहलल नेपाल
- जतय नेपाल मे सभ सं बेसी तबाही, ओहि त्रिशूला मे जिनगीक कथा ताकय पहुंचल अहांक समाचार पत्र ‘समदिया मिथिला’
संजय झा, त्रिशूला/काठमांडू
ई दृश्य स्तब्ध कए देनिहार अछि। जिनगी सदमा मे अछि। कानि-कानि कए आंखि पथरा गेल अछि। नेपालक सीमावर्ती शहर तिमुरे आ त्रिशूला बाजार मे शुक्रदिनक भोर ठीक ओहने दृश्य देखबाक लेल भेटल, जेना बीतल बुधदिन देखल गेल छल। विनाशकारी बाढ़िक बाद पसरल त्रासदीक दृश्य मानू दू दिन सं मुरुत बनि ठाढ़ अछि।
घड़ी भोरक करीब नौ बजा रहल छल। रमन लामा त्रिशूला बाजारक मुंहथरि पर ठाढ़ छलाह। ओ कहलनि जे आब बाजार जकां किछु बचले नहि अछि। चारू कात मलबक बाढ़ि अछि। ध्वस्त घरक मलबा हटा कए बाट बनेबा मे जुटल नेपाल आपदा प्रबंधन आ पुलिसक दलक संग जेसीबी आ हाइवा मशीनक घरघराहट सुनाइ पड़ि रहल छल। मुदा एहि सभक बीच ठाढ़ भीड़क आंखि मलबा मे हरायल अपन लोक कें ताकय मे लागल छल। एहि भीड़ मे ठाढ़ लगभग प्रत्येक व्यक्ति अपन कोनो ने कोनो प्रियजन कें गमा चुकल अछि। सभक एकहि आश अछि – जिंदा अथवा मृत, अपन लोक भेटि जाए।
अनचोके आयल एहि आपदा मे 40 वर्षीय गिरि लाल सेहो अपन सभ किछु गमा देलनि। ओ कहैत छथि, साहब! ई सभ एतेक तेजी सं भेल जे पलक झपकैत विनाशक दृश्य पसरि गेल। ककरो सम्हरबाक मौका नहि भेटल। ओ बतौलनि जे किछु सामान आनय लेल ओ बाजार सं ऊपर पहाड़ पर गेल छलाह। ओहि बीच अनचोके उत्तर दिस सं लोकक चिचियेबाक आवाज सुनाइ पड़ल। जाबत धरि किछु बुझबाक प्रयास करैत रहलाह, ताबत सैलाब त्रिशूला बाजारक तलहटी कें अपन भीतर समा लेने छल।
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आंखि मे नोर लए गिरि लाल कहैत छथि, साहब, हम तं अकबका गेलहुं। हमर आंखिक सामने हमर पूरा परिवार—पत्नी, दू बेटा आ दू बेटी – बाढ़ि मे बहि गेल। आब गिरि लालक लग ने परिवार बांचल अछि, ने रोटी, कपड़ा आ मकान। गिरि लाल नेपाल सरकार मे निगमकर्मी छथि। मुदा ई तं मात्र एकटा उदाहरण अछि।
हमर आंखिक सामने पूरा परिवार बाढ़ि मे बहि गेल
एहि त्रासदी मे जीवित बचल सीमा खड़गे बतबैत छथि जे करीब पौने दस बजि रहल छल। ओ अपन छह वर्षक बेटी तृषा कें स्कूल पठेबाक तैयारी कए रहल छलीह। घर मे मात्र ससुर आ बेटी छल। हुनकर पति बाजार मे अपन रेडीमेड कपड़ाक दोकान खोलय लेल गेल छलाह।
सीमा दोसर तलाक छत पर कपड़ा पसारय गेल छलीह। अनचोके हुनका उत्तर दिस सं लोक कें चिचियाबैत भागैत देखल। किछु बुझि नहि पड़ल तं ओ नीचां उतरि पहाड़ पर चढ़ि गेलीह आ देखय लगलीह। ताबत धरि देखिते-देखिते बाढ़ि पूरा बाजार कें अपन चपेट मे लए लेलक। सीमा कहैत छथि, हम ठाढ़ रहि गेलहुं। हमर आंखिक सामने हमर पूरा परिवार कें बाढ़ि निगलि गेल।
त्रासदीक ई पीड़ा कोनो एक परिवारक नहि, बल्कि सामूहिक अछि। आब अधिकांश लोक त्रिशूला स्थित यात्री शेड मे तत्काल शरण लेने छथि। करीब तीन सय सं बेसी महिला आ बच्चा एतय चुपचाप सिसकैत बैसल देखल गेल। आब-जाय बला प्रत्येक व्यक्ति सं ओ सभ मात्र एतबे पूछैत छथि जे हमर अपन लोक मे सं केओ भेटल?
ओतहि 18 वर्षीय सागर सेहो छल। शेड मे बैसल महिला सभ ओकरा सं बेर-बेर पूछैत छलीह जे हुनकर पति अथवा घरक कोनो पुरुष ओतय भेटल कि नहि। सागर नहि मे माथ हिला दैत छल। ओ कहैत अछि, साहब, हम की बताबी? एहि मलबा मे सं जे शव सभ निकलि रहल अछि, ताहि मे हमर गाम-बाजारक एकहु व्यक्ति नहि अछि। घरक सेहो कोनो निशान नहि भेटि रहल अछि जे ओतय ताकल जा सकय।

जतय मशीन चलैत अछि, ओतहि शव भेटैत अछि
बाढ़ि सं भेल एहि त्रासदीक एहन दृश्य हम पहिल बेर देखलहुं। त्रिशूला बाजारक अस्तित्वे मानू समाप्त भए गेल अछि। राहति आ बचाव कार्य मे जुटल दीपेंद्र श्रेष्ठ बतबैत छथि जे त्रिशूला बाजारक तलहटी मे चारि सं पांच फीट धरि मलबा जमा अछि। बुधदिनक देर सांझ सं मलबा हटेबाक काज चलि रहल अछि। करीब 70 कर्मी जेसीबी आ हाइवा मशीनक संग एहि कार्य मे जुटल छथि। ओ कहैत छथि जे जतय मशीन लगाओल जाइत अछि, ओतहि ककरो मनुष्य अथवा जानवरक शव भेटि जाइत अछि। बाजारक नीचला भागक अधिकांश घर कें बाढ़ि अपन चपेट मे लए लेने अछि। जे किछु ऊंच भवन बचल अछि, ताहि मे सेहो मलबा भरल अछि। ओकरा तुरंत खाली करब कठिन अछि।
त्रिशूला बाजार पुलिस चौकी पर तैनात राघव तिलवा सेहो संयोग सं बांचि गेलाह। ओ बतौलनि जे बुधदिन भोर करीब आठ बजे ओ एकटा पुरान मामिलाक जांच लेल अपन एक सहयोगीक संग पहाड़क ऊपर गेल छलाह। ओ सभ अपन काज कए रहल छलाह, तखने जोर-जोर सं लोकक चिचियेबाक आवाज आबय लागल। दुनू गोटे तेजी सं नीचां उतरय लगलाह। ताबत धरि बाढ़िक बाजार मे प्रवेश कए तांडव मचा देने छल।
राघवक अनुसार, ओहि समय पुलिस चौकी मे कुल 11 व्यक्ति उपस्थित छलाह। आब चौकीक संग ओहि लोक सभक सेहो कोनो अता-पता नहि अछि।
तिमुरे मे सेहो तबाहीक भयावह तस्वीर
त्रिशूला बाजारक त्रासदी देखलाक बाद हम सभ तिमूरे बाजार दिस निकललहुं, जतय करीब दू घंटाक यात्रा बाद पहुंचलहुं। एतय विनाशक दृश्य आओर भयावह छल। बाजार मे लोक अपन प्रियजनक शव आ सामान खोजय मे जुटल छल। 44 वर्षीय कांति लाई अपन ध्वस्त दू-मंजिला मकान दिस देखबैत कहैत छलीह, मकान सेहो टूटि गेल। आब एहि मे के रहत? केओ बांचले नहि अछि। बुधदिन जखन ई त्रासदी आयल, तखन ओ अपन पैघ बेटीक सासुर सागरक मेथी मे छलीह, जे पहाड़क ऊपर स्थित अछि। जखन ओ अपन घर पहुंचलाह, तं पति, तीन बेटा, दू पुतोहु, एक बेटी आ चारि पोती-पोता समेत पूरा परिवार उजड़ि चुकल छल।

एहि त्रासदी मे एहि क्षेत्रक अधिकांश लोकक सभ किछु लुटि गेल अछि। जे लोक बांचल छथि, ओ सभ आब पहाड़ पर बैसल छथि। हुनकर एक्के आस अछि – मृत्युए भए गेल हो, मुदा अपन लोकक शव तं भेटि जाए। भय आ भूख एतय प्रत्येक आंखि मे देखाइ पड़ैत अछि। किछु लोक मलबा मे अखनहुं किछु आशा ताकय मे लागल छथि।
डेढ़ वर्षक बच्ची कें मलवा सं जीवित निकालल गेल
तिमुरे बाजार मे सागर लामा बतबैत छथि जे काल्हि लोक सभ करीब डेढ़ वर्षक एकटा बच्ची कें जीवित बचौने छल। बच्चीक कनबाक आवाज सुनि बचावकर्मी मलबा हटेबाक काज शुरू कएलनि आ अंततः ओकरा सुरक्षित बाहर निकालल गेल। सागरक अनुसार, तिमुरे मे चारि सं छह फीट धरि मलबा जमा अछि। एहि कारणें राहति आ बचाव कार्य मे बहुत कठिनाइ भए रहल अछि। ओ कहैत छथि जे एहि त्रासदी मे जीवित बचल लोकक लग भूख मेटेबाक कोनो समुचित साधन नहि अछि।
पूरा तरह सं उजड़ि गेल लोक फेर सं अपन जिनगी कें पटरी पर आनय मे सफल भए पाओत कि नहि, ई कहब एखन कठिन अछि। त्रिशूला, तिमुरे आ लगपासक क्षेत्र मे एखन सेहो मलबाक ढेरक बीच लोक अपन लोक, अपन घर आ अपन बीतल जिनगीक कोनो निशान ताकय मे जुटल छथि। नेपाल पर फेर सं बाढ़िक आशंका मंडरा रहल अछि आ एहि भयक बीच बचल लोकक आंखि मे एक्के सवाल अछि – आब आगू की?
