सच्चिदानंद सच्चूक ‘जाल’ : प्रेम सं सामाजिक संघर्ष धरि मनुष्यक स्वतंत्रताक कथा
राहुल राज सच्चिदानंद सच्चूक मैथिली उपन्यास जाल मूलतः प्रेमक कथा अछि, मुदा एकर कथा-परिधि मात्र प्रेम-संबंध धरि सीमित नहि रहि जाइत अछि। प्रेमक माध्यम सं उपन्यासकार मिथिला समाजक जातीय विभाजन, पितृसत्तात्मक मानसिकता, राजनीतिक प्रपंच, सामाजिक…