2030 धरि बिहार मे 13 एयरपोर्टक लक्ष्य, बीरपुर सं सोनपुर धरि बदलत हवाई संपर्क
सरकार पहिल चरण मे 6 एयरपोर्ट विकसित करबाक दिस काज कए रहल
पटना। सड़क संपर्कक बाद आब बिहारक छोट शहर सभ कें हवाई सेवा सं जोड़बाक तैयारी तेज भए गेल अछि। राज्य सरकारक योजनाक अनुसार वर्ष 2030 धरि बिहार मे 13 एयरपोर्ट कें कार्यशील करबाक लक्ष्य राखल गेल अछि। केंद्र सरकारक उड़ान योजना आ एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडियाक सहयोग सं एहि हवाई अड्डा सभ कें विकसित कएल जाएत। नेपाल आ चीन सीमाक लग हवाई सुविधा विकसित करबाक दिस सरकारक विशेष ध्यान अछि।
एहि एयरपोर्ट सभक संचालन शुरू भेलाक बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता सहित देशक प्रमुख महानगर लेल छोट शहर सं सीधा विमान सेवा भेटबाक उम्मीद अछि। एकरा संगहि पटना आ दरभंगा एयरपोर्ट पर यात्रिक दबाव सेहो कम होयत। फिलहाल बिहार मे पटना, गया, दरभंगा आ पूर्णिया सं हवाई सेवा उपलब्ध अछि।
सरकार पहिल चरण मे 6 एयरपोर्ट विकसित करबाक दिस काज कए रहल अछि। एकर बाद गोपालगंज, किशनगंज आ सोनपुर मे एयरपोर्ट विकसित करबाक योजना अछि। बिहार सरकार आ एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडियाक बीच 2025 मे राज्यक विभिन्न हिस्सा मे हवाई संपर्क बढ़एबाक लेल समझौता भेल छल।
उड़ान योजनाक अंतर्गत बीरपुर, सहरसा, मुंगेर, वाल्मीकिनगर आ मुजफ्फरपुर मे एयरपोर्ट तथा मधुबनी मे हेलीपोर्ट विकसित करबाक योजना अछि।
सुपौल जिलाक बीरपुर एयरपोर्टक विकास लेल 83.83 एकड़ अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण कएल जाएत। नेपाल सीमा सं मात्र 5 किलोमीटर दूर होबाक कारण ई एयरपोर्ट रणनीतिक रूप सं सेहो महत्वपूर्ण मानल जा रहल अछि। करीब 64.80 करोड़ रुपैयाक लागत सं एयरपोर्ट कें विकसित करबाक योजना अछि। वर्तमान मे एतय रनवे करीब 1200 मीटर लंबा अछि, जे बढ़ा कए 3000 मीटर कएल जाएत। एकरा सं पैघ विमानक संचालनक संभावना बढ़त। एयरपोर्टक रणनीतिक महत्व कें देखैत एतय लड़ाकू विमानक संचालनक क्षमता विकसित करबाक योजना सेहो बताओल गेल अछि।
सहरसा एयरपोर्ट कें करीब 35.14 करोड़ रुपैयाक लागत सं विकसित करबाक योजना अछि। एतय नव टर्मिनल भवन बनाओल जाएत। वर्तमान हवाई पट्टी करीब 1 किलोमीटर लंबा अछि आ एतय छोट विमानक संचालनक योजना अछि। एयरपोर्ट विकसित भेला सं कोसी क्षेत्रक लोक लेल दिल्ली, कोलकाता आ मुंबई जेहन महानगरक यात्रा आसान होबाक उम्मीद अछि।
मुंगेरक सफियाबादक लग ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करबाक योजना अछि। एहि लेल 1720.11 एकड़ जमीनक अधिग्रहण कएल जाएत। जमीन अधिग्रहण पर करीब 773.46 करोड़ रुपैया खर्च होबाक अनुमान अछि। वर्तमान मे एतय हवाई पट्टी करीब 758 मीटर लंबा अछि। एकरा 70 मीटर चौड़ा आ 1200 मीटर लंबा विकसित कएल जाएत। शुरुआत मे एतय 19 सीट बला विमानक संचालनक योजना अछि।
नेपाल सीमाक लग वाल्मीकिनगर मे करीब 36.64 करोड़ रुपैयाक लागत सं एयरपोर्ट विकसित कएल जाएत। एकर संचालन शुरू भेला सं वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व आबए बला पर्यटक कें पैघ सुविधा भेटबाक उम्मीद अछि। एकरा सं पश्चिमी चंपारण मे पर्यटन गतिविधि कें सेहो बढ़ावा भेटि सकैत अछि।
मधुबनी मे एयरपोर्टक बदला हेलीपोर्ट विकसित कएल जाएत। एकरा सं क्षेत्र मे हवाई संपर्कक एकटा नव विकल्प उपलब्ध होयत।
मुजफ्फरपुरक पताही स्थित पुरान एयरपोर्ट कें सेहो विकसित कएल जाएत। पहिल चरण मे करीब 23.47 करोड़ रुपैयाक लागत सं टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी आ फायर स्टेशनक निर्माण कराओल जाएत। पताही एयरपोर्ट करीब 101 एकड़ मे पसरल अछि आ एकर रनवे करीब 1050 मीटर लंबा अछि। शुरुआत मे 19 सीट बला विमानक संचालनक योजना अछि।
दोसर चरण मे गोपालगंजक सबेया एयरपोर्ट कें विकसित करबाक योजना अछि। रक्षा मंत्रालयक अधीन एहि एयरपोर्टक विकास कएल जाएत। एकरा छोट विमानक उड़ान आ लैंडिंग लेल तैयार करबाक योजना अछि।
किशनगंजक खगड़ा स्थित एयरपोर्ट कें सेहो रणनीतिक दृष्टि सं महत्वपूर्ण मानल जा रहल अछि। सिलीगुड़ी कॉरिडोरक नजदीक होबाक कारण एकर महत्व आरो बढ़ि जाइत अछि। वर्तमान मे एकर हवाई पट्टी करीब 900 मीटर लंबा अछि, जे बढ़ा कए 2500 मीटर करबाक योजना अछि। जरूरत पड़लापर एतय लड़ाकू विमानक संचालन सेहो कएल जा सकत।
सारण जिलाक सोनपुर मे सेहो पैघ एयरपोर्ट विकसित करबाक योजना अछि। पटना सं करीब 25 किलोमीटर दूर प्रस्तावित ई एयरपोर्ट करीब 4228 एकड़ मे विकसित कएल जाएत। एकर रनवे करीब 4.2 किलोमीटर लंबा होबाक प्रस्ताव अछि। योजनाक अनुसार एतय पैघ विमानक संचालनक क्षमता विकसित कएल जाएत। आकारक हिसाब सं ई देशक तेसर सब सं पैघ एयरपोर्ट होयत।
एहि परियोजना सभक काज पूरा भेलाक बाद बिहार मे हवाई संपर्कक दायरा पटना, गया, दरभंगा आ पूर्णिया सं आगू बढ़त। कोसी, सीमांचल, चंपारण, मगध आ सारण जेहन क्षेत्रक यात्री कें अपन नजदीकी शहर सं हवाई यात्रा करबाक विकल्प भेटत।
एकरा सं महानगर धरि पहुंच आसान होएबाक संगहि पर्यटन, कारोबार आ रोजगारक अवसर कें सेहो बढ़ावा भेटबाक उम्मीद अछि।