- बिहार संग्रहालयक स्थापना दिवस पर सात अगस्त कें सजत कलाक विशेष संसार
पटना, समदिया
पटना स्थित बिहार संग्रहालयक स्थापना दिवस 7 अगस्त कें विविध सांस्कृतिक आ कलात्मक कार्यक्रमक संग मनाओल जाएत। एहि अवसर पर आयोजित समारोहक उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करताह। कार्यक्रमक प्रमुख आकर्षण प्रख्यात कलाकार राजेश रामक विशेष कला प्रदर्शनी कागजक कश्ती : रिट्रेसिंग मेमोरीज ऑफ बॉयहुड रहत, जाहि मे हुनकर चुनिंदा कलाकृति आ मूर्ति सभ प्रदर्शित कयल जाएत।
एकर संगहि पटना संग्रहालय मे अमेरिका सं बिहार आनल गेल मिथिला चित्रकलाक 101 दुर्लभ चित्रक विशेष प्रदर्शनी द टाइमलेस आर्ट ऑफ मिथिला सेहो आयोजित होयत। ई प्रदर्शनी संपूर्ण आयोजनक मुख्य आकर्षण मानल जा रहल अछि।
बिहार संग्रहालयक अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हाक अनुसार, स्थापना दिवसक अवसर पर देशक कतेको प्रसिद्ध आ कालजयी कलाकार सभक चयनित कलाकृति प्रदर्शित कयल जाएत। बिहार संग्रहालय मे 7 अगस्त सं 6 अक्टूबर धरि देशक प्रमुख कलाकार सभक चित्र, मूर्ति आ अन्य कलाकृति दर्शक सभ लेल उपलब्ध रहत। ओतहि, पटना संग्रहालय मे 7 अगस्त सं 20 सितंबर धरि मिथिला चित्रकलाक दुर्लभ प्रदर्शनी आयोजित कयल जाएत। एहि आयोजनक मुख्य उद्देश्य जनसामान्य कें भारतीय कला, संस्कृति आ पारंपरिक विरासतक समृद्ध धरोहर सं परिचित करेनाइ अछि।
अमेरिका सं घुरल दुर्लभ मिथिला चित्र होयत प्रदर्शित
संग्रहालय प्रशासनक अनुसार, 1970 केर दशक मे मिथिला चित्रकलाक 100 सं अधिक दुर्लभ कलाकृति अमेरिका चलि गेल छल। दीर्घ प्रयासक बाद एहि अमूल्य धरोहर सभ कें पुनः बिहार आनल गेल अछि। आब एहि चित्र सभ कें एकहि स्थान पर प्रदर्शित कयल जाएत, जाहि सं कला प्रेमी आ शोधकर्ता सभ मिथिला चित्रकलाक ऐतिहासिक महत्वक निकट सं अवलोकन कए सकताह।
एहि अवसर पर आयोजित ‘कागज की कश्ती’ प्रदर्शनी मे कलाकार राजेश राम अपन विशिष्ट कलाकृति आ मूर्ति सभ प्रस्तुत करताह। कार्यक्रमक दौरान कलाकार स्वयं उपस्थित रहताह आ आगंतुक सभ कें अपन कला, ओकर निर्माण प्रक्रिया, प्रयोग कयल गेल तकनीक तथा सूक्ष्म विशेषता सभक संबंध मे विस्तृत जानकारी देताह।
संग्रहालय प्रशासनक मानब अछि जे एहि प्रकारक प्रदर्शनी सं बिहारक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत कें राष्ट्रीय आ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नव पहिचान भेटत, संगहि नव पीढ़ी भारतीय पारंपरिक कलाक मूल्य आ महत्व सं सेहो परिचित भए सकत।