सूरज कें एतेक नजदीक सं पहिल बेर देखल गेल, वैज्ञानिक सभक समक्ष आयल अत्यंत स्पष्ट तस्वीर
ई उपलब्धि इनोए सोलर टेलीस्कोपक सहायता सं संभव भेल अछि
वाशिंगटन, एजेंसी
दुनियांक सभ सं शक्तिशाली सौर दूरबीनक उपयोग करैत वैज्ञानिक सभ पहिल बेर सूर्यक सतहक एखन धरिक सभ सं उच्च-रिजॉल्यूशन (हाई रिजॉल्यूशन) तस्वीर आ वीडियो कैद करबा मे सफल भेल छथि। एहि नवीन अवलोकन मे सूर्यक सतह पर बनैत घूर्णनशील भंवर (व्हर्लपूल) एहन स्पष्ट रूप मे देखल गेल अछि, जेकरा एतबा विस्तार आ स्पष्टता सं पहिने कहियो नहि देखल जा सकल छल।
वैज्ञानिक सभक अनुसार, ई भंवर सूर्यक शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र (मैग्नेटिक फील्ड) आ ओकर भीतरी भाग मे विद्यमान अत्यंत उष्ण गैसक निरंतर गतिशीलता सं उत्पन्न होइत अछि। सूर्यक सतह पर लगातार घूमैत ई गतिविधि विशाल मात्रा मे चुंबकीय ऊर्जा संचित करैत अछि, जे आगू चलि कए शक्तिशाली सौर विस्फोटक प्रमुख कारण बनैत अछि। एहि सौर विस्फोट सं उत्पन्न होमय बला अंतरिक्ष मौसिम (स्पेस वेदर) पृथ्वी पर सेहो गंभीर प्रभाव छोड़ि सकैत अछि। एकर असरि बिजली ग्रिड, संचार व्यवस्था, नेविगेशन उपग्रह, रेडियो संकेत आ अंतरिक्ष मे कार्यरत अंतरिक्ष यात्री सभक सुरक्षा पर पड़ि सकैत अछि। वैज्ञानिक सभक मानब अछि जे जतेक नीक ढंग सं सूर्यक व्यवहार कें बुझल जाएत, ओतेक सटीक रूप सं अंतरिक्ष मौसिमक पूर्वानुमान लगाओल जा सकत।

अमेरिकी राष्ट्रीय सौर वेधशाला (एनएसओ) सं जुड़ल वैज्ञानिक डॉ. डेविड बोबोल्ट्ज़ कहैत छथि जे सूर्य संपूर्ण ऊर्जा आ अंतरिक्ष मौसिमक मूल स्रोत अछि। पृथ्वी आ संपूर्ण सौरमंडलक बहुत रास प्राकृतिक प्रक्रिया प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप सं सूर्य पर निर्भर करैत अछि। ओ कहलनि जे एतेक उच्च-रिजॉल्यूशन तस्वीर उपलब्ध होयब वैज्ञानिक अनुसंधान लेल अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि अछि। एहि माध्यम सं वैज्ञानिक सभ सूर्यक सूक्ष्म भौतिक प्रक्रिया कें पहिलेक अपेक्षा बहुत बेसी गहराइ सं बुझि सकताह। हुनक अनुसार जं हमरा सभ कें भविष्य मे अंतरिक्ष मौसिमक सटीक पूर्वानुमान करबाक अछि, तं सूर्यक सतह पर होमय बला सूक्ष्म सं सूक्ष्म प्रक्रिया कें बुझब अनिवार्य अछि।
ई महत्वपूर्ण अनुसंधानक परिणाम प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका नेचर मे प्रकाशित भेल अछि। ई उपलब्धि इनोए सोलर टेलीस्कोपक सहायता सं संभव भेल अछि। ई दूरबीन अमेरिकाक हवाई द्वीपसमूहक एकटा ऊंच पर्वत शिखर पर स्थापित अछि। ओतय निर्मल आकाश, न्यून धूलिकण आ अनुकूल वातावरणक कारण अत्यंत स्पष्ट आ सूक्ष्म तस्वीर प्राप्त करब संभव भए पबैत अछि।
सूर्यक सतह पर अत्यधिक आवर्धन (ज़ूम) करबाक उपरांत वैज्ञानिक सभ घूमैत भंवरसभक अत्यंत स्पष्ट दृश्य कैद केलनि। नेशनल सोलर ऑब्ज़र्वेटरी (एनएसओ) केर खगोल वैज्ञानिक डॉ. डेविड कुरिद्ज़े बीबीसी न्यूज सं बातचीत करैत कहलनि जे ई घूर्णनशील गतिविधि सभ चुंबकीय ऊर्जा उत्पन्न करैत अछि। समयक संग ई ऊर्जा संचित होइत रहैत अछि आ अंततः विशाल सौर विस्फोटक रूप धारण कए सकैत अछि।
अंतरिक्षक विस्फोटक मौसिम
वैज्ञानिक सभ एहि अनुसंधानक क्रम मे सूर्य पर एकटा महत्वपूर्ण प्राकृतिक प्रक्रियाक पुष्टि केने छथि, जाहि कें केल्विन-हेल्महोल्ट्ज़ अस्थिरता कहल जाइत अछि। ई प्रक्रिया तखन उत्पन्न होइत अछि, जखन दू तरल अथवा गैसीय परत—एहि संदर्भ मे सूर्यक अत्यंत उष्ण गैसक परतसभ—एक-दोसराक समानांतर भिन्न-भिन्न गति सं प्रवाहित होइत अछि।
एहि भिन्न गति सं पहिने सूक्ष्म हलचल उत्पन्न होइत अछि। कालक्रमें ई हलचल घूमैत भंवरक रूप धारण कए लैत अछि। पृथ्वी पर समुद्र मे सेहो एकरे सदृश प्रक्रिया देखल जाइत अछि, जतय छोट-छोट तरंग समय बीतला पर विशाल आ शक्तिशाली लहरक रूप धारण कए लैत अछि। नेशनल सोलर ऑब्ज़र्वेटरी (एनएसओ) केर वैज्ञानिक डॉ. फ़्रेडरिक वोएगरक अनुसार, सूर्यक सतह पर एहि प्रक्रियाक प्रत्यक्ष प्रमाण भेटब खगोल विज्ञान लेल अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि अछि। एकर सहायता सं वैज्ञानिक सभ मात्र अंतरिक्ष मौसिमक उत्पत्तिक कारणें नहि, बल्कि ईहो बुझि सकताह जे सूर्यक बाहरी सतह एतेक अधिक तापमान किएक धारण केने रहैत अछि।
डॉ. बोबोल्ट्ज़ कहलनि जे अंतरिक्ष मौसिमक अध्ययन मात्र वैज्ञानिक जिज्ञासाक विषय नहि, बल्कि मानव सभ्यताक व्यावहारिक आवश्यकता सेहो अछि। आधुनिक युग मे पृथ्वीक संचार व्यवस्था, उपग्रह सेवा, वैश्विक नेविगेशन प्रणाली आ कतेको तकनीकी सुविधा अंतरिक्ष मौसिम सं प्रभावित भए सकैत अछि। एहन परिस्थिति मे सूर्यक व्यवहार कें गहराइ सं बुझब अत्यंत आवश्यक भए गेल अछि।

हुनक अनुसार, सूर्य मात्र हमरा सभक निकटतम तारा नहि, बल्कि प्रकृतिक नियम सभ कें बुझबाक लेल एकटा अद्वितीय प्रयोगशाला सेहो अछि। सूर्यक अध्ययन सं वैज्ञानिक सभ भौतिकी केर कतेको मौलिक सिद्धांतक परीक्षण करैत छथि आ ब्रह्मांडक कार्यप्रणाली कें बेसी स्पष्ट रूप सं बुझि रहल छथि।
डॉ. बोबोल्ट्ज़ स्मरण करबैत कहलनि जे अल्बर्ट आइंस्टीन केर सामान्य सापेक्षता सिद्धांत केर पहिल प्रायोगिक पुष्टि सेहो सूर्यग्रहणक समय कएल गेल अवलोकनक माध्यम सं संभव भेल छल। एहि ऐतिहासिक उपलब्धि सं स्पष्ट होइत अछि जे सूर्यक अध्ययन मानव ज्ञानक विस्तार मे निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभबैत आयल अछि।
वैज्ञानिक सभक मतानुसार, इनोए सोलर टेलीस्कोप सं प्राप्त नवीन तस्वीर आ अनुसंधानक परिणाम भविष्य मे सूर्य, अंतरिक्ष मौसिम आ ब्रह्मांडक आधारभूत भौतिक प्रक्रिया सभ कें बुझबा मे महत्वपूर्ण योगदान देत। एहि उपलब्धि सं मात्र वैज्ञानिक अनुसंधान कें गति भेटत से नहि, बल्कि पृथ्वीक तकनीकी संरचना कें अंतरिक्ष मौसिमक संभावित प्रभाव सं सुरक्षित रखबाक दिशा मे सेहो महत्वपूर्ण सहायता भेटत।