ब्रिक्स सम्मेलनक दौरान दिल्ली मे लगाओल जायत मिथिला पेंटिंगक विशेष गैलरी
- मिथिला चित्रकला संस्थान, मधुबनी सं उच्च गुणवत्ता बला प्रतिनिधि पेंटिंग मंगाओल गेल अछि
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8 सं 15 सितंबर धरि चलत ई प्रदर्शनी
मधुबनी, समदिया
ब्रिक्स सम्मेलनक अवसर पर मिथिला चित्रकला कें अंतरराष्ट्रीय मंच पर नव पहिचान देबाक लेल राजधानी दिल्ली मे मिथिला पेंटिंगक एकटा विशेष गैलरीक आयोजन कयल जा रहल अछि। भारतक मेजबानी मे 12 आ 13 सितंबर कें आयोजित होमयबला ब्रिक्स शिखर सम्मेलनक दौरान ई प्रदर्शनी राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय मे लगाओल जायत। प्रदर्शनी 8 सं 15 सितंबर धरि चलत।
वस्त्र मंत्रालयक विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय एहि आयोजनक दिशा मे महत्वपूर्ण पहल कयने अछि। प्रदर्शनी मे मिथिला चित्रकला संस्थान, मधुबनी सं उच्च गुणवत्ता बला प्रतिनिधि पेंटिंग मंगाओल गेल अछि। आयोजक सभक प्राथमिकता एहन कलाकृति सभ कें देल गेल अछि, जाहि मे शुद्ध प्राकृतिक रंग, पारंपरिक प्रतीक आ स्थानीय शैलीक प्रयोग भेल हो।
प्रदर्शनी मे कछुआ, माछ, कमल, देवी-देवता जकां पारंपरिक प्रतीकक संग स्थानीय सामग्री आ प्रामाणिक शैली—भरनी, कचनी, तांत्रिक आदि पर विशेष जोर देल जायत। एकर उद्देश्य मात्र मधुबनी पेंटिंगक प्रदर्शन करब नहि, बल्कि विश्वक सामने एहि कलाक ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक विरासत आ मिथिलाक गहिंर जड़ि सभ कें सही रूप मे प्रस्तुत करब अछि।
एहि गैलरी मे महिला कलाकारक योगदान सेहो विशेष रूप सं रेखांकित कयल जायत। सदियो सं मिथिला चित्रकला कें जीवित राखब आ ओकर परंपरा कें पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगू बढ़ेबा मे महिला सभक भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहल अछि। प्रदर्शनी मे महिला कलाकारक पीढ़ीक मेहनत, हुनकर सृजनात्मक योगदान आ एहि कला परंपरा कें बचेबा मे हुनकर भूमिका कें प्रमुखता सं प्रस्तुत कयल जायत।
ब्रिक्स सम्मेलन मे विभिन्न देशक राष्ट्राध्यक्ष, विदेशी प्रतिनिधि आ राष्ट्रीय हस्ती सभक सहभागिता होयत। एहि कारणें मधुबनी पेंटिंगक ई प्रदर्शनी मिथिलाक कलाकार, खास कए ग्रामीण महिला शिल्पकार सभ लेल अंतरराष्ट्रीय पहिचान आ नव बाजारक अवसर खोलि सकैत अछि। प्राकृतिक रंग, पारंपरिक प्रतीक आ स्थानीय शिल्पक प्रामाणिकता पर आधारित ई गैलरी मिथिला चित्रकला कें वैश्विक कला-मंच पर पहुंचेबाक महत्वपूर्ण प्रयास मानल जा रहल अछि।