नगर निगमक जमीन पर अतिक्रमण कए कंबलक कारोबार, ग्राहक कें रसीद नहि देबाक आरोप
- वजनक हिसाब सं बिकाइत कंबलक गुणवत्ता आ ब्रांड पर उठल सवाल
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नगर निगम जांचक बाद कारबाइ करबाक देलक आश्वासन
सहरसा, समदिया
नगर निगम क्षेत्र मे सरकारी जमीन पर कथित रूप सं अतिक्रमण कए कंबल, तकिया, चादर सहित अन्य सामानक कारोबार कयल जेबाक मामिला सामने आयल अछि। एहि कारोबार कें लए कए सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण, ग्राहक कें खरीदारीक रसीद नहि देब आ कंबलक गुणवत्ता तथा ब्रांडक प्रामाणिकतापर सवाल उठाओल जा रहल अछि। भेटल जानकारीक अनुसार, मोहम्मद इबले हसन आ रेहान अली जब्बार पर शहरक विभिन्न स्थान पर नगर निगमक जमीन पर अतिक्रमण कए कंबल, तकिया, चादर आ अन्य सामान बेचबाक आरोप अछि। ठंडक मौसिम मे एहि दुकानसभक माध्यम सं लाखो टाकाक कारोबार होयबाक बात कहल जा रहल अछि। हालांकि, कारोबारक वास्तविक राशि आ अतिक्रमणक स्थितिक आधिकारिक पुष्टि होयब एखन बाकी अछि।
रसीद नहि देबाक आरोप सं ग्राहक परेशान
एहि कारोबार मे सभ सं गंभीर सवाल ग्राहक सभ कें खरीदारीक बाद रसीद नहि देबाक आरोप कें लए कए उठि रहल अछि। आरोप अछि जे कंबल खरीदलाक बाद ग्राहक कें कोनो तरहक रसीद उपलब्ध नहि कराओल जाइत अछि। रसीद नहि भेटलापर सामान खरीदबाक प्रमाण रखब आ बाद मे गुणवत्ता संबंधी शिकायत करब ग्राहक लेल कठिन भए सकैत अछि। एहि कारण बिक्री प्रक्रियाक पारदर्शिता पर सेहो सवाल उठि रहल अछि।
वजनक हिसाब सं बिकाइत अछि कंबल
दोकान पर काज करयवला मजदूरसभक अनुसार, सूर्य, बिरणी, पेरिक्स, पैरिन सहित अन्य नाम सं कंबल बेचल जाइत अछि। कंबलक बिक्री वजनक आधार पर होयबाक बात कहल गेल अछि। एहि नाम सं बिकाइत कंबलक ब्रांड आ गुणवत्ता कें लए कए सवाल उठाओल जा रहल अछि। हालांकि, संबंधित कंबलक वास्तविक ब्रांड, गुणवत्ता आ उत्पादक कंपनीक संबंध मे स्वतंत्र पुष्टि नहि भेल अछि। एहि लेल उत्पादसभक जांचक बादे वास्तविक स्थिति स्पष्ट भए सकत।
नगर निगम जांचक बाद कारबाइ करत
शहर मे सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण आ बिना रसीद सामान बेचबाक आरोपक बीच नगर निगमक भूमिका महत्वपूर्ण भए गेल अछि। एहि संबंध मे नगर आयुक्त कहलनि जे अतिक्रमित जमीनक जांच कराओल जायत। जांच मे अनियमितता भेटलापर संबंधित लोकसभक विरुद्ध नियमानुसार कारबाइ कयल जायत। एखन देखबाक होयत जे नगर निगमक जांच मे सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण आ कारोबार सं जुड़ल आरोपक की स्थिति सामने अबैत अछि। संगहि, कंबलक ब्रांड, गुणवत्ता आ ग्राहक सभ कें रसीद देबाक व्यवस्थाक संबंध मे उठल सवाल पर संबंधित विभाग आ प्रशासन केहन कदम उठबैत अछि।