बिहार बनि रहल ‘उड़ता पंजाब’? एनसीबी रिपोर्ट मे मादक पदार्थक तस्करीक चिंताजनक संकेत
पटना, समदिया
देश मे बढ़ैत मादक पदार्थक तस्करीक जाल मे बिहार एक महत्वपूर्ण पारगमन आ संपर्क गलियाराक रूप मे उभरि रहल अछि। मादक पदार्थक तस्करी लेल कखनो पंजाबक जे छवि बनल छल, ओहि संदर्भ मे आब बिहारक बढ़ैत भूमिका पर चर्चा तेज भेल अछि। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा तैयार एक आंतरिक रिपोर्ट मे बिहारक भौगोलिक स्थिति, सड़क आ रेल संपर्क तथा पड़ोसी राज्य आ देशक संग जुड़ाव कें मादक पदार्थक तस्करीक दृष्टि सं महत्वपूर्ण बताओल गेल अछि।
भौगोलिक स्थिति बनल महत्वपूर्ण कड़ी
बिहार उत्तर प्रदेश, झारखंड आ पश्चिम बंगालक सीमा सं जुड़ल अछि। एकर अतिरिक्त ई उत्तर, पूर्व आ पूर्वोत्तर भारत कें जोड़यवला महत्वपूर्ण सड़क आ रेल मार्ग पर अवस्थित अछि। एहि कारण सं मादक पदार्थक खेपक एक ठाम सं दोसर ठाम पहुंचाबय मे बिहारक उपयोग संपर्क बिंदुक रूप मे कएल जा सकैत अछि।
एनसीबीक पूर्व उपमहानिदेशक संजय कुमार सिंह कहलनि जे बिहारक भौगोलिक स्थिति तस्करीक नेटवर्क कें मादक पदार्थक स्रोत क्षेत्र आ ओकर गंतव्य बाजारक बीच कड़ीक रूप मे उपयोग करबाक अवसर दैत अछि। हुनकर अनुसार, पूर्वी भारत मे प्रवेश कएनिहार अथवा एहि क्षेत्र सं गुजरनिहार मादक पदार्थक खेप बिहारक माध्यम सं देशक अन्य भाग दिस बढ़ि सकैत अछि।
उत्तर प्रदेश सं बिहारक जुड़ाव उत्तर भारतक पैघ बाजार धरि पहुंच बनबैत अछि, जखन कि झारखंड आ पश्चिम बंगालक संग संपर्क पूर्वी आ पूर्वोत्तर मार्ग सं जोड़ैत अछि। सड़क आ रेलक विस्तृत जाल तस्कर कें अलग-अलग परिवहन साधनक उपयोग करैत कतेको राज्यक सीमा पार करबाक सुविधा दैत अछि।
बरामदगीक आंकड़ा बढ़बैत अछि चिंता
संजय कुमार सिंहक अनुसार, बिहार-नेपाल सीमा पहिने सं मादक पदार्थक तस्करीक एक महत्वपूर्ण पारगमन मार्ग रहल अछि। खास कए नेपाल सं आबयवला हशीश आ चरसक तस्करी एहि मार्ग सं होइत रहल अछि। हुनकर कहब छल जे नेपाल आ म्यांमार सं आबयवला मादक पदार्थ बिहारक रस्ते देशक अन्य भाग मे पहुंचैत अछि।
आंकड़ा अनुसार, बिहार मे वर्ष 2025 मे 49,964 किलोग्राम सं बेसी मादक पदार्थ जब्त कएल गेल। मुदा एनसीबीक रिपोर्ट मे कहल गेल अछि जे मात्र बरामदगीक आंकड़ा सं तस्करीक बदलैत स्वरूप आ पूरा नेटवर्कक वास्तविक तस्वीर स्पष्ट नहि होइत अछि। आवश्यक अछि जे मादक पदार्थ कतय सं आएल, ओकरा पहुंचाबय मे कोन बिचौलिया शामिल छल, खेप कोन-कोन मार्ग सं गुजरल आ ओकर अंतिम गंतव्य कतय छल – एहि सभक पड़ताल कएल जाय।
एनसीबीक एक वरिष्ठ अधिकारीक अनुसार, आब जांचक ध्यान मात्र व्यक्तिगत कुरियर अथवा छिटपुट बरामदगी धरि सीमित नहि राखि, बल्कि एहि सभक पाछां सक्रिय पैघ तस्करी सिंडिकेटक पहिचान आ ओकरा ध्वस्त करबाक दिस बढ़ाओल जा रहल अछि।
बरामदगी सं नेटवर्कक जड़ि धरि
एनसीबी अन्य मादक पदार्थ कानून लागू करयबला एजेंसी सभक बीच खुफिया जानकारीक आदान-प्रदान कें मजबूत करबाक आ राज्यक सीमा तथा राष्ट्रीय सीमा सं जुड़ल मामिला मे संयुक्त रूप सं कारबाइ करबाक आवश्यकता पर बल देने अछि।
एहि सिलसिला मे एनसीबीक बैठक मे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ), सीमा शुल्क, आयकर विभाग, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ), राज्यक एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, राज्य ड्रग कंट्रोलर आ विभिन्न खुफिया एजेंसीक अधिकारी सहभागी भेलाह।
बैठकक उद्देश्य विभिन्न एजेंसी द्वारा जुटाओल जानकारी कें एक-दोसर सं जोड़ि छोट-छोट बरामदगीक पाछां सक्रिय पैघ नेटवर्कक पहचान करब छल। अधिकारीक अनुसार, एहि रणनीति मे वित्तीय जांच कें विशेष महत्व भेटल अछि।
तस्करी सं होइत कमाइ कतेको बैंक खाता, कारोबार आ बिचौलियाक माध्यम सं घुमाओल जा सकैत अछि। एहि धनक लेन-देनक पड़ताल सं जांच एजेंसी कें तस्करीक पाछां सक्रिय वित्तपोषक आ मुख्य संचालक धरि पहुंचय मे सहायता भेटि सकैत अछि।
तस्करीक सरगना आ फरार अपराधी पर नजरि
एनसीबीक अनुसार, राज्यक सीमा पार काज करयबला तस्कर कानूनक अधिकार क्षेत्र मे उपलब्ध कमी सभक लाभ उठा सकैत छथि। ओ एक राज्य सं दोसर राज्य भागि सकैत छथि अथवा देश छोड़ि सकैत छथि। नीक सूचना साझेदारीक उद्देश्य एहन व्यक्तिक पहिचान करब आ विभिन्न एजेंसीक समन्वय सं हुनका विरुद्ध कारबाइ शुरू करब अछि।
बिहार आ पूर्वोत्तरक बीच महत्वपूर्ण कड़ी
त्रिपुरा आ मिजोरम मे एनसीबीक संयुक्त समन्वय बैठक सेहो पूर्वी आ पूर्वोत्तर भारत मे नशीला पदार्थक तस्करीक मार्गक महत्व कें स्पष्ट करैत अछि। पूर्वोत्तर क्षेत्रक कतेको देशक संग अंतरराष्ट्रीय सीमा जुड़ल अछि आ सीमा पार तस्करीक दृष्टि सं ई क्षेत्र संवेदनशील मानल जाइत अछि।
एक बेर नशीला पदार्थ एहि क्षेत्र मे प्रवेश कए गेलाक बाद तस्करीक नेटवर्क सड़क आ रेल संपर्कक उपयोग करैत देशक अन्य भाग मे ओकरा पहुंचा सकैत अछि। एहि संदर्भ मे पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत तथा उत्तर भारतक प्रमुख बाजारक बीच संपर्क जोड़यबला बिहारक भूमिका महत्वपूर्ण भए जाइत अछि।
एनसीबीक जोर अछि जे कोनो राज्य मे संदिग्ध मादक पदार्थक खेपक संबंध मे भेटल खुफिया जानकारी कें बिना विलंब पड़ोसी राज्यक एजेंसी आ केंद्रीय एजेंसीक संग साझा कएल जाय, जाहि सं मात्र एक खेपक बरामदगी नहि, बल्कि ओकर पाछां सक्रिय पूरा तस्करी शृंखला धरि पहुंचल जा सकय।