- मान्यता अछि जे चंड-मुंडक संहार करयबाली मां चामुंडा छथि राजा जनकक कुलदेवी
मुजफ्फरपुर, समदिया
शारदीय नवरात्रक अवसर पर भगवती दुर्गाक दर्शन लेल मंदिर सभ मे श्रद्धालुक भीड़ उमड़ि रहल अछि। मुजफ्फरपुर जिलाक कटरा प्रखंड स्थित मां चामुंडा मंदिरक महत्ता सेहो विशेष अछि। जिला मुख्यालय सं करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित एहि मंदिर कें स्थानीय धार्मिक मान्यताक अनुसार रामायण काल सं जुड़ल मानल जाइत अछि।
मान्यता अछि जे मां चामुंडा राजा जनकक कुलदेवी छलीह। चंड आ मुंड नामक असुरक संहार करयबाली भगवतीक प्राकट्य स्थल सेहो एहि स्थान कें मानल जाइत अछि। मंदिर मे देवीक प्रतिमाक बदला पिंडी स्वरूपक पूजा होइत अछि। मंदिरक पुजारी रमेश झाक अनुसार, मां एहि स्थान पर प्राचीन काल सं स्वयं विराजमान छथि। हुनका केओ स्थापित नहि कयने छथि। श्रद्धालु एहि पिंडी स्वरूपक तुलना जम्मूक कटरा स्थित माता वैष्णो देवी सं सेहो करैत छथि।
पुजारी रमेश झा बतबैत छथि जे मां चामुंडाक ई स्थान अत्यंत प्राचीन अछि। स्थानीय परंपराक अनुसार, मां राजा जनकक कुलदेवी छलीह आ तखने सं एतय विराजमान छथि। देवी दुर्गाक कथा मे चंड-मुंड नामक असुर सभक वधक वर्णन भेटैत अछि। मान्यता अछि जे ओहि असुर सभक संहार करयबाली भगवती चामुंडाक प्राकट्य एहि स्थान पर भेल छलनि।
रमेश झाक अनुसार, पहिने मां चामुंडाक पिंडी पीपरक गाछ तर छल। बाद मे मंदिर निर्माणक समय गाछ हटाओल गेल आ मंदिर बनाओल गेल। धार्मिक ग्रंथ सभ मे मां चामुंडा आ चंड-मुंडक कथा वर्णित अछि। हालांकि, राजा जनकक कुलदेवी होयबाक आ एहि स्थान पर भगवतीक प्राकट्य होयबाक बात स्थानीय धार्मिक मान्यताक रूप मे प्रचलित अछि।
मंदिर मे बिहारक विभिन्न जिला सभक अतिरिक्त झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली आ पड़ोसी देश नेपाल सं सेहो श्रद्धालु दर्शन करय अबैत छथि। पुजारीक कहब अछि जे विदेश सं सेहो भक्त मां चामुंडाक दर्शन करय आबि चुकल छथि। स्थानीय मान्यता अछि जे मां चामुंडाक दरबार मे शुद्ध मोन सं कएल गेल कबूला पूरा होइत अछि। एहि आस्थाक कारण नवरात्र मे श्रद्धालुक भीड़ बढ़ि जाइत अछि।
सकरा प्रखंडक सुजावलपुर निवासी रौशन कुमार बतौलनि जे ओ अपन मित्र सभक संग मां चामुंडाक दर्शन करय अयलाह। मंदिर आबि हुनका बहुत प्रसन्नता होइत अछि। चारूकात सं लोक पूजा-अर्चना करय अबैत छथि आ एहि मंदिरक प्रति लोक सभक गहींर आस्था अछि। सुरेश कुमार बतौलनि जे ओ एक वर्ष सं लगातार एतय दर्शन करय आबि रहल छथि। एहि बेर सेहो मित्र सभक संग मां चामुंडाक आशीर्वाद लेबाक लेल अयलाह। मां चामुंडा मंदिरक पहिचान मात्र पूजा-अर्चना धरि सीमित नहि अछि। एकर प्राचीनता, पिंडी स्वरूप आ राजा जनक तथा चंड-मुंड सं जुड़ल धार्मिक कथा एहि स्थान कें श्रद्धालु सभक लेल विशिष्ट बनबैत अछि। नवरात्रक अवसर पर भक्त सभ एहि विश्वास आ श्रद्धाक संग मां चामुंडाक दरबार मे माथ टेकैत छथि आ अपन मनोकामना पूर्ति लेल प्रार्थना करैत छथि।