मधेपुराक रेल कारखाना रचलक रिकॉर्ड: बिहारक जीडीडीपी मे 4.6% हिस्सेदारी, देशक अर्थव्यवस्था कें देलक 60 हजार करोड़
पटना। मधेपुरा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड (एमईएलपीएल) बिहारक औद्योगिक विकासक संग राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था मे सेहो महत्वपूर्ण योगदान देलक अछि। डन एंड ब्रैडस्ट्रीटक स्वतंत्र अध्ययनक अनुसार वित्तीय वर्ष 2020 सं 2026क बीच एहि परियोजना दिस सं देश मे करीब ₹60 हजार करोड़क आर्थिक उत्पादन आ ₹23,800 करोड़क सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) कएल गेल।
अध्ययनक अनुसार वित्तीय वर्ष 2024 मे परियोजनाक योगदान बिहारक कुल जीएसटी संग्रहक करीब एक प्रतिशतक बराबर रहल। ओतहि मधेपुरा जिलाक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीडीपी) मे प्रत्यक्ष जीवीएक हिस्सेदारी 4.6 प्रतिशत रहल। परियोजना प्रतिवर्ष औसतन करीब 2,300 रोजगार कें कायम रखलक।
मधेपुरा जिलामे पंजीकृत कारखाना रोजगार मे परियोजनाक प्रत्यक्ष कर्मचारी सभक हिस्सेदारी करीब 12 प्रतिशत अछि। करीब 90 प्रतिशत स्थानीय खरीदक संग परियोजना देश मे रेल विनिर्माणक घरेलू आपूर्ति शृंखला कें सेहो मजबूत कएलक अछि। अध्ययन रिपोर्ट बुधदिन पटना स्थित होटल मौर्या मे जारी कएल गेल।
पूर्व मध्य रेलक महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह आ एमईएलपीएलक प्रबंध निदेशक विवेक गर्ग रिपोर्ट जारी कएलनि।
विवेक गर्ग कहलनि जे एखन धरि 650 लोकोमोटिव रेलवे कें देल जा चुकल अछि। मार्च 2028 धरि 150 आओर लोकोमोटिव भारतीय रेल कें उपलब्ध करयबाक लक्ष्य अछि।
मधेपुरा स्थित संयंत्र मे भारतीय रेल लेल 12,000 हॉर्सपावर क्षमता बला डब्ल्यूएजी-12बी प्राइमा टी8 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिवक निर्माण कएल जा रहल अछि।
एकर संग भारत उन्नत 12 हजार एचपी इलेक्ट्रिक रेल इंजनक घरेलू स्तर पर निर्माण करनिहार दुनियाक छठम देश भए गेल अछि।
ई इंजन मुख्य रूप सं माल ढुलाई लेल उपयोग मे अनल जा रहल अछि आ डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर माल परिवहनक क्षमता बढ़ेबा मे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहल अछि।
पूर्व मध्य रेलक महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह कहलनि जे ई लोकोमोटिव 120 किलोमीटर प्रति घंटाक गति सं चलि सकैत अछि।
एमईएलपीएल मधेपुरा मे कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) केर तहत 17 करोड़ टका सं बेसी निवेश कएलक अछि। एकर माध्यम सं करीब 10 हजार रोगी कें मोबाइल स्वास्थ्य सेवाक लाभ भेटल, जखनकि 2 हजार सं बेसी विद्यार्थी कें आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराओल गेल अछि।
परियोजना ग्रामीण क्षेत्रक 1,700 सं बेसी लोकक आजीविका कें सेहो सहयोग देलक अछि।
अल्स्टॉमक एशिया-प्रशांत परिचालन मे पहिल महिला लोकोमोटिव पायलट कें एहि संयंत्र मे प्रशिक्षण देल गेल। एमईएलपीएल करीब 3.5 अरब यूरोक परियोजना अछि।