नेपाल मे फेर बाढ़िक खतरा, तिब्बत मे फेर फाटल झील
– नदी कातक लोक कें सुरक्षित स्थान पर जयबाक चेतावनी
– फेर बाढ़िक खतरा कें देखैत कतेको क्षेत्र मे रोकल गेल रेस्क्यू ऑपरेशन
– चीन देलक चेतावनी, आगामी किछु दिन मे एहि क्षेत्र जमा भए सकैत अछि 30 लाख घन मीटर पानि
– 552 लोकक मृत्युक कएल गेल पुष्टि, अखन धरि हजारो छथि लापता
काठमांडू/जनकपुरधाम, समदिया
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र मे 26 अगस्त कें आयल विनाशकारी बाढ़िक बाद आब फेर बाढ़िक खतरा मंडरा रहल अछि। तिब्बत दिस मलबा सं बनल प्राकृतिक जल-अवरोध मे पानि बढ़बाक आ एकटा जल-अवरोध टूटबाक सूचना भेटलाक बाद नेपाल प्रशासन नदी कात सतर्कता बढ़ा देने अछि। स्थानीय लोक, यात्री आ राहति-बचाव कार्य मे लागल दल कें नीचला इलाका सं हटि कए सुरक्षित आ ऊंच स्थान पर जयबाक सलाह देल गेल अछि।
नेपाल-चीन सीमा लग 26 अगस्त कें ग्लेशियरक एकटा विशाल हिस्सा टूटि पड़ला सं बर्फ, चट्टान, माटि आ मलबाक तेज धार नदी मे उतरि गेल छल। एहि कारण नेपालक रासुवा, नुवाकोट सहित कतेको क्षेत्र मे अनचोके बाढ़ि आयल। भोटेकोशी आ त्रिशूली नदीक जलप्रवाह सेहो प्रभावित भेल। बाढ़ि मे घर, पुल, सड़क आ अन्य आधारभूत संरचना कें भारी क्षति पहुंचल अछि।
आब सबसं पैघ चिंता तिब्बत सीमा लग मलबा सं बनल एकटा विशाल झील अछि। एहि झीलक प्राकृतिक निकास बाधित भेला सं पानि लगातार जमा भए रहल अछि। चीनक जल संसाधन विशेषज्ञक अनुमान अनुसार आगांक किछु दिन मे एहि क्षेत्र मे करीब 30 लाख घनमीटर पानि जमा भए सकैत अछि। जं प्राकृतिक बांध टूटि जाइत अछि तं बहुत कम समय मे नीचांक नदी क्षेत्र मे भारी जलप्रवाह पहुंचि सकैत अछि।
ताजा रिपोर्टक अनुसार नेपाल मे बाढ़ि सं मृत्यु होएबाक संख्या लगातार बढ़ि रहल अछि आ हजारो लोकक लापता होएबाक सूचना अछि। नेपाल आ तिब्बत प्रभावित क्षेत्र मे विदेशी नागरिक, पर्यटक आ यात्री सेहो लापता बताओल गेल छथि। आंकड़ा लगातार बदलि रहल अछि, कारण दुर्गम क्षेत्र मे खोजी अभियान जारी अछि।
नव बाढ़िक आशंका कें देखैत नेपालक प्रशासन नदीक नीचला क्षेत्र मे रहनिहार लोक कें सावधान कए रहल अछि। राहति आ बचाव दल कें सेहो खतरनाक क्षेत्र सं अस्थायी रूप सं हटाओल गेल अछि। किछु क्षेत्र मे जलस्तर बढ़बाक कारण बचाव कार्य रोकि देबाक स्थिति सेहो बनल। स्थिति सामान्य होइतहि अभियान फेर तेज करबाक प्रयास कएल जा रहल अछि।
दुर्गम क्षेत्र मे राहति आ बचाव अभियान मे आबि रहल परेशानी
नेपाल सरकार आ सुरक्षा बल द्वारा प्रभावित क्षेत्र मे खोज-बचाव, घायलक उपचार, सुरक्षित स्थान पर लोकक स्थानांतरण आ आवश्यक सामग्री पहुंचेबाक काज चलि रहल अछि। सड़क आ पुल क्षतिग्रस्त भेला सं दुर्गम क्षेत्र धरि पहुंचब चुनौतीपूर्ण बनल अछि। नेपाली सेना हेलीकॉप्टरक माध्यम सं प्रभावित लोक कें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाबय मे सेहो जुटल अछि।
भारत सहित विभिन्न देश नेपाल कें राहति आ बचाव कार्य मे सहयोगक प्रस्ताव देने अछि। प्रभावित क्षेत्र मे लापता भारतीय नागरिकक संबंध मे सेहो जानकारी जुटाओल जा रहल अछि। एहि बीच प्रशासन लोक कें नदी, पुल आ बाढ़ि प्रभावित क्षेत्रक लग नहि जयबाक तथा स्थानीय प्रशासनक चेतावनीक पालन करबाक आग्रह केने अछि।