गंगा उफनल तं श्मशान सेहो डूबल, सड़कक कात सजि रहल चिता
- भागलपुर मे जलमग्न भेल बरारी श्मशान घाट, सुल्तानगंज बनल टापू
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कहलगांव मे सेहो श्मशान भूमि पानि मे डूबल
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भागलपुर, समदिया
गंगाक उफान आब घर, खेत आ सड़क धरि सीमित नहि रहल अछि। बाढ़ि लोकक आखरी विदाईक स्थान सेहो छीनि लेने अछि। बरारी श्मशान घाट पानि मे डूबल अछि। एहि कारण शवक अंतिम संस्कार लेल सड़कक कात ऊंच स्थान पर चिता सजाओल जा रहल अछि। जे ठाम सामान्य दिन मे आखरी संस्कार लेल लकड़ी सजाओल जाइत छल, ओतय आब पानि भरल अछि। श्मशान घाटक पैघ हिस्सा आ शेड जलमग्न अछि। शव लए कए पहुंचल परिजन कें सड़कक कात सुरक्षित स्थान खोजि आखरी संस्कार करय पड़ि रहल अछि। एक दिस बढ़ैत गंगा, दोसर दिस सड़कक कात जरैत चिता आ बीच सं गुजरैत यातायात बाढ़िक भयावह स्थिति देखबैत अछि।
भिजल लकड़ी सं अंतिम संस्कार बनल मोसकिल
बारिश आ बाढ़िक बीच अंतिम संस्कार सेहो कठिन भए गेल अछि। गीला लकड़ी सं चिता जरायब मुश्किल अछि। लकड़ी जुटेबाक सं लए कए चिता सजेनाइ आ आखरी संस्कारक विधि पूरा करबा धरि परिजन कें पानि, कीचड़ आ यातायातक समस्या सं जूझय पड़ि रहल अछि। अमरपुर सं चिता जराबय आएल दिलीपक अनुसार सूखा लकड़ी भेटब सेहो चुनौती बनि गेल अछि।
सुल्तानगंज आ कहलगांव मे सेहो गंभीर स्थिति
सुल्तानगंजक श्मशान घाट चारू दिस सं पानि सं घेरल अछि। पहुंचबाक बाट आ आसपासक क्षेत्र जलमग्न भए गेल अछि, जाहि कारण घाट टापू जेकां देखाइत अछि। जलस्तर आरो बढ़ल तं शव कें नाव अथवा अन्य साधन सं सुरक्षित ऊंच स्थान धरि लए जाए पड़ि सकैत अछि। कहलगांव मे गंगाक पानि पूरा श्मशान भूमि मे पसैर गेल अछि। एहि घाट पर झारखंडक गोड्डा सं सेहो पैघ संख्या मे लोक आखरी संस्कार लेल अबैत छथि। पानिक बीच आखरी संस्कारक व्यवस्था करब परिजन आ प्रशासन दुनू लेल चुनौती बनल अछि। बाढ़ि मे घर, खेत आ सड़क डूबबाक खबर सामान्य अछि, मुदा श्मशान डूबब संकट कें आरो मार्मिक बना दैत अछि। जीवित लोकक लेल राहति-बचावक संग प्रशासनक सामने आब ई प्रश्न सेहो अछि जे आखरी विदाईक स्थान जलमग्न भेला पर मृतक कें सम्मानजनक विदाई कोना देल जाय।