साहित्यिकीक 385म मासिक गोष्ठी संपन्न, दू पोथीक भेल लोकार्पण
झंझारपुर, समदिया
साहित्यिकी संस्थाक 385म मासिक गोष्ठी पाही गाम मे अमल कुमार झाक आवास पर हर्षोल्लासक संग संपन्न भेल। कार्यक्रमक अध्यक्षता मैथिलीक वरिष्ठ रचनाकार डॉ. जगदीश मिश्र कयलनि। मुख्य अतिथिक रूप मे मैथिली साहित्यक विद्वान समीक्षक डॉ. रमानंद झा ‘रमण’ उपस्थित छलाह। कार्यक्रमक शुभारंभ काशीनाथ झा किरणक गोसाउनिक गीत आ प्रो. मुक्तिनाथ झा रचित तारा वंदनाक सुमधुर गायन सं भेल। एहि अवसर पर मैथिली साहित्यक दू महत्वपूर्ण पोथी पंचरत्न आ बिनु सीता की रामक लोकार्पण कयल गेल। डॉ. अजीत मिश्र रचित ‘पंचरत्न’ मैथिली साहित्यक पांच महान विभूति पर आधारित अछि। पोथीक लोकार्पण विद्वत समाज द्वारा कयल गेल। एहि अवसर पर लेखक पोथीक विषयवस्तु पर विस्तार सं प्रकाश देलनि। ओमहर, डॉ. रामसेवक ठाकुर रचित ‘बिनु सीता की राम’ पोथीक लोकार्पण मंचासीन विद्वान सभक करकमल सं भेल। संत साहित्यक एहि विशिष्ट कृतिक महत्व आ उपयोगिता पर डॉ. अजीत मिश्र सारगर्भित चर्चा कयलनि। डॉ. शिवशंकर श्रीनिवास पोथीक संग साहित्यिकी संस्थाक ऐतिहासिक महत्व पर सेहो अपन विचार रखलनि।
लेखक डॉ. रामसेवक ठाकुर अपन रचनात्मक यात्राक अनुभव साझा करैत पोथी सं किछु रचनाक सस्वर पाठ कयलनि। तकर बाद आयोजित कवि गोष्ठी मे प्रो. विष्णुकांत मिश्र, डॉ. जयशंकर मिश्र, प्रो. जयानंद मिश्र, प्रदीप झा आ अमरेंद्र नाथ झा अपन मौलिक रचनाक पाठ कए श्रोता सभ कें मंत्रमुग्ध कयलनि। कार्यक्रम मे प्रो. विद्यानंद झा, प्रो. केदारनाथ झा, प्रो. अशर्फी कामत, कलानाथ झा, प्रो. सुनीता झा, प्रो. हीरानाथ झा, मलयनाथ मिश्र मंडन, अनुराग मिश्र आ मुकुंद मयंक सहित दू दर्जन सं बेसी साहित्यप्रेमी उपस्थित छलाह। अंत मे केदारनाथ कुमर मार्मिक समदाउन गायन प्रस्तुत कयलनि। धन्यवाद ज्ञापनक संग कार्यक्रम संपन्न भेल। मंच संचालन अमल कुमार झा कयलनि।