दू करोड़ सं बेसीक अवैध संपत्ति अर्जित केलनि डीपीओ रूबी, ईओयू केलक खुलासा
- किशनगंज मे डीपीओ पद तैनात छथि रूबी कुमारी
किशनगंज/कटिहार, समदिया
बिहारक आर्थिक अपराध इकाइक (ईओयू) टीम किशनगंज आ कटिहार मे शिक्षा विभागक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) रूबी कुमारी सं जुड़ल चारि स्थान पर एकहि संग छापेमारी कए रहल अछि। रूबी कुमारी शिक्षा विभागक सर्व शिक्षा अभियान मे डीपीओ पद पर कार्यरत छथि। प्रारंभिक जांच मे हुनका आ हुनकर पति गौरव कुमारक नाम पर आय सं बेसी संपत्ति अर्जित करबाक साक्ष्य भेटल अछि।
किशनगंज मे छापेमारी लेल पहुंचल आर्थिक अपराध इकाइक डीएसपी जानीफुद्दीन कारबाइक जानकारी देलनि। हुनकर अनुसार, रूबी कुमारी पर आय सं बेसी संपत्ति अर्जित करबाक आरोप अछि। किशनगंज, कटिहार आ पटना सहित अन्य स्थान पर सेहो जांच आ छापेमारी कयल गेल। रूबी कुमारी मूल रूप सं कटिहार जिलाक निवासी छथि आ वर्तमान मे किशनगंज मे पदस्थापित छथि।
कटिहारक घर आ निजी अपार्टमेंट मे सेहो छापेमारी
आर्थिक अपराध इकाइक टीम कटिहारक ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित हुनकर आवास आ निजी अपार्टमेंट मे सेहो छापेमारी कए रहल अछि। छापेमारीक दौरान सभ ठाम भारी संख्या मे पुलिस बल तैनात कयल गेल अछि। डीएसपी जानीफुद्दीन कहलनि जे रूबी कुमारीक ज्ञात आयक तुलना मे करीब 70 सं 80 प्रतिशत बेसी संपत्ति अर्जित करबाक मामिला सामने आयल अछि। करोड़ो टाकाक जमीन किनबाक जानकारी सेहो भेटल अछि। छापामारी पूरा भेलाक बाद संपत्तिक विस्तृत जानकारी सामने आयत।
2 करोड़ 45 लाख टाका सं बेसी अवैध संपत्तिक साक्ष्य
बिहार पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्तिक अनुसार, प्रारंभिक अनुसंधान मे रूबी कुमारी आ हुनकर पति गौरव कुमारक विरुद्ध आपराधिक षड्यंत्र कए संपत्ति अर्जित करबाक साक्ष्य भेटल अछि। जांच एजेंसीक अनुसार, दुनू पति-पत्नीक ज्ञात वैध आय स्रोतक तुलना मे कुल 2 करोड़ 45 लाख 84 हजार टाकाक आय सं बेसी संपत्ति अर्जित करबाक प्रमाण भेटल अछि। ई संपत्ति हुनका सभक ज्ञात आय सं करीब 87.49 प्रतिशत बेसी अछि।
भ्रष्टाचारक मामिला मे लगातार भए रहल कारबाइ
बिहार मे आर्थिक अपराध इकाइ आ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार आ आय सं बेसी संपत्ति अर्जित करबाक मामिला मे लगातार कारबाइ कयल जा रहल अछि। रूबी कुमारीक विभिन्न स्थान पर चलि रहल छापामारी सेहो एहि अभियानक हिस्सा अछि। छापामारीक खबर सामने अयलाक बाद शिक्षा विभाग आ प्रशासनिक महकमा मे चर्चा तेज भए’ गेल अछि। जांच एजेंसीक कारबाइ पूरा भेलाक बाद संपत्तिक स्रोत आ अन्य महत्वपूर्ण जानकारी सामने आबयबाक संभावना अछि।