चीनी सं तेल आ चाउर धरि महग, बिहार मे हर मास 800 टाका धरि बढ़ल रसोईक खर्च
पटना। राजधानीक किराना बजार मे महगाइक असर आब आम लोकक रसोई पर स्पष्ट देखाय लागल अछि। गेल चारि मासक दौरान चीनी, चाउर, खाद्य तेल, आटा, दालि आ डिटर्जेंट सहित दैनिक उपयोगक कतेको आवश्यक वस्तुक दाम बढ़ि गेल अछि।
एकर सीधा असर मध्यम आ निम्न आय वर्गक परिवार सभक मासिक बजट पर पड़ि रहल अछि। पहिने पांच सदस्य बला परिवारक राशनक खर्च लगभग 7,000 टाका छल, जे आब बढ़िकए करीब 7,800 टाका धरि पहुंचि गेल अछि।
खुदरा दुकानदार संघक महासचिव रमेश तलरेजा कहलनि जे गेल चारि सं पांचम मासक दौरान लगभग प्रत्येक वस्तुक दाम मे तेजी आएल अछि।
चीनीक दाम 48 सं बढ़िकए 54 टाका प्रति किलो भए गेल अछि। सुपरफाइन चाउरक दाम 56 सं बढ़िकए 72 टाका प्रति किलो धरि पहुंचि गेल अछि।
उच्च गुणवत्ता बला खाद्य तेलक दाम पहिने 180 टाका प्रति लीटर छल, जे आब बढ़िकए 220 टाका प्रति लीटर भए गेल अछि।
दोसर गुणवत्ता बला खाद्य तेलक दाम 150 सं बढ़िकए 180 टाका प्रति लीटर भए गेल अछि। अरहर दालिक दाम 120 सं बढ़िकए 130 टाका प्रति किलो पहुंचि गेल अछि।
मसूर दालिक दाम 90 टाका प्रति किलो पर स्थिर अछि। जखनकि गहूमक दाम 34 सं बढ़िकए 37 टाका प्रति किलो भए गेल अछि। दैनिक उपयोगक एहि वस्तु सभक दाम बढ़ला सं परिवार सभक मासिक खर्च पर सीधा असर पड़ि रहल अछि।
इंद्रपुरी निवासी चंपा कुमारी आ राजीवनगर निवासी कोमल सहित आन गृहिणी सभक कहब अछि जे रसोईक मासिक बजट लगातार बढ़ि रहल अछि।
सब सं बेसी असर ओहि परिवार सभ पर पड़ि रहल अछि, जाहि सभक आय सीमित अछि। तेल, चाउर आ चीनी जकां दैनिक उपयोगक वस्तु सभ महग होएबाक कारण खर्च मे उल्लेखनीय वृद्धि भेल अछि।
आब लोक अनावश्यक खरीदारी टारि रहल छथि आ मात्र आवश्यक सामानक खरीद कए रहल छथि।
गृहिणी सभक अनुसार, बढ़ैत घरेलू खर्चक कारण बच्चा सभक कतेको मनपसंद वस्तुक खरीद सेहो रोकए पड़ि रहल अछि।
परिवार सभ पहिने आवश्यक राशनक खरीद कें प्राथमिकता दए रहल छथि। महगाइक कारण घरेलू बजट मे दोसर आवश्यकता लेल बचैत राशि सेहो कम भए रहल अछि।
बिहार राज्य व्यवसायिक संघक अध्यक्ष अजय गुप्ता कहलनि जे खाद्य तेल, चाउर आ आन उपभोक्ता वस्तु सभक दाम बढ़ला सं आमलोकक चिंता बढ़ल अछि।
जं थोक बजार मे दाम पर नियंत्रण नहि भेल, तं आबए बला दिन सभ मे खुदरा बजार पर एकर असर आओर बढ़ि सकैत अछि।
ओ कहलनि जे आवश्यक वस्तु सभक दाम स्थिर राखबाक लेल सरकार कें प्रभावी कदम उठेबाक चाही, जाहि सं आम उपभोक्ता सभ कें राहति भेटि सकए।