100 लीटर गंगाजलक संग बाबा बैद्यनाथ धाम लेल विदा भेलाह शिवभक्त
300 किलो वजनक महाकाल कांवर सभ कें कएलक आकर्षित

सुल्तानगंज, समदिया
श्रावणी मेलाक अवसर पर प्रत्येक वर्ष देशक विभिन्न राज्य सभ सं लाखो शिवभक्त सुल्तानगंज आबि अपन-अपन विशिष्ट कांवरक माध्यम सं श्रद्धा आ भक्ति प्रकट करैत छथि। मुदा एहि बेर सुल्तानगंजक पावन धरती पर एक एहन भव्य कांवर सभक ध्यान आकर्षित कएलक, जाहि कें देखैत श्रद्धालु सभ आश्चर्यचकित भए गेलाह। उज्जैनक महाकालेश्वर मंदिरक स्वरूप सं प्रेरित लगभग 300 किलो वजनक महाकाल कांवर श्रद्धा, कला आ समर्पणक अनुपम संगमक रूप मे आकर्षणक केंद्र बनल अछि। कोलकाताक काशीपुर सं आयल शिवभक्तसभक जत्था सुल्तानगंजक उत्तरवाहिनी गंगा सं पवित्र गंगाजल भरि बाबा बैद्यनाथ धामक लेल रवाना भेल। जखन ई विशाल कांवर अजगैबीनाथ मंदिर परिसर आ कांवरिया पथ पर पहुंचल, तं एकरा देखबाक लेल श्रद्धालुसभक भीड़ उमड़ि पड़ल। कतेको लोक एहि अनूठ कांवरक संग तस्वीरि आ वीडियो बनबैत देखल गेलाह। एहि भव्य कांवरक सभ सं पैघ विशेषता एकरा मे स्थापित 100 लीटर क्षमताक विशाल कलश अछि, जाहि मे गंगाजल भरल गेल अछि। संपूर्ण कांवर कें महाकालेश्वरक स्वरूप आ शिवभक्तिक झांकी प्रस्तुत करयवला धार्मिक प्रतीक सभ सं आकर्षक ढंग सं सजाओल गेल अछि। एकर भव्यता दूर सं लोकसभक ध्यान अपन दिस खींचि रहल छल।
शिवभक्त रघुनाथ राय बतौलनि जे एहि विशेष कांवर कें तैयार करबा मे लगभग तीन मासक समय लागल। हुनक कहब अछि जे बहुत वर्ष सं एहन कांवर बनेबाक इच्छा छल, जाहि सं महाकाल आ बाबा बैद्यनाथक प्रति अपन श्रद्धा कें विशिष्ट रूप मे अभिव्यक्त कएल जा सकय। कतेको कारीगरसभक अथक परिश्रम आ महिनोंक तैयारीक उपरांत ई भव्य कांवर तैयार भेल अछि। एकरा दर्जनों शिवभक्त अपन कांध पर उठाकऽ यात्रा कए रहल छथि। यात्रा मे सम्मिलित झारखंडक भूली निवासी अजय कुमार बतौलनि जे ओ लगातार आठ वर्ष सं बाबा बैद्यनाथ धामक कांवर यात्रा करैत आबि रहल छथि। हुनक अनुसार बाबा बैद्यनाथक कृपा आ अटूट विश्वासे प्रत्येक वर्ष हुनका एहि कठिन यात्राक लेल प्रेरित करैत अछि। एहि बेर महाकाल कांवरक संग यात्रा करब हुनका लेल विशेष आध्यात्मिक अनुभूति अछि।
श्रावणी मेला मे प्रत्येक वर्ष श्रद्धालु सभ अपन श्रद्धा कें विभिन्न स्वरूप मे अभिव्यक्त करैत छथि, मुदा लगभग 300 किलो वजनक महाकाल कांवर एहि बेर विशेष रूप सं चर्चाक विषय बनल अछि। श्रद्धा, भक्ति, कला आ समर्पणक ई अनुपम संगम संपूर्ण कांवरिया पथ पर लोकसभक आकर्षणक केंद्र बनल अछि। शिवभक्तसभक कहब अछि जे हुनकर उद्देश्य मात्र गंगाजल अर्पित करब नहि, बल्कि भगवान शिवक प्रति अपन अटूट भक्तिक संदेश जन-जन धरि पहुंचेनाइ सेहो अछि।