पृथक मिथिला राज्यक गठन लेल जंतर मंतर पर देल गेल धरना
प्रदर्शनकारी लोकनि कहलनि, मैथिलक मान-सम्मान आ गौरवशाली पहिचान लेल अलग मिथिला राज्य जरूरी अछि
नई दिल्ली, समदिया
अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समितिक तत्वावधान मे पृथक मिथिला राज्यक गठन लेल रविदिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर आयोजित प्रदर्शन मे हजारो मिथिलावासी आ प्रवासी मैथिल लोकनि अपन सक्रिय सहभागिता देलनि। प्रदर्शनक नेतृत्व समितिक अंतर्राष्ट्रीय संयोजक प्रो. अमरेंद्र कुमार झा कयलनि। बाद मे धरनाक अध्यक्षता डा. परमानन्द यादव आ संचालन तेजनारायण चौधरी कयलनि। अपन आनलाइन संबोधन मे समितिक राष्ट्रीय अध्यक्ष-सह-विद्यापति सेवा संस्थानक महासचिव डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजू कहलनि जे सनातनी मिथिला कें पृथक राज्य घोषित करबाक मांग करैत 120 बरस सं बेसी भए एहि भौगोलिक क्षेत्र मे बंगाल सं बिहार, उड़ीसा आ झारखंड राज्य बनि गेल। मिथिला क्षेत्र लगातार बिहार सं अलग होयबाक मांग कए रहल अछि। मुदा, सरकार लगातार एहि मांगकें अनठियाबैत आबि रहल अछि। जखन कि सामाजिक, भाषायी, राजनैतिक, औद्योगिक, सांस्कृतिक आजादीक एकमात्र समाधान मिथिला राज्यक पृथक गठन अछि।
राष्ट्रीय प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी ईंजीनीयर शिशिर कुमार झा कहलनि जे मैथिल लेल बिहारी शब्दक संबोधन मिथिलाक नैतिक पहिचान, मान- सम्मान, सभ्यता-संस्कृति, भाषा आ विकास मे बाधक अछि। एहि कारण बिहार मे मैथिलक पहिचान निरंतर लुप्त होइत जा रहल अछि। सरकारी उपेक्षाक कारण दरभंगा मे उच्च न्यायालयक स्पेशल बेंचक गठन सालो साल सं अधर मे लटकल अछि। अररिया, शिवहर आ सीतामढी प्रदेश मे सब सं पिछड़ल क्षेत्र बनि कए रहि गेल अछि। आईआईएम एवं आईआईटी केर स्थापनाक मांग बरसो बरिस सं उठैत आबि रहल अछि, ई सब काज नहि होयब मिथिलाक प्रतिभाक घोर उपेक्षा अछि। मैथिलक मान-सम्मान आ गौरवशाली पहिचान लेल अलग मिथिला राज्य जरूरी अछि।
प्रो. अमरेंद्र कुमार झा कहलनि जे नेपालमे हाई डैम बनायब मिथिलाकें बाढि आ सुखाड़ सं मुक्ति दिआ सकैत अछि। ओ धमकी भरल लहजा मे कहलनि जे जं यथाशीघ्र मिथिला राज्यक गठन नहि कयल गेल तं बिहार सं दिल्ली धरि, सड़क सं सदन धरि चलि रहल आंदोलन कें आओर धरगर बनाओल जायत। अध्यक्षीय संबोधनमे डा. परमानन्द यादव कहलनि जे मैथिली भाषाकें संवैधानिक दर्जा प्राप्त भेला दू दशकसँ ऊपर भेला बादो ई राज्य आ केन्द्रमे उपेक्षित अछि। जाहि मैथिलीकें बिहारक एकमात्र संवैधानिक भाषा होयबाक गौरव हासिल अछि, ओकर संरक्षण, संवर्धन आ सर्वांगीण विकास लेल गठित मैथिली अकादमी, पटनामे दशकसँ बेसी समयसँ ताला लटकल होयब निन्दनीय अछि।
आंदोलनक दोसर चरणमे फेडेरेशन फोर न्यू स्टेट्स केर महासचिव कमलेश कुमार झाक नेतृत्वमे पृथक मिथिला राज्यक अविलम्ब गठन लेल जबरदस्त हुंकार भरल गेल। एहिमे हजारों मिथिलावासी आ दिल्ली एनसीआर क्षेत्र मे रहनिहार प्रवासी मैथिल बढि चढि कए हिस्सा लेलनि।
मौका पर मिथिला राज्य सेनानी डा. प्रदीप झा, शिव प्रसाद साह, सविता मिश्रा, अरुण पंजियार, आनंद झा, तेज नारायण चौधरी, रवीन्द्र लाल कर्ण, इंद्रदेव सिंह, ईं. राम बहादुर झा, भगवंत झा, पं रविन्द्र मिश्रा, डा. पंकज पटेल, शिवधर राय, नवीन झा, रतीश मिश्रा, अनुपम झा, माधवी आदि कहलनि जे मिथिला सरकारी उपेक्षाक कारण गतिहीन आ दिशाहीन भ’ गेल अछि। कुशल नेतृत्वक अभावमे शिक्षा आ स्वास्थ्यक स्तरमे तीव्र पतन भ’ रहल अछि। आजादीक 78 वर्ष बीतला बादो बेरोजगारी आ पलायनमे बेहताशा वृद्धि भए रहल अछि। सभ चीनी आ सूत मिल सालों सालसँ बंद पड़ल अछि। पैघ आ छोट उद्योग- धंधा चौपट भ’ गेल अछि। जाहि कारण राष्ट्रीय मानचित्र पर ई क्षेत्र निरंतर पछड़ैत जा रहल अछि।
प्रमुख वक्तामे श्याम सुंदर महतो, संतोष झा, सुमन नायक, शमशूल हक, ज्ञानेन्द्र झा, मनोज कुमार झा, कमल रजक, कमलेश चन्द्र ठाकुर, संजय यादव, पत्रकार गौतम झा, संतोष झा, मिहिर झा, कवि बाल मुकुन्द झा आदि शामिल छलाह। समितिक ग्रेटर नोएडा संयोजक मदन कुमार झा केर नेतृत्वमे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्रीकें ज्ञापन सौंपबाक संग एक दिवसीय प्रदर्शनकें समाप्त करबाक घोषणा कयल गेल।