40 विद्यार्थी पढ़ैत छल तिमुरेक स्कूल मे, आब मात्र दू बांचल अछि
– चारि तल्लाक पूरा स्कूल बाढ़िक प्रचंड धार मे विलीन भए गेल
काठमांडू, समदिया
रसुवाक तिमुरे मे भोटेकोशी-त्रिशूलीक विनाशकारी बाढ़ि मात्र घर-द्वारि आ विद्यालय कें नहि बहा लए गेल, बल्कि कतेको परिवारक भविष्य सेहो अन्हार कए देलक। जाहि स्कूल मे किछु दिन पहिने धरि करीब 40टा बच्चाक किलकारी गुंजैत छल, आइ ओहि विद्यालय भवनक एकटा डंडी धरि नहि बांचल अछि। चारि तल्लाक पूरा विद्यालय बाढ़िक प्रचंड धार मे विलीन भए गेल।
सभ सं पीड़ादायक स्थिति ई अछि जे विद्यालयक प्रधानाध्यापक फुर्पु दोर्जे अखन धरि बाढ़िक बाद अपन विद्यार्थी सभ मे मात्र दू गोटे कें अपन आंखि सं देखने छथि। करीब सात विद्यार्थी संपर्क मे आएल छथि, मुदा बांकी विद्यार्थी सभक कोनो ठोस जानकारी एखन धरि नहि भेटल अछि। विद्यालयक छओ शिक्षक सेहो बाढ़िक बाद सं लापता छथि।
गोसाइंकुंड गाउंपालिकाक-2 मे रहल नेपाल राष्ट्रिय बेसिक स्कूल मे कक्षा 1 सं 8 धरि पढ़ाइ होइत छल। करीब 40 विद्यार्थी नियमित रूप सं विद्यालय अबैत छलाह। मुदा 26 अगस्त कें आएल विनाशकारी बाढ़ि एक झटका मे विद्यालयक अस्तित्व मेटा देलक।
प्रधानाध्यापक स्वयं सेहो एहि महाविपत्तिक साक्षी छथि। बाढ़िक समय ओ विद्यालय सं करीब 100 मीटर दूर अपन घर मे छलाह। अनचोके भेल भयानक आवाज सुनि जखन ओ खिड़की खोलि बाहर देखने छलाह, तखन बाढ़िक प्रचंड धार हुनकर दिस उफनैत आबि रहल छल। ओ चप्पल धरि नहि पहिरि सकलाह आ जान बचेबा लेल भागलाह। एहि क्रम मे ओ अपन सहकर्मी शिक्षिका तं जोगा गेलाह, मुदा हुनकर परिचित आ संबंधी मिला कए 150 सं बेसी लोक एखनहुं लापता छथि।
चारि दिन बाद स्वयं उद्धार भेल प्रधानाध्यापक रसुवाक धुन्चे होइत बट्टार आ तकर बाद काठमांडू पहुंचलाह। एखन ओ स्वयंभू स्थित यल्लो गुंबा मे अन्य बाढ़ि पीड़ित सभक संग आश्रय लेने छथि। ओतहि हुनका अपन विद्यालयक दू विद्यार्थी जीवित अवस्था मे भेटलनि। बांकी विद्यार्थी सभक प्रतीक्षा एखनहुं जारी अछि आ प्रधानाध्यापकक आंखि मे ओहि बच्चा सभक चेहरा एखनहुं नाचि रहल अछि, जे बाढ़िक प्रचंड धार मे कतय बहि गेलाह, एकर उत्तरक प्रतीक्षा पूरा तिमुरे कए रहल अछि।