- सम्राट कैबिनेटक बैसार मे 17 प्रस्ताव पर लागल मोहर
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बाढ़ि सुरक्षा, हवाई संपर्क आ बागवानी पर सेहो पैघ निर्णय
फोटो : सम्राट
पटना, समदिया
विकास, रोजगार आ आधारभूत सुविधा सं जुड़ल कतेको महत्वपूर्ण निर्णय पर मंगलदिन राज्य कैबिनेटक मोहर लागल। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरीक अध्यक्षता मे भेल कैबिनेटक बैसार मे कुल 17 प्रस्ताव कें स्वीकृति देल गेल। एहि मे मखानक विकास, बागवानी, मेडिकल कॉलेज, गया स्थित विष्णुपद मंदिर क्षेत्रक विकास, हवाई संपर्क, जलस्रोत पुनर्स्थापन आ बाढ़ि सुरक्षा सहित कतेको महत्वपूर्ण योजना शामिल अछि। कैबिनेट वित्तीय वर्ष 2026-27 लेल केंद्रीय मखान विकास योजनाक अंतर्गत करीब 89.80 करोड़ रुपैयाक स्वीकृति देलक। एहि योजनाक उद्देश्य मखानक पूरा उत्पादन शृंखला कें मजबूत करब अछि।
योजनाक अंतर्गत मखानक उत्पादन आ बीज उपलब्धता सं लए कए किसानक प्रशिक्षण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग आ बाजारक व्यवस्था पर काज कयल जाएत। मखानक निर्यात आ प्रमाण-पत्रक व्यवस्था कें सेहो वृद्धि देल जाएत। सरकारक उद्देश्य किसान, व्यापारी आ किसान उत्पादक संगठनक आमदनी बढ़ेबाक अछि।
पांच मेडिकल कॉलेज मे 366 सहायक प्राध्यापकक नियुक्ति
राज्यक पांच सरकारी मेडिकल कॉलेज मे सहायक प्राध्यापकक 366 रिक्त पद पर संविदाक आधार पर नियुक्ति कयल जाएत। एहि मे बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा आ समस्तीपुरक मेडिकल कॉलेज शामिल अछि। नियमित नियुक्ति नहि होयबा धरि एहि पद सभ पर संविदाक आधार पर शिक्षक नियुक्त कयल जाएत। एहि निर्णय सं मेडिकल कॉलेज मे शिक्षकक कमी दूर करबाक संग चिकित्सा शिक्षण व्यवस्था कें मजबूत करबाक अपेक्षा अछि।
विष्णुपद मंदिर क्षेत्रक होयत विकास
गया स्थित प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर क्षेत्रक समग्र विकास लेल 2,520 करोड़ रुपैयाक प्रशासनिक स्वीकृति देल गेल अछि। एहि क्षेत्र कें काशी विश्वनाथ गलियाराक तर्ज पर विकसित करबाक योजना अछि। योजना अंतर्गत मंदिर परिसरक विकासक संग घाट, बहुमंजिला वाहन पड़ाव, उन्नत मार्ग, विश्रामगृह, भोजनालय आ पैदल पुल सहित विभिन्न सुविधा विकसित कयल जाएत। एकर उद्देश्य श्रद्धालु लेल सुविधा बढ़ेबाक आ गया कें प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रक रूप मे विकसित करब अछि।
एहि संग सोन-फल्गु नदी जोड़ योजनाक लेल 996 करोड़ रुपैयाक स्वीकृति सेहो देल गेल अछि। दुनू परियोजना पर कुल करीब 3,516 करोड़ रुपैया खर्च होयत।
ईंट-भट्ठा कारोबारीक लेल एकमुश्त समाधान योजना
राज्य सरकार ईंट-भट्ठा संचालकक बकाया भुगतान लेल एकमुश्त समाधान योजना कें स्वीकृति देलक। ई योजना तीन मास धरि लागू रहत। एहि योजना अंतर्गत ईंट सत्र 2024-25 धरिक बकाया मे ब्याजक राशि छोड़ि मूल बकाया जमा करबाक विकल्प देल जाएत। एहि निर्णय सं ईंट-भट्ठा कारोबारी कें आर्थिक राहति भेटबाक संग सरकार कें सेहो बकाया राजस्व शीघ्र प्राप्त होयत।
जलस्रोत मे जमा गाद हटाओल जायत
कैबिनेट बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 कें स्वीकृति देलक। एहि नीतिक अंतर्गत नदी, बराज आ जलाशय मे जमा गाद कें हटेबाक दिशा मे काज कयल जाएत। जलस्रोत सं निकालल गेल गादक उपयोग सड़क, रेलमार्ग आ अन्य निर्माण कार्य मे भरावक लेल सेहो कयल जा सकत। एहि सं जलस्रोतक क्षमता बढ़त आ निर्माण कार्यक लेल आवश्यक माटिक उपलब्धता मे सेहो सहायता भेटत।
बाढ़ि सुरक्षा आ सिंचाई लेल 1,000 करोड़
बिहार आकस्मिकता निधि सं जल संसाधन विभाग कें 1,000 करोड़ रुपैया देल गेल अछि। एहि राशि सं बाढ़ि सं सुरक्षा, सिंचाई व्यवस्था आ प्रगति यात्रा सं संबंधित विकास कार्य कयल जाएत। एहि अतिरिक्त बागवानी विकास मिशन लेल करीब 78.34 करोड़ रुपैयाक योजनाक सेहो स्वीकृति देल गेल अछि। एहि सं राज्य मे बागवानी फसलक उत्पादन, प्रसंस्करण आ किसानक आमदनी बढ़ेबाक प्रयास कें बल भेटत। बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय मे पैरावेट विद्यालय लेल छह स्थायी पद सृजन करबाक प्रस्ताव कें सेहो कैबिनेट मंजूरी देलक। एहि निर्णय सं पशु चिकित्सा क्षेत्र मे प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करबाक दिशा मे सहायता भेटबाक अपेक्षा अछि।