चारू कात लहास, टूटि रहल अछि आस…
- जाहि बाजार मे पहिने खूब चहल-पहल भेल करैत छल, आइ ओकर अस्तित्वे मेटा गेल अछि
संजय झा, रसुवागढ़ी/काठमांडू
नेपालक रसुवागढ़ी बाजार तिब्बत-चीन सीमाक बहुत समीप बसल अछि। ई रसुवा जिलाक एकटा प्रमुख बाजार सेहो अछि। स्थानीय लोक सभक लेल एहि बाजारक महत्व बहुत बेसी रहल अछि। मुदा आब एतय किछु नहि बांचल अछि। बीतल बुधक भोर सं पहिने जाहि बाजार मे चहल-पहल आ आवाजाही रहैत छल, विनाशकारी बाढ़ि ओकर अस्तित्वे मेटा देलक। बाजारक अधिकांश हिस्सा मलबा मे दबि गेल अछि।
राहति आ उद्धार कार्य मे जुटल सिमीर परियार कहलनि जे आब रसुवागढ़ी बाजार मे ने रास्ता बांचल अछि आ ने बाजार। दर्जनो नीक दोकान छल। एतय लोक सभ कें जरूरतक लगभग सभ सामान भेटि जाइत छल। नीक विद्यालय आ अस्पताल सेहो छल। मुदा आब सभ मलबा भए गेल अछि। किछु पैघ आ ऊंच इमारत जरूर बांचल अछि, मुदा ओकर नीचां मलबा भरल अछि।
सिमीर बतौलनि जे बृहस्पतिक भोर ओ सभ 69 लोक राहति आ उद्धार कार्य लेल एतय पहुंचल छलाह। ओ कहलनि जे सभ दिस जानवर आ मनुष्यक शव मलबा मे पड़ल छल। हम सभ 15 सं 20 पुरुष, महिला आ बच्चाक शव बाहर निकाललहुं। जानवरक तं गिनती करब मुश्किल अछि। चारू दिस शव पड़ल अछि। मलबा हटेबा मे कतेक समय लागत? एहि प्रश्न पर ओ कहलनि जे एखन किछु कहब कठिन अछि।
बाजारक ऊपर बनल सामुदायिक शेड मे तत्काल राहत शिविर लगाओल गेल अछि। करीब 10 मिनट चढ़ाई कएलाक बाद हम राहत शिविर पहुंचलहुं। शिविर मे बहुत भीड़ छल, मुदा चारू दिस गहिंर सन्नाटा पसरल छल। एहि सन्नाटा कें एकटा महिलाक रुकि-रुकि कए उठैत सिसकी तोड़ि रहल छल। ओ महिला अपन कोरा मे कपड़ा मे लपेटल एकटा बच्चीक शव लेने बैसल छल। पूछला पर बगल मे ठाढ़ एक व्यक्ति बतौलनि जे ओहि महिलाक एक वर्षक बेटी आइ भोर मे मरि गेल अछि। ओकर शव ओ अपन कोरा मे लेने छथि।
रसुआगढ़ीक आधा सं बेसी लोक छथि लापता
महिला बेर-बेर बच्चीक शव दिस निहारि सिसकि रहल छल। हुनका ढांढ़स देबाक लेल शब्द नहि भेटि रहल छल। पूछला पर एकटा महिला कहलनि, साहेब, दू दिन सं बच्ची बेमार छल। आइ भोर मे दम तोड़ि देलक। तकर बाद लोक सभ ओकरा शिविर मे अनलक। शिविरक भीड़ पाछां दीपा देवी बेसुध पड़ल छल। नेपाल प्रहरीक जवान किशोर श्रेष्ठ कहलनि, एकर दूटा बेटा 9 आ 12 वर्षक छल। दुनू बेटा आ एकर पति सहित घर बाढ़ि मे बहि गेल। सात वर्षक बेटी आ बूढ़ सासु बचि गेल छथि। एखन धरि कोनो अता-पता नहि अछि।
किशोरक अनुसार, बीतल बुधक बाढ़िक त्रासदी मे रसुवागढ़ी बाजारक आधा सं बेसी घर आ लोक लापता छथि। एखन धरि हुनकर सभक कोनो अता-पता नहि चलल अछि। बाजारक प्रायः सभ दोकान आ मकान बाढ़ि मे बहि गेल अछि। सदिखन गुलजार रहयबला ई बाजार आब वीरान पड़ल अछि। चारू कात मलबाक साम्राज्य अछि।

घर दिस दौड़लहुं मुदा घरे बहि गेल
खगेंद्र आ रविंद्र दुनू भाइ छथि। रसुवागढ़ी बाजार मे हुनक दुनू भाइक किरानाक दोकान छल। आमदनी ठीक-ठाक छल, मुदा बाढ़िक आपदा दुनू भाइ कें सड़क पर अयबाक लेल मजबूर कए देलक। ओ सभ कहलनि, बुधक भोर मे दोकान खोलि साफ-सफाई कए रहल छलहुं। तखने भागू-भागूक हल्ला सुनाइ देलक। बाहर आबि कए देखलहुं तं लोक सभ कहि रहल छल जे बाढ़ि आबि रहल अछि। हम घर दिस दौड़लहुं। मुदा घर धरि पहुंचैत-पहुंचैत बाढ़ि आबि गेल। कोनो तरहें अपन जान बचा लेलहुं, मुदा माता-पिता कें नहि बचा सकलहुं आ ने घर बचल। शिविर मे बैसल योगराज कहलनि, साहब, बाजार मे 200 सं बेसी व्यापारिक दोकान छल। सभ बाढ़ि मे बहि गेल। किछु ऊंच भवन बांचल अछि, मुदा ओकर नीचां मलबा भरल अछि। विद्यालय, अस्पताल, थाना-चौकी सभ समाप्त भए गेल।
स्थिति देखबाक लेल नीचां उतरला पर एकटा ध्वस्त मकानक आगू 11 वर्षक
एकटा बच्ची भेटल। ओकर नाम गीता अछि। बाढ़िक त्रासदी मे गीताक माता-पिता, भाइ आ घर सभ किछु उजड़ि गेल। गीता कहलनि जे आब हमर कोइ नहि बांचल। मात्र एकटा चाचा जीवित छथि। मुदा चाची आ हुनकर बच्चा सभ सेहो बाढ़ि मे बहि गेल। ओकर लगपास 50 वर्षक गौनी लाई अपन टूटल घरक आगू सं मलबा हटेबा मे लागल छल। ओ कहलनि, बुध भोर मे हम गायक चारा आनय लेल ऊपर गेल छलहुं। एहि कारण जीवित बचि गेलहुं। वापस अएलहुं तं देखलहुं जे घर आ गाय दुनू बाढ़ि मे बहि गेल छल। आब मलबा हटबैत छी। पूछला पर ओ कहलनि जे हुनकर बेटा काठमांडू मे मजदूरी करैत छथि।
सभ किछु समाप्त भए गेल
विपदाक चारिम दिन लोक राहतकर्मी सभक संग अपन घरक मलबा हटेबा मे जुटल देखल गेल। एहि बीच रसुवागढ़ी व्यापारी संघक अध्यक्ष सियाल परियार सं भेंट भेल। ओ कहलनि, साहब, एतय आब सभ किछु समाप्त भए गेल अछि। ने दोकान बांचल अछि आ ने सामान। क्षतिक आकलन की करी? एतय तं मनुष्यक भारी क्षति भेल अछि। सड़क, बिजली सभ समाप्त भए गेल अछि। कखन धरि बहाल होयत, कहब कठिन अछि। सियाल कहलनि जे ई क्षेत्रक प्रमुख बाजार छल। आब की करताह, एहि प्रश्न पर ओ कहलनि, पहिने अपन जान बांचल रहय। तकर बाद सुनलहुं जे फेर बाढ़ि आबि सकैत अछि। रेडियो मे सेहो समाचार आएल अछि जे रसुवाक ऊपर फेर पानि जमा भए रहल अछि आ कोनो समय मे ई टूटि सकैत अछि। जिलाक प्रमुख सेहो लोक सभ कें सचेत केने छथि। एहि कारण लोक सभ फेर डरल छथि।
हुनकर अनुसार, राहति आ उद्धार कार्य चलि रहल अछि, मुदा मलबाक कारण बहुत परेशानी भए रहल अछि। राहति शिविर लगाओल गेल अछि, जाहि मे पैघ संख्या मे बांचल लोक रहि रहल छथि। अखन शिविर मे चूड़ा-चीनी देल जा रहल अछि। राहति पहुंचबाक बाट एखन पूर्ण रूप सं नहि खुलल अछि। शिविर मे चिकित्सकीय शिविर सेहो चलि रहल अछि।
आंखि मे अछि प्रश्न, आब आगू की होयत?
रसुवागढ़ी पुलिस चौकी मे कार्यरत गज लाल थापा कहलनि, जे सैलाब आयल, से राति नौ बजे के बाद एतय पहुंचल। ताहि सं पहिने बाढ़ि तिमुरे आ त्रिशूला बाजार कें निगलि चुकल छल। जं समय रहैत कोनो सूचना भेटि गेल रहैत तं एतेक पैघ जान-मालक क्षति नहि होइत। हमर तीनटा पुलिस चौकी कें सेहो जवान सभ सहित बाढ़ि बहा लेलक। एहि विपदाक पीड़ा देखैत-सुनैत हम ओतय सं विदा भेलहुं। मुदा जे देखलहुं, तकरा पर आंखि कें विश्वास करब सेहो कठिन छल। चारू कात वीरानगी आ सन्नाटा पसरल छल। जे बाजार कहियो लोकक चहल-पहल सं गुलजार रहैत छल, ओकर उजड़ल रूप लोक सभ अपन आंखि सं निहारि रहल छल। चारि दिन बीति गेलाक बाद बहुतो लोक अपन लापता परिजनक वापसीक आशा छोड़ि चुकल छथि। आब हुनकर आंखि मे मात्र एकटा प्रश्न आ डर शेष अछि – आब आगू की होयत?