भागलपुर मे बाढ़ि सं बिगड़ल स्थिति, एकहि परिवारक 5 गोटेक मृत्यु
- एक-दोसरा कें बचेबाक क्रम मे सभ गोटे डूबलाह
फोटो : फ्लड
भागलपुर, समदिया
गंगाक बढ़ैत जलस्तरक बीच बाइपास थाना क्षेत्रक कोयली खुटहा गाम मे सड़क पर जमा बाढ़िक पानि मे डूबि एकहि परिवारक पांच गोटेक मृत्यु भए गेल। मृतक मे तीन महिला सेहो छथि। दुर्घटनाक बाद गाम मे शोकक वातावरण अछि। एकटा अन्य व्यक्ति गंभीर रूप सं घायल छथि आ हुनकर इलाज मायागंज अस्पताल मे चलि रहल अछि। परिजनक अनुसार, परिवारक लोक खेत दिस जा रहल छलाह। रस्ता मे सड़क पर बाढ़िक पानि जमा छल। पानिक गहराइक अनुमान नहि लागलाक कारण परिवारक किछु सदस्य गहींर पानि मे चलि गेलाह। एकटा व्यक्ति कें डूबैत देखि कए दोसर हुनका बचेबा लेल आगू बढ़लाह। एहि क्रम मे कतेको गोटे गहींर पानि मे डूबि गेलाह।
स्थानीय ग्रामीण आ घटनास्थल पर उपस्थित लोक सभ तत्काल बचाव कार्य शुरू केलनि। सभ कें पानि सं बाहर निकालि अस्पताल पठाओल गेल, जतय चिकित्सक पांच गोटे कें मृत घोषित कए देलनि। गंभीर रूप सं घायल व्यक्तिक इलाज मायागंज अस्पताल मे भए रहल अछि, जखन कि तीन गोटे कें फैब्रिकेटेड अस्पताल मे राखल गेल अछि।
मृतकक पहिचान मंचों देवी, सोनाक्षी कुमारी, प्रिंस कुमार, अभिषेक कुमार आ अंशु प्रियाक रूप मे भेल अछि। सभ मृतक एकहि परिवारक बताओल जा रहल छथि। घटनाक सूचना भेटिते बाइपास थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंचि जानकारी लेलनि। थानाध्यक्ष, पंचायतक मुखिया आ स्थानीय लोक सेहो मायागंज अस्पताल पहुंचि गेलाह। पांच गोटेक मृत्यु सं कोयली खुटहा गाम मे शोक अछि। अस्पताल परिसर मे परिजनक चीत्कार सं वातावरण गमगीन भए गेल।
टीएमबीयू परिसर मे सेहो भरल बाढ़िक पानि
गंगाक बढ़ल जलस्तरक कारण तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) परिसर मे सेहो बाढ़िक पानि प्रवेश कए गेल अछि। प्रशासनिक भवन, सीनेट हॉल, महिला छात्रावास, कैंटीन, प्राध्यापक कॉलोनी सहित परिसरक अधिकांश भाग जलमग्न अछि। स्थिति एहन अछि जे पूरा विश्वविद्यालय परिसर टापू सन देखाइ पड़ि रहल अछि। जलजमाव सं विश्वविद्यालयक सामान्य गतिविधि प्रभावित भेल अछि। हालांकि जरूरी प्रशासनिक काज लेल कर्मचारी परिसर पहुंचि रहल छथि आ काजकाज कें कोनो तरहें जारी राखल जा रहल अछि। डिग्री, माइग्रेशन प्रमाणपत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज लेबाक लेल विश्वविद्यालय पहुंचयबला छात्र-छात्रा कें भारी कठिनाइक सामना करय पड़ि रहल अछि। किछु छात्र रिक्शाक सहारा लए रहल छथि, जखन कि किछु ठेहुन सं ऊपर धरि भरल पानि पार कए विश्वविद्यालय पहुंचि रहल छथि। पानि सं बचबाक लेल छात्र जूता-मोजा हाथ मे लेने सेहो देखल जा रहल छथि। मुख्य द्वार सं प्रशासनिक भवन आ विभिन्न विभाग धरि पहुंचनाइ कठिन भए गेल अछि। किछु स्थान पर पानिक गहराइ बेसी रहबाक कारण छात्र आ कर्मचारी नावक सहारा लए रहल छथि। छात्र सभक कहब अछि जे मानसूनक समय विश्वविद्यालय परिसर मे प्रत्येक वर्ष एहि तरहक स्थिति उत्पन्न होइत अछि।