घर-द्वारि छीनि रहल अछि गंडक, गाम-गाम घुसि रहल अछि गंगा
– नेपाल मे लगातार भए रहल बरखा सं बिगड़ल गंडकक स्थिति
- पटना, भागलपुर मे गाम-गाम पहुंचि रहल अछि गंगाक पानि
-
पटना मे गंगा कात भेटल तीन गोटेक शव
पटना, समदिया
राज्यक विभिन्न जिला मे बाढ़िक कहर देखल जा रहल अछि। स्थिति एहन अछि जे लोक रतिजगा करबाक लेल विवश छथि। पश्चिम चंपारण जिलाक योगापट्टी प्रखंडक सिसवा मंगलपुर पंचायतक सिसवा कुटी वार्ड नंबर 9 मे गंडक नदीक कटाव आब लोकक लेल प्रत्येक राति नव आतंक लए कए आबि रहल अछि। मंगलदिन राति करीब दू दर्जन ग्रामीणक आंखि सं निन्न गायब रहल। लोक पूरा राति नदीक तेज धार आ कटैत किनारा पर नजरि गड़ौने रहलाह। परिवार पहिनहि अपन-अपन घर खाली कए देने छल। सभक मन मे डर छल जे भोरे धरि हुनकर घर बचत कि नहि। राति भरि गंडकक कटाव तेज रहल आ देखिते-देखिते तीनटा मकान नदी मे विलीन भए गेल।
ओहि मकान मे विनोद प्रसाद पटेलक घर सेहो शामिल अछि। जे घर किछु दिन पहिने धरि ठाढ़ देखाइत छल, आब ओतय गंडकक धार बहि रहल अछि। कटावक भयावहता एहि सं बुझल जा सकैत अछि जे नदीक धार आब कतेको घर सं मात्र पांच डेगक दूरी पर पहुंचि गेल अछि। कटावक चपेट मे आएल करीब दू दर्जन आओर घर पर खतरा मंडरा रहल अछि। एहन स्थिति मे ग्रामीणक समक्ष सभ सं पैघ प्रश्न अछि जे अगिला राति केकर आशियाना नदी मे समा जाएत।
रातिभर नदीक कात मे जमल रहलाह लोक
राति मे कटाव तेज होयबाक सूचना भेटिते लोक घर सं बाहर निकलि अएलाह। पप्पू पांडेय, मोहन पटेल, गर्जन पटेल, विनोद पटेल, प्यारे लाल पटेल, पारस पटेल सहित कतेको ग्रामीण रातिभर कटैत कात आ नदीक धार पर नजरि रखने रहलाह। ग्रामीणक कहब अछि जे राति होइतहि डर बढ़ि जाइत अछि। लोक घर मे सूतबाक बदला जरूरी सामान आ परिवारक सुरक्षा लेल जागल रहैत छथि। कतेको लोक पहिनहि घर खाली कए देने छथि आ जे किछु बचाओल जा सकैत अछि, से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाओल जा रहल अछि।
आंखि मे अछि उजड़ैत घरक पीड़ा
कटाव प्रभावित परिवारक महिला आ बच्चा मे सभ सं बेसी भय देखल जा रहल अछि। नाजमी खातून, रबेया खातून, अपती देवी, लालमती देवी सहित अन्य महिलाक कहब अछि जे वर्षोक मेहनति सं बनाओल घर कें आंखिक सोझां नदी दिस बढ़ैत देखब अत्यंत पीड़ादायक अछि। परिवारक सोझां आब घर बचेबाक अपेक्षा बच्चा आ जरूरी सामान कें सुरक्षित रखबाक चिंता अछि। कतेको ग्रामीण अपनहि हाथ सं मकान तोड़ि ईंट, काठ आ अन्य सामान बचेबा मे जुटल छथि। जाहि घर कें बनेबा मे जीवन भरिक कमाइ लागि गेल, ओकरा कटाव सं पहिने अपने तोड़ि देब लोकक मजबूरी बनि गेल अछि।
प्रशासनक नहि पहुंचला सं बढ़ल आक्रोश
ग्रामीणक कहब अछि जे राति भरि कटाव तेज रहलाक बादो प्रशासनक कोनो अधिकारी घटनास्थल पर नहि पहुंचलाह। हालांकि जल संसाधन विभागक दल कें स्थिति सं अवगत करा देल गेल अछि। ग्रामीणक कहब अछि जे कटाव लगातार आबादी दिस बढ़ि रहल अछि आ आब तुरंत प्रभावकारी डेग उठेबाक आवश्यकता अछि। कटाव आ पानिक कारण गामक आवागमन सेहो प्रभावित अछि। ग्रामीण कें गाम आबय-जाइ लेल नावक सहारा लेबय पड़ि रहल अछि। महिला, बच्चा आ वृद्ध सेहो नावक माध्य मे एक ठाम सं दोसर ठाम पहुंचि रहल छथि।