एहि पार मिथिला, ओहि पार मिथिलाक संबंध आर होयत प्रगाढ़, नेपाल मे भारतीय बेटी कें नागरिकता भेटब भेल आसान
नव नियमक अंतर्गत देबय पड़त 5 जरूरी दस्तावेज
अररिया, समदिया
दू देशक प्रशासन एकटा महत्वपूर्ण पहल कएलक अछि। सीमा पार विवाहक बाद महिलाक नागरिकता आ जरूरी पहचान पत्र बनबैत समय होमयबला जटिलता दूर करबाक लेल भारत-नेपाल समन्वय समितिक बैठक मे विस्तृत सहमति बनल अछि। बैठक मे तय भेल जे दुनू देश मे विवाह भेल पुतोहु सभ कें आवश्यक वैध दस्तावेज आ प्रमाणक आधार पर नागरिकता देबाक प्रक्रिया सरल आ पारदर्शी बनाओल जाएत।
भारतक सीमावर्ती क्षेत्र सभ मे विशेष शिविर लगा कए नागरिकताक निर्धारित मापदंडक जानकारी देल जा रहल अछि आ कागजी प्रक्रिया शुरू कराओल जा रहल अछि। ओतहि नेपाल सरकार द्वारा नागरिकता सं संबंधित नियम अद्यतन कएल गेलाक बाद आब डिजिटल प्रमाणक आधार पर भारतीय पुतोहु सभ लेल अंगीकृत नेपाली नागरिकता प्राप्त करबाक बाट सेहो आसान भेल अछि। बैठक मे नेपालक झापा जिलाक प्रमुख जिला अधिकारी शिवराम गेलाल स्पष्ट कएलनि जे नियमक अनुसार पात्र महिलाक आवश्यक प्रमाण आ दस्तावेज उपलब्ध होइतहि नागरिकता जारी करबाक प्रक्रिया तेज कएल जाएत।
नेपालक वर्तमान कानून मे नागरिकताक प्रावधान
कानूनी प्रावधानक अनुसार कोनो नेपाली नागरिक सं विवाह कएनिहार विदेशी महिला अंगीकृत नेपाली नागरिकता लेल आवेदन कए सकैत छथि। एकरा लेल आवेदिका कें निर्धारित अधिकारीक समक्ष निम्नलिखित जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करय पड़त — वैध विवाह निबंधन प्रमाणपत्र, जे भारत अथवा नेपाल मे पंजीकृत हो, पतिक नेपाली नागरिकता प्रमाणपत्र, पहचान आ आवास संबंधी दस्तावेज, महिलाक मूल भारतीय पहचान पत्र अथवा पासपोर्ट आ जन्म प्रमाणपत्र, भारतीय नागरिकता त्याग करबाक आधिकारिक प्रमाण। उल्लेखनीय अछि जे सात वर्षक अनिवार्य प्रतीक्षा अवधिक प्रस्ताव 2020 मे चर्चा मे आयल छल। मुदा वर्तमान लागू व्यवस्था मे विवाह निबंधन आ पूर्व नागरिकता त्यागक वैध प्रमाण कें मुख्य आधार मानल गेल अछि।
सीमावर्ती परिवार सभ कें भेटत पैघ राहति
नेपालक विराटनगर निवासी फिरोजक कहब अछि जे दुनू देशक बीच विवाहक बाद सभ सं पैघ समस्या दस्तावेज मे त्रुटि अथवा दस्तावेज उपलब्ध नहि होयब अछि। एहि समस्याक समाधान आवश्यक छल। अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीओ) अनिकेत कुमार कहलनि जे दुनू देशक नागरिकक अभिलेख मे सुधार आ नागरिकता सं संबंधित विषय पर समन्वय समितिक बैठक मे सकारात्मक विमर्श भेल अछि। आवश्यक कागजात दुरुस्त भेलाक बाद नियमानुसार नागरिकता देबाक प्रक्रिया पूरा कएल जाएत। एहि पहल सं भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र मे रहनिहार हजारो परिवारक वर्षो पुरान समस्या दूर होयबाक आशा अछि।