पटना, समदिया
राज्य मे बाढ़िक पानि धीरे-धीरे घटि रहल अछि, मुदा पानि घटबाक संग-संग बाढ़ि सं भेल तबाहीक वास्तविक तस्वीर सेहो सामने आबि रहल अछि। खेत-खरिहान सं लए कए सड़क, पुल-पुलिया, बांध, घर-मकान आ अन्य आधारभूत संरचना धरि बाढ़िक व्यापक असरि पड़ल अछि। राज्य सरकारक प्रारंभिक आकलनक अनुसार बाढ़ि सं करीब 10 हजार करोड़ रुपैयाक नोकसान भेल अछि। मुदा ई अंतिम आंकड़ा नहि अछि। पानि पूरा तरहें उतरि गेलाक बाद विभिन्न विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण आ विस्तृत सर्वेक्षणक आधार पर अंतिम क्षतिक आकलन कएल जाएत।
बाढ़िक सब सं बेसी असरि खेती पर पड़ल अछि। कृषि विभागक प्रारंभिक रिपोर्टक अनुसार राज्यक 18 जिलाक 102 प्रखंड मे करीब 1.76 लाख हेक्टेयर फसिल प्रभावित भेल अछि। एहि फसल क्षतिक अनुमानित मूल्य करीब 270 करोड़ रुपैया अछि। विभागक कहब अछि जे ई आंकड़ा प्रारंभिक अछि आ खेत मे पानि पूरा तरहें निकललाक बाद वास्तविक क्षतिक आकलन कएल जाएत। ताहि कारण नुकसानक राशि आगू बेसी होयबाक संभावना अछि।
बाढ़ि सं धान, मकइ, तरकारी, केरा सहित कतेको फसिल प्रभावित भेल अछि। भागलपुर मे करीब 45 हजार हेक्टेयर आ भोजपुर मे करीब 25 हजार हेक्टेयर फसिल क्षति भेलाक प्रारंभिक आकलन अछि। बेगूसराय मे करीब 21 हजार आ समस्तीपुर मे 10 हजार हेक्टेयर फसिल प्रभावित भेल अछि। पटना, वैशाली, खगड़िया, बक्सर, लखीसराय, रोहतास, सारण, कटिहार, पश्चिम चंपारण, मुंगेर, अरवल, शेखपुरा आ पूर्णिया सेहो प्रभावित जिलाक सूची मे अछि।
कृषि क्षति सं किसानक सामने आबि रहल संकट मात्र एक मौसिमक फसिल बर्बादी तक सीमित नहि अछि। खेत मे लागल पूंजी डूबि गेलाक बाद अगिला फसिल लेल बीआ, खाद, मजदूरी आ खेत तैयार करबाक खर्चक समस्या किसानक सामने रहत। सरकार द्वारा निर्धारित आपदा राहति प्रावधानक अंतर्गत 33 प्रतिशत सं बेसी फसल क्षति भेल किसान कें इनपुट अनुदान देबाक व्यवस्था अछि। असिंचित क्षेत्र लेल न्यूनतम 1000, सिंचित क्षेत्र लेल 2000 आ बहुवर्षीय फसिल लेल न्यूनतम 2500 रुपैया अनुदानक प्रावधान अछि।
बाढ़िक समग्र क्षति मे खेतीक अतिरिक्त ग्रामीण सड़क, पुल-पुलिया, तटबंध, बिजली, पेयजल आ घर-मकानक नोकसान सेहो शामिल अछि। सरकारक प्रारंभिक आकलन अनुसार प्रभावित परिवारक संख्या करीब 50 लाख धरि बताओल गेल अछि। तत्काल राहतिक रूप मे सत्यापित बाढ़ि प्रभावित परिवार कें 7-7 हजार रुपैया देबाक प्रक्रिया चलि रहल अछि। मुदा दीर्घकालीन पुनर्वास, क्षतिग्रस्त सड़क-पुलक मरम्मत, तटबंधक पुनर्निर्माण आ किसान कें खेती मे वापस अनबाक लेल बेसी संसाधनक आवश्यकता पड़त।
सरकारक अनुमानक अंतिम तस्वीर पानि पूरा तरहें उतरला आ विस्तृत सर्वेक्षण पूरा भेलाक बादे स्पष्ट होयत। प्रारंभिक रिपोर्टक आधार पर 10 हजार करोड़ रुपैयाक नोकसान आ 270 करोड़ रुपैयाक फसिल क्षति बिहारक सामने बाढ़ि सं उत्पन्न आर्थिक चुनौतीक गंभीरता कें देखबैत अछि। अंतिम सर्वेक्षण मे नुकसानक आंकड़ा बढ़बाक संभावना सेहो व्यक्त कएल गेल अछि।